त्योहार के खर्च के बाद कई परिवार हर महीने थोड़ी बचत की आदत डालना चाहते हैं। इसके लिए पोस्ट ऑफिस की नेशनल सेविंग्स रेकरिंग डिपॉजिट, यानी RD, योजना एक सरल विकल्प है। इसमें हर महीने एक तय रकम जमा होती है और अवधि पूरी होने पर ब्याज के साथ पैसा मिलता है। यह भारत सरकार की लघु बचत योजना है। जानिए पोस्ट ऑफिस RD खाता कैसे खोलें।
मुख्य नियम
इंडिया पोस्ट और राष्ट्रीय बचत संस्थान की जानकारी के अनुसार:
- अवधि 5 साल, यानी 60 मासिक किस्तें
- कम से कम मासिक जमा 100 रुपये, उसके बाद 10 रुपये के गुणक में
- ज्यादा से ज्यादा जमा की कोई सीमा नहीं
- ब्याज तिमाही आधार पर चक्रवृद्धि होता है
- ब्याज दर केंद्र सरकार हर तिमाही घोषित करती है
मौजूदा ब्याज दर के लिए इंडिया पोस्ट या राष्ट्रीय बचत संस्थान की वेबसाइट देखें।

कौन खोल सकता है
- कोई भी वयस्क भारतीय, अकेले या संयुक्त रूप से, अधिकतम तीन वयस्क
- नाबालिग की ओर से अभिभावक
- 10 साल से ज्यादा उम्र का नाबालिग अपने नाम से
खाता कैसे खोलें
1. नजदीकी डाकघर जाएं
2. खाता खोलने का फॉर्म भरें
3. KYC के लिए आधार और PAN दें, फोटो लगाएं
4. पहली किस्त नकद या चेक से जमा करें
5. पासबुक लें
अगर पोस्ट ऑफिस में पहले से बचत खाता है, तो कई सेवाएं ऑनलाइन भी ली जा सकती हैं।
यह भी पढ़ें: FD और RD में क्या फर्क है: किसमें कैसे जमा होता है पैसा, ब्याज, टैक्स और DICGC बीमा की जानकारी | पोस्ट ऑफिस बचत खाता कैसे खोलें: न्यूनतम बैलेंस, ब्याज, दस्तावेज, ATM कार्ड और ऑनलाइन बैंकिंग
किस्त हर महीने कब जमा करें
अगर खाता महीने की 15 तारीख तक खोला है, तो अगली किस्तें हर महीने 15 तारीख तक जमा करनी होती हैं। 15 के बाद खोला है तो महीने के आखिरी कार्य दिवस तक। किस्तें इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB) ऐप या डाकघर बचत खाते से अपने आप कटने की सुविधा से भी जमा हो सकती हैं।
किस्त छूट जाए तो
देर से जमा पर नियमों के तहत डिफॉल्ट शुल्क लगता है। लगातार कई किस्तें छूटने पर खाता बंद माना जा सकता है, जिसे तय समय के अंदर बकाया जमा करके दोबारा चालू कराया जा सकता है। ताजा नियम डाकघर से पता करें।
दूसरी सुविधाएं
- एक साल बाद, कुछ किस्तें जमा होने पर, जमा रकम के एक हिस्से तक लोन की सुविधा
- 3 साल बाद समय से पहले बंद करने का विकल्प, तब ब्याज कम मिल सकता है
- अवधि पूरी होने पर 5 साल और बढ़ाने का विकल्प
- नॉमिनी जोड़ने की सुविधा
टैक्स
RD पर मिलने वाला ब्याज आयकर के दायरे में आता है और आपकी आय में जुड़ता है। RD में जमा पर धारा 80C की छूट नहीं मिलती।
किसके लिए ठीक
जिन्हें हर महीने छोटी रकम सुरक्षित तरीके से बचानी है और बाजार का जोखिम नहीं लेना, उनके लिए यह अच्छा विकल्प है।
बैंक RD और पोस्ट ऑफिस RD में क्या फर्क है?
बैंक RD की दर और अवधि हर बैंक तय करता है, जबकि पोस्ट ऑफिस RD की दर सरकार तय करती है।
स्रोत: इंडिया पोस्ट: डाकघर बचत योजनाएं, राष्ट्रीय बचत संस्थान, वित्त मंत्रालय। जानकारी अक्टूबर 2026 तक की।






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