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गूगल ने स्कूलों के लिए बदले नियम: एआई और गूगल सर्च के इस्तेमाल पर लागू होंगी नई पाबंदियां

गूगल ने स्कूलों के लिए अपनी नीतियों को अपडेट किया है जिसके तहत छात्रों के लिए एआई टूल्स और सर्च इंजन के उपयोग को लेकर नए सुरक्षा नियम और पाबंदियां लागू की गई हैं।

गूगल ने स्कूलों के लिए बदले नियम: एआई और गूगल सर्च के इस्तेमाल पर लागू होंगी नई पाबंदियां
फाइल फोटो (Wikimedia Commons / Stéphane Mallarmé)

सारांश

  • आज के डिजिटल युग में शिक्षा का स्वरूप पूरी तरह बदल चुका है और तकनीक इसमें एक बड़ी भूमिका निभा रही है।
  • गूगल ने अपने वर्कस्पेस फॉर एजुकेशन प्लेटफॉर्म के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
  • गूगल सर्च दुनिया भर में जानकारी का सबसे बड़ा स्रोत है लेकिन छात्रों के लिए यह कभी-कभी जोखिम भरा भी हो सकता है।
  • इन बदलावों के बाद अब स्कूल प्रशासन और आईटी विभाग के पास पहले से कहीं अधिक नियंत्रण होगा।

आज के डिजिटल युग में शिक्षा का स्वरूप पूरी तरह बदल चुका है और तकनीक इसमें एक बड़ी भूमिका निभा रही है। इसी क्रम में दुनिया की दिग्गज टेक कंपनी गूगल ने एक बड़ा फैसला लिया है। गूगल ने स्कूलों और शैक्षणिक संस्थानों के लिए अपनी नीतियों और नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। यह बदलाव मुख्य रूप से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई और गूगल सर्च के उपयोग से संबंधित हैं। गूगल का उद्देश्य छात्रों को एक सुरक्षित और नियंत्रित डिजिटल वातावरण प्रदान करना है ताकि वे तकनीक का सही लाभ उठा सकें और किसी भी तरह के अनुचित कंटेंट या एआई के गलत इस्तेमाल से दूर रहें।

गूगल ने स्कूलों के लिए बदले नियम: एआई और गूगल सर्च के इस्तेमाल पर लागू होंगी नई पाबंदियां
फाइल फोटो (Wikimedia Commons / Stéphane Mallarmé)

गूगल वर्कस्पेस फॉर एजुकेशन में बड़े बदलाव

गूगल ने अपने वर्कस्पेस फॉर एजुकेशन प्लेटफॉर्म के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इन नियमों के तहत अब स्कूलों को यह अधिकार दिया गया है कि वे अपने छात्रों के लिए एआई और सर्च जैसी सेवाओं को किस तरह नियंत्रित करना चाहते हैं। गूगल का मानना है कि शैक्षणिक संस्थानों में तकनीक का उपयोग केवल ज्ञान बढ़ाने के लिए होना चाहिए। नए नियमों के अनुसार स्कूलों के पास अब अधिक प्रशासनिक नियंत्रण होगा जिससे वे यह तय कर सकेंगे कि छात्र किन सेवाओं का उपयोग कर सकते हैं और किनका नहीं। यह कदम विशेष रूप से उन चिंताओं को दूर करने के लिए उठाया गया है जो एआई के बढ़ते प्रभाव और छात्रों की सुरक्षा को लेकर जताई जा रही थीं।

छात्रों के लिए एआई टूल्स पर नियंत्रण

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में हो रही प्रगति ने शिक्षा जगत में कई चुनौतियां पेश की हैं। गूगल ने अब यह स्पष्ट कर दिया है कि स्कूलों में एआई टूल्स का उपयोग पूरी तरह से खुला नहीं रहेगा। नए नियमों के तहत अब छात्रों के लिए जेनेरेटिव एआई टूल्स तक पहुंच को सीमित किया जा सकता है। स्कूलों के एडमिनिस्ट्रेटर अब यह तय कर पाएंगे कि क्या छात्र एआई का उपयोग अपने असाइनमेंट या प्रोजेक्ट के लिए कर सकते हैं। गूगल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि छात्र अपनी रचनात्मकता और सोचने की क्षमता को विकसित करें न कि पूरी तरह से एआई पर निर्भर हो जाएं। इसके अलावा एआई द्वारा तैयार किए गए कंटेंट की सत्यता और सुरक्षा को लेकर भी कड़े मानक तय किए गए हैं।

गूगल सर्च के सुरक्षित अनुभव पर जोर

गूगल सर्च दुनिया भर में जानकारी का सबसे बड़ा स्रोत है लेकिन छात्रों के लिए यह कभी-कभी जोखिम भरा भी हो सकता है। गूगल ने स्कूलों के लिए सर्च नियमों में बदलाव करते हुए सेफ सर्च यानी सुरक्षित खोज को और अधिक प्रभावी बनाने का निर्णय लिया है। अब स्कूलों के खातों के माध्यम से की जाने वाली सर्च में फिल्टरिंग की प्रक्रिया को और मजबूत किया जाएगा। इससे यह सुनिश्चित होगा कि छात्रों को केवल उनकी उम्र और शिक्षा के अनुकूल परिणाम ही दिखाई दें। गूगल सर्च के इन नए नियमों का उद्देश्य छात्रों को इंटरनेट पर मौजूद आपत्तिजनक या भ्रामक सामग्री से बचाना है। स्कूल अब अपनी जरूरत के हिसाब से सर्च सेटिंग्स को कस्टमाइज कर सकेंगे जिससे छात्रों का ऑनलाइन अनुभव अधिक सुरक्षित और केंद्रित होगा।

डेटा सुरक्षा और गोपनीयता के कड़े मानक

छात्रों की गोपनीयता और उनके डेटा की सुरक्षा गूगल की नई नीति का एक अहम हिस्सा है। गूगल ने स्पष्ट किया है कि स्कूलों के लिए बनाए गए नए नियमों में डेटा गोपनीयता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। छात्रों द्वारा किए जाने वाले सर्च या एआई के साथ उनके संवाद का उपयोग विज्ञापनों के लिए नहीं किया जाएगा। गूगल ने अपनी नीतियों में यह बदलाव इसलिए किया है ताकि शैक्षणिक संस्थानों और अभिभावकों का भरोसा बना रहे। डेटा सुरक्षा के इन नए मानकों के तहत स्कूलों को यह जानकारी दी जाएगी कि उनके छात्रों का डेटा किस तरह सुरक्षित रखा जा रहा है और उसका उपयोग केवल शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए ही किया जा रहा है।

स्कूल प्रशासन को मिले नए अधिकार

इन बदलावों के बाद अब स्कूल प्रशासन और आईटी विभाग के पास पहले से कहीं अधिक नियंत्रण होगा। गूगल ने नए टूल्स और डैशबोर्ड उपलब्ध कराए हैं जिनकी मदद से स्कूल यह देख सकेंगे कि छात्र किन डिजिटल सेवाओं का सबसे अधिक उपयोग कर रहे हैं। स्कूल अब विशिष्ट आयु वर्ग के छात्रों के लिए अलग-अलग नियम बना सकते हैं। उदाहरण के लिए छोटी कक्षाओं के छात्रों के लिए एआई और सर्च पर अधिक पाबंदियां लगाई जा सकती हैं जबकि बड़ी कक्षाओं के छात्रों को कुछ छूट दी जा सकती है। यह लचीलापन स्कूलों को अपनी शैक्षणिक पद्धति के अनुसार तकनीक को ढालने में मदद करेगा।

डिजिटल लर्निंग के माहौल को सुरक्षित बनाना

गूगल द्वारा किए गए इन बदलावों का अंतिम लक्ष्य शिक्षा के लिए एक सुरक्षित और सकारात्मक डिजिटल माहौल तैयार करना है। तकनीक का उपयोग शिक्षा में एक सहायक के रूप में होना चाहिए न कि एक बाधा के रूप में। गूगल की नई नीतियां यह सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम हैं कि छात्र तकनीक का जिम्मेदारी से उपयोग करना सीखें। एआई और सर्च पर लगाई गई ये पाबंदियां छात्रों को सही दिशा में मार्गदर्शन देंगी और उन्हें इंटरनेट के खतरों से बचाए रखेंगी। गूगल भविष्य में भी अपनी नीतियों की समीक्षा करता रहेगा ताकि बदलती तकनीक के साथ छात्रों की सुरक्षा और शिक्षा की गुणवत्ता बनी रहे।

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स्रोत: Google News Tech

लेखक

Sudhanshu Tiwari

सुधांशु तिवारी डेमोक्रेटिक भारत लाइव के संस्थापक, मालिक और संपादक हैं। डिजिटल मीडिया में 6 साल से अधिक के अनुभव के साथ वे मुख्य रूप से राजनीति और चुनाव की खबरें कवर करते हैं, साथ ही देश, कारोबार और खेल से जुड़ी अहम खबरों का संपादन करते हैं। वेबसाइट की संपादकीय नीति, तथ्य-जांच और प्रकाशित सामग्री की अंतिम जिम्मेदारी उन्हीं की है।

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