भोजपुरी संगीत जगत में इन दिनों पुराने बॉलीवुड गानों की धुनों को नए कलेवर में पेश करने का चलन काफी बढ़ गया है। इसी कड़ी में भोजपुरी गायक नीलकमल सिंह का एक गाना ‘पगली देखावे अगरबत्ती’ दर्शकों के बीच जबरदस्त तरीके से छाया हुआ है। इस गाने की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसकी धुन बॉलीवुड की धक-धक गर्ल माधुरी दीक्षित के सुपरहिट गाने ‘दीदी तेरा देवर दीवाना’ से प्रेरित है। यह गाना न केवल सुना जा रहा है, बल्कि यूट्यूब पर इसके व्यूज का आंकड़ा भी हैरान करने वाला है।

नीलकमल सिंह का सुपरहिट अंदाज
नीलकमल सिंह भोजपुरी इंडस्ट्री के उन कलाकारों में से एक हैं, जिन्होंने बहुत ही कम समय में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। उनकी आवाज में जो देसीपन और ऊर्जा है, वह युवाओं को काफी आकर्षित करती है। ‘पगली देखावे अगरबत्ती’ गाने में भी नीलकमल ने अपनी गायकी से जान फूंक दी है। उन्होंने इस गाने को इस तरह से गाया है कि यह हर उम्र के लोगों की जुबान पर चढ़ गया है। इस गाने में नीलकमल सिंह का अंदाज काफी अलग और मनोरंजक नजर आता है, जो उनके प्रशंसकों को बहुत पसंद आ रहा है।
माधुरी दीक्षित के गाने से खास कनेक्शन
इस भोजपुरी गीत की धुन जिस बॉलीवुड गाने पर आधारित है, वह फिल्म ‘हम आपके हैं कौन’ का मशहूर गाना ‘दीदी तेरा देवर दीवाना’ है। मूल रूप से इस गाने को स्वर कोकिला लता मंगेशकर ने गाया था और माधुरी दीक्षित पर इसे फिल्माया गया था। नीलकमल सिंह ने उसी धुन को भोजपुरी के तड़के के साथ पेश किया है। जब कोई श्रोता इस गाने को सुनता है, तो उसे माधुरी दीक्षित के उस दौर की याद आ जाती है, लेकिन भोजपुरी के बोल इसे एक नया और स्थानीय रंग देते हैं। यही कारण है कि यह गाना आज भी लोगों के दिलों पर छुर्रियां चला रहा है।
पगली देखावे अगरबत्ती की लोकप्रियता के कारण
किसी भी गाने की सफलता के पीछे उसके बोल और संगीत का बड़ा हाथ होता है। इस गाने में भोजपुरी संस्कृति और आम बोलचाल के शब्दों का बहुत ही खूबसूरती से प्रयोग किया गया है। गाने के बोल सरल हैं, जिससे लोग इसे आसानी से गुनगुना पाते हैं। इसके अलावा, गाने का म्यूजिक वीडियो भी काफी आकर्षक है। इसमें विजुअल्स को इस तरह से तैयार किया गया है कि वे गाने के मूड के साथ पूरी तरह मेल खाते हैं। नीलकमल सिंह की स्क्रीन प्रेजेंस और उनके हाव-भाव गाने को और भी प्रभावी बनाते हैं।
गायकी और संगीत का बेहतरीन तालमेल
भोजपुरी संगीत में अक्सर शोर-शराबे की शिकायत रहती है, लेकिन नीलकमल सिंह के इस गाने में संगीत और गायकी का एक संतुलित तालमेल देखने को मिलता है। धुन पुरानी और जानी-पहचानी होने के बावजूद, इसमें जो नए वाद्य यंत्रों का प्रयोग किया गया है, वह इसे आधुनिक बनाता है। नीलकमल सिंह ने गाने के उतार-चढ़ाव को बहुत ही बारीकी से पकड़ा है। उनकी गायकी में एक तरह का प्रवाह है जो श्रोताओं को अंत तक बांधे रखता है। यही वजह है कि यह गाना रिलीज होने के काफी समय बाद भी अपनी चमक खोने नहीं दे रहा है।
यूट्यूब पर 396 मिलियन व्यूज का बड़ा आंकड़ा
किसी भी गाने की लोकप्रियता को मापने का आज के समय में सबसे बड़ा पैमाना यूट्यूब व्यूज हैं। नीलकमल सिंह के इस गाने ‘पगली देखावे अगरबत्ती’ ने यूट्यूब पर 396 मिलियन व्यूज का आंकड़ा पार कर लिया है। यह संख्या अपने आप में यह बताने के लिए काफी है कि इस गाने को कितना प्यार मिला है। भोजपुरी गानों के लिए इतने बड़े आंकड़े तक पहुंचना यह दर्शाता है कि क्षेत्रीय संगीत की पहुंच अब केवल गांवों या छोटे शहरों तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि इसे वैश्विक स्तर पर सुना जा रहा है।
भोजपुरी संगीत में रीमिक्स और प्रेरणा का दौर
यह पहली बार नहीं है जब किसी भोजपुरी गाने ने बॉलीवुड की धुन का सहारा लिया हो, लेकिन नीलकमल सिंह ने इसे जिस सफाई से पेश किया है, वह काबिले तारीफ है। ‘पगली देखावे अगरबत्ती’ की सफलता ने यह साबित कर दिया है कि अगर पुराने क्लासिक गानों को सही तरीके से और अपनी भाषा की मर्यादा के साथ पेश किया जाए, तो दर्शक उसे हाथों-हाथ लेते हैं। माधुरी दीक्षित के गाने की तर्ज पर बना यह गीत आज भी पार्टी और शादियों की शान बना हुआ है। नीलकमल सिंह की इस कामयाबी ने भोजपुरी संगीत जगत में उनके कद को और ऊंचा कर दिया है।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर, नीलकमल सिंह का गाना ‘पगली देखावे अगरबत्ती’ एक मनोरंजन से भरपूर पैकेज है। यह गाना न केवल माधुरी दीक्षित और लता मंगेशकर के उस दौर की याद दिलाता है, बल्कि भोजपुरी संगीत की बढ़ती लोकप्रियता का भी प्रमाण देता है। 396 मिलियन व्यूज हासिल करना कोई छोटी बात नहीं है, और यह नीलकमल सिंह की मेहनत और दर्शकों के प्यार का ही नतीजा है। आने वाले समय में भी इस गाने के व्यूज में और बढ़ोतरी होने की पूरी संभावना है, क्योंकि इसकी धुन और नीलकमल की आवाज का जादू आज भी बरकरार है।
स्रोत: Google News Bhojpuri Song




