ताज़ा खबर
Conway ruled out of ODI series with concussion, Kelly called in: भारतीय टीम के खिलाफ सीरीज पर बड़ा अपडेट टीवी सीरियल सेक्स एंड द सिटी की अभिनेत्री विवादों में घिर गई हैं विवाह पंचमी 2026: 14 दिसंबर को मनेगा राम-सीता विवाह का उत्सव, जानिए तिथि, कथा और परंपराएं BREAKING: UP government increases disaster relief and crop compensation amount BREAKING: यूपी सरकार ने आपदा राहत मुआवजा राशि में की बड़ी बढ़ोतरी LIVE: भारत अंडर-19 बनाम नेपाल अंडर-19 4वां मैच, भारत अंडर-19 ने टॉस जीतकर गेंदबाजी चुनी Collegium System Explained: How Supreme Court and High Court Judges Are Appointed in India Nothing ने दिसंबर लॉन्च के लिए स्क्रीन-लेस AI प्रोडक्ट का किया टीज़र
ट्रेंडिंग
सरकारी योजना

यूपी विवाह पंजीकरण ऑनलाइन कैसे करें: IGRS पोर्टल पर आवेदन, दस्तावेज, गवाह, सब-रजिस्ट्रार कार्यालय और प्रमाण पत्र

नवंबर में देव उठनी एकादशी के बाद शादियों का मौसम शुरू होता है। विवाह का पंजीकरण पासपोर्ट, बैंक, बीमा और कई सरकारी योजनाओं में काम आता है। जानिए उत्तर प्रदेश में विवाह पंजीकरण की ऑनलाइन प्रक्रिया।

यूपी विवाह पंजीकरण ऑनलाइन प्रक्रिया का ग्राफिक
ग्राफिक: डेमोक्रेटिक भारत लाइव

सारांश

  • देव उठनी एकादशी के बाद नवंबर से शादियों का मौसम शुरू हो जाता है।
  • 1. igrsup.gov.in पर जाएं और विवाह पंजीकरण वाला विकल्प चुनें
  • पंजीकरण के बाद विवाह पंजीकरण प्रमाण पत्र जारी होता है। इसकी प्रमाणित प्रति बाद में भी निकाली जा सकती है।
  • पंजीकरण के लिए सिर्फ सरकारी पोर्टल और कार्यालय का इस्तेमाल करें।

देव उठनी एकादशी के बाद नवंबर से शादियों का मौसम शुरू हो जाता है। शादी के बाद विवाह का पंजीकरण कराना कई कामों में जरूरी होता है, जैसे पासपोर्ट में नाम या पता बदलना, संयुक्त बैंक खाता, बीमा में नॉमिनी, वीजा और कई सरकारी योजनाएं। उत्तर प्रदेश में विवाह पंजीकरण स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन विभाग के तहत होता है, और इसका आवेदन विभाग के IGRS पोर्टल igrsup.gov.in पर ऑनलाइन शुरू किया जा सकता है। जानिए यूपी विवाह पंजीकरण कैसे करें।

किसके लिए

उत्तर प्रदेश में हुई शादी, या जिनमें पति या पत्नी में से कोई राज्य का निवासी हो, उनका पंजीकरण राज्य के नियमों के तहत होता है। शादी के समय दोनों की कानूनी उम्र पूरी होनी चाहिए, यानी लड़की 18 और लड़का 21 साल।

मुख्य बातें: यूपी विवाह पंजीकरण ऑनलाइन प्रक्रिया का ग्राफिक
ग्राफिक: डेमोक्रेटिक भारत लाइव

जरूरी दस्तावेज

आमतौर पर ये कागज मांगे जाते हैं:

  • पति और पत्नी का पहचान पत्र, जैसे आधार
  • पते का प्रमाण
  • उम्र का प्रमाण, जैसे हाईस्कूल प्रमाण पत्र या जन्म प्रमाण पत्र
  • शादी की संयुक्त फोटो
  • शादी का कार्ड या शादी होने का कोई प्रमाण
  • गवाहों के पहचान पत्र और फोटो

दस्तावेजों की ताजा सूची पोर्टल पर देखें।

ऑनलाइन आवेदन के स्टेप

1. igrsup.gov.in पर जाएं और विवाह पंजीकरण वाला विकल्प चुनें

2. नए आवेदन के लिए पंजीकरण करें और लॉगिन करें

3. पति, पत्नी और शादी की जानकारी भरें, जैसे तारीख और स्थान

4. गवाहों की जानकारी भरें

5. फोटो और दस्तावेज अपलोड करें

6. सब-रजिस्ट्रार कार्यालय चुनें

7. तय शुल्क भरें और आवेदन का प्रिंट लें

यह भी पढ़ें: शादी अनुदान योजना यूपी: बेटी की शादी के लिए 20,000 रुपये, आय सीमा, 90 दिन का नियम और ऑनलाइन आवेदन | यूपी जाति प्रमाण पत्र ऑनलाइन कैसे बनवाएं: ई-डिस्ट्रिक्ट पर आवेदन, दस्तावेज, सत्यापन, स्टेटस और डाउनलोड

सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में

ऑनलाइन आवेदन के बाद पति-पत्नी और गवाहों को तय तारीख पर संबंधित सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में मूल दस्तावेजों के साथ जाना होता है। वहां कागजों की जांच, फोटो और हस्ताक्षर के बाद पंजीकरण होता है।

प्रमाण पत्र

पंजीकरण के बाद विवाह पंजीकरण प्रमाण पत्र जारी होता है। इसकी प्रमाणित प्रति बाद में भी निकाली जा सकती है। प्रमाण पत्र की डिजिटल प्रति संभालकर रखें।

शादी अनुदान योजना से संबंध

उत्तर प्रदेश में गरीब परिवारों की बेटियों की शादी के लिए समाज कल्याण विभाग की शादी अनुदान योजना भी है। इसके आवेदन में शादी से जुड़े कागज मांगे जाते हैं। इसकी जानकारी अलग से विभाग की वेबसाइट पर देखें।

आम गलतियां

  • नाम की वर्तनी अलग-अलग कागजों में अलग होना
  • उम्र का पक्का प्रमाण न होना
  • गवाहों का साथ न आना

सावधानी

पंजीकरण के लिए सिर्फ सरकारी पोर्टल और कार्यालय का इस्तेमाल करें। दलालों को अतिरिक्त पैसे न दें और रसीद जरूर लें।

क्या पुरानी शादी का भी पंजीकरण हो सकता है?

हां, शादी के कई साल बाद भी पंजीकरण कराया जा सकता है। इसकी शर्तें और शुल्क पोर्टल या सब-रजिस्ट्रार कार्यालय से जानें।

प्रमाण पत्र कहां काम आता है

विवाह पंजीकरण प्रमाण पत्र पासपोर्ट में जीवनसाथी का नाम जोड़ने, संयुक्त संपत्ति, बीमा क्लेम, विदेश यात्रा के वीजा और कई सरकारी योजनाओं में मांगा जाता है। इसकी प्रति डिजिलॉकर में भी रखें।

स्रोत: स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन विभाग, उत्तर प्रदेश (IGRS)। जानकारी अक्टूबर 2026 तक की।

लेखक

Sudhanshu Tiwari

सुधांशु तिवारी डेमोक्रेटिक भारत लाइव के संस्थापक, मालिक और संपादक हैं। डिजिटल मीडिया में 6 साल से अधिक के अनुभव के साथ वे मुख्य रूप से राजनीति और चुनाव की खबरें कवर करते हैं, साथ ही देश, कारोबार और खेल से जुड़ी अहम खबरों का संपादन करते हैं। वेबसाइट की संपादकीय नीति, तथ्य-जांच और प्रकाशित सामग्री की अंतिम जिम्मेदारी उन्हीं की है।

अपनी राय लिखें

WhatsApp Facebook X