उत्तर प्रदेश में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के लोगों को छात्रवृत्ति, सरकारी नौकरी, शिक्षण संस्थानों में प्रवेश और कई सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए जाति प्रमाण पत्र की जरूरत होती है। यह प्रमाण पत्र राजस्व विभाग, यानी तहसील के स्तर से जारी होता है और इसके लिए आवेदन ई-डिस्ट्रिक्ट व्यवस्था से ऑनलाइन होता है। जानिए यूपी जाति प्रमाण पत्र कैसे बनवाएं।
कहां से आवेदन करें
- ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल edistrict.up.gov.in पर नागरिक लॉगिन से खुद
- नजदीकी जन सेवा केंद्र या लोकवाणी केंद्र से
जन सेवा केंद्र पर सेवा शुल्क लगता है, जिसकी जानकारी वहीं से लें।

जरूरी दस्तावेज
आमतौर पर ये दस्तावेज मांगे जाते हैं:
- आवेदक का फोटो
- आधार कार्ड या कोई दूसरा पहचान पत्र
- निवास का प्रमाण
- परिवार में पहले से बना किसी सदस्य का जाति प्रमाण पत्र हो तो उसकी प्रति, जैसे पिता का
- स्व-घोषणा पत्र, जो पोर्टल पर उपलब्ध प्रारूप में होता है
ओबीसी के लिए क्रीमी लेयर से जुड़ी जानकारी या आय से जुड़े कागज भी मांगे जा सकते हैं। ताजा सूची पोर्टल पर देखें।
ऑनलाइन आवेदन के स्टेप
1. edistrict.up.gov.in पर जाएं और नागरिक के रूप में पंजीकरण करें
2. मोबाइल नंबर और OTP से लॉगिन करें
3. सेवाओं में जाति प्रमाण पत्र चुनें
4. फॉर्म में नाम, पिता का नाम, पता, जाति और उपजाति, और परिवार की जानकारी भरें
5. दस्तावेज और फोटो अपलोड करें
6. तय शुल्क ऑनलाइन भरें
7. आवेदन संख्या और रसीद सहेज लें
यह भी पढ़ें: यूपी निवास प्रमाण पत्र ऑनलाइन कैसे बनवाएं: ई-डिस्ट्रिक्ट से आवेदन, दस्तावेज, सत्यापन और डाउनलोड | यूपी भूलेख खतौनी ऑनलाइन कैसे देखें: खाता संख्या, खसरा या नाम से खोजें, नकल और भू-नक्शा की जानकारी
सत्यापन कैसे होता है
आवेदन के बाद लेखपाल स्तर पर जांच होती है। लेखपाल आवेदक के गांव या मोहल्ले में पूछताछ और रिकॉर्ड के आधार पर रिपोर्ट देते हैं। इसके बाद राजस्व निरीक्षक और तहसीलदार स्तर से प्रमाण पत्र मंजूर होता है। सरकार ने इस सेवा के लिए समय सीमा तय की है, जिसकी जानकारी पोर्टल पर दी गई है।
स्टेटस और डाउनलोड
पोर्टल पर आवेदन की स्थिति विकल्प में आवेदन संख्या डालकर स्टेटस देखा जा सकता है। मंजूरी के बाद डिजिटल हस्ताक्षर वाला प्रमाण पत्र पोर्टल से डाउनलोड या प्रिंट किया जा सकता है। प्रमाण पत्र पर दी गई संख्या से कोई भी विभाग पोर्टल पर इसकी सत्यता जांच सकता है।
केंद्र सरकार की नौकरी के लिए
केंद्र सरकार की नौकरियों और केंद्रीय संस्थानों के लिए ओबीसी प्रमाण पत्र केंद्र सरकार के प्रारूप में मांगा जाता है। आवेदन करते समय पोर्टल पर सही प्रारूप चुनें, ताकि बाद में दिक्कत न हो।
आम गलतियां
- फॉर्म में जाति या उपजाति की वर्तनी गलत भरना
- आधार और दूसरे कागजों में नाम अलग होना
- गलत तहसील चुनना
- आवेदन संख्या सहेजना भूल जाना
आवेदन खारिज हो तो
कारण पोर्टल पर देखें। कागज की कमी हो तो सुधार के साथ दोबारा आवेदन करें। जांच से असहमति हो तो तहसील में संबंधित अधिकारी से संपर्क करें।
क्या जाति प्रमाण पत्र दोबारा बनवाना पड़ता है?
ज्यादातर मामलों में जाति प्रमाण पत्र लंबे समय तक मान्य रहता है, लेकिन ओबीसी नॉन-क्रीमी लेयर की शर्त वाले कई कामों में हाल का प्रमाण पत्र मांगा जाता है। संबंधित विभाग की शर्त देख लें।
स्रोत: ई-डिस्ट्रिक्ट उत्तर प्रदेश, राजस्व परिषद, उत्तर प्रदेश। जानकारी अक्टूबर 2026 तक की।





