देवउठनी एकादशी के बाद शादियों का मौसम शुरू होने वाला है। गरीब परिवारों के लिए बेटी की शादी का खर्च बड़ी चिंता होता है। ऐसे परिवारों की मदद के लिए उत्तर प्रदेश सरकार शादी अनुदान योजना चलाती है। इसमें पात्र परिवार को बेटी की शादी के लिए 20,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। योजना समाज कल्याण, पिछड़ा वर्ग कल्याण और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग अपनी-अपनी श्रेणी के लिए चलाते हैं। जानिए शादी अनुदान योजना यूपी के लिए आवेदन कैसे करें।
कितनी सहायता मिलती है
योजना में हर पात्र बेटी की शादी के लिए 20,000 रुपये दिए जाते हैं। एक परिवार की अधिकतम दो बेटियों को यह लाभ मिल सकता है। राशि DBT के जरिए सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है।

आय सीमा
जिला प्रशासन और विभाग की जानकारी के अनुसार:
- अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और सामान्य वर्ग: ग्रामीण क्षेत्र में सालाना पारिवारिक आय 46,080 रुपये और शहरी क्षेत्र में 56,460 रुपये तक
- अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आय सीमा अलग तय है, जिसकी जानकारी पोर्टल पर दी गई है
- वृद्धावस्था पेंशन, निराश्रित महिला पेंशन या दिव्यांग पेंशन पाने वाले आवेदकों को आय प्रमाण पत्र की जरूरत नहीं होती
उम्र की शर्त
- शादी की तारीख पर बेटी की उम्र कम से कम 18 साल
- वर की उम्र कम से कम 21 साल
उम्र कम होने पर आवेदन खारिज हो जाता है।
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आवेदन का समय
आवेदन शादी की तारीख से 90 दिन पहले से लेकर शादी के 90 दिन बाद तक किया जा सकता है। इसके बाद आवेदन मान्य नहीं होता। इसलिए शादी की तारीख तय होते ही आवेदन की तैयारी शुरू कर दें।
जरूरी दस्तावेज
- ऑनलाइन जारी आय प्रमाण पत्र
- अनुसूचित जाति और जनजाति के लिए तहसील से ऑनलाइन जारी जाति प्रमाण पत्र का क्रमांक
- आवेदक और बेटी का आधार
- शादी का कार्ड या शादी की तारीख का प्रमाण
- बेटी और वर की उम्र का प्रमाण
- बैंक खाते की पासबुक
- फोटो
ऑनलाइन आवेदन कैसे करें
- shadianudan.upsdc.gov.in पोर्टल पर जाएं
- अपनी श्रेणी के अनुसार सही फॉर्म चुनें, क्योंकि सामान्य, अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक के फॉर्म अलग हैं
- पंजीकरण करके फॉर्म भरें
- दस्तावेज अपलोड करें और आवेदन जमा करें
- आवेदन का प्रिंट निकालकर दस्तावेजों की स्व-प्रमाणित प्रति के साथ संबंधित खंड विकास अधिकारी या उपजिलाधिकारी कार्यालय में जमा करें, जैसा जिले के निर्देश में बताया गया है
योजना में केवल ऑनलाइन आवेदन स्वीकार किए जाते हैं। जन सेवा केंद्र से भी आवेदन कराया जा सकता है।
सत्यापन और भुगतान
आवेदन के बाद ग्रामीण क्षेत्र में खंड विकास अधिकारी और शहरी क्षेत्र में उपजिलाधिकारी के स्तर पर सत्यापन होता है। जिला अधिकारी की स्वीकृति के बाद राशि खाते में भेजी जाती है। आवेदन की स्थिति पोर्टल पर देखी जा सकती है।
क्या सामूहिक विवाह योजना और शादी अनुदान दोनों मिल सकते हैं?
दोनों अलग योजनाएं हैं। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में शामिल होने वाले जोड़े की शर्तें अलग हैं। एक ही शादी के लिए दोनों का लाभ लेने के नियम जिला समाज कल्याण अधिकारी से पुष्टि करें।
स्रोत: शादी अनुदान पोर्टल, उत्तर प्रदेश, जिला मऊ, उत्तर प्रदेश सरकार: विवाह अनुदान योजना। जानकारी अक्टूबर 2026 तक की।





