आईपीएस अधिकारी अनुकृति शर्मा को उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए 'केंद्रीय गृहमंत्री दक्षता पदक' से सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने संभल जिले में तैनाती के दौरान 12 राज्यों में फैले 100 करोड़ रुपये से अधिक के एक बड़े बीमा घोटाले का पर्दाफाश किया था। इस जांच के माध्यम से पुलिस ने एक ऐसे गिरोह को पकड़ा था जो धोखाधड़ी के लिए गंभीर अपराधों को अंजाम देता था।
बीमा घोटाले का पर्दाफाश
अनुकृति शर्मा जब संभल जिले में तैनात थीं, तब उन्होंने एक संगठित सिंडिकेट की गतिविधियों को उजागर किया। यह गिरोह बीमा की राशि हड़पने के लिए जीवित व्यक्तियों को कागजों पर मृत घोषित कर देता था। जांच में पाया गया कि यह नेटवर्क केवल उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं था, बल्कि देश के 12 अलग-अलग राज्यों में सक्रिय था।
पुलिस की छानबीन में यह चौंकाने वाली बात सामने आई कि बीमा क्लेम प्राप्त करने के लिए यह गिरोह हत्या जैसे जघन्य अपराध भी करता था। इन हत्याओं को जानबूझकर सड़क दुर्घटना का रूप दिया जाता था ताकि बीमा कंपनियों से मोटी रकम वसूली जा सके। अनुकृति शर्मा के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई ने एक बहुत बड़े आपराधिक तंत्र को ध्वस्त कर दिया।
50 से अधिक गिरफ्तारियां
इस व्यापक घोटाले की जांच के दौरान पुलिस ने कड़ी कार्रवाई करते हुए 50 से ज्यादा आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा। पुलिस ने साक्ष्यों के आधार पर यह प्रमाणित किया कि यह पूरा घोटाला 100 करोड़ रुपये से अधिक का था। इस मामले की गंभीरता और जांच की गुणवत्ता को देखते हुए ही अधिकारी के कार्य की सराहना की गई है।
अधिकारी का परिचय
अनुकृति शर्मा वर्ष 2020 बैच की भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारी हैं। संभल में अपनी सेवाएं देने के बाद, वर्तमान में वह नोएडा में तैनात हैं। उनकी इस उपलब्धि और कर्तव्यनिष्ठा के कारण केंद्र सरकार ने उन्हें इस प्रतिष्ठित पदक के लिए चुना है। यह सम्मान पुलिस बल में बेहतर जांच और कार्यक्षमता प्रदर्शित करने वाले अधिकारियों को दिया जाता है।





