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IFSC कोड क्या है: 11 अंकों के कोड का मतलब, कहां मिलता है और पैसे भेजते समय गलती से कैसे बचें

ऑनलाइन पैसे भेजने के लिए IFSC कोड जरूरी है। जानिए इस कोड का पूरा मतलब और इसे कैसे खोजें।

बैंक पासबुक और चेक बुक का प्रतीकात्मक चित्र
प्रतीकात्मक तस्वीर (AI निर्मित) | ग्राफिक: डेमोक्रेटिक भारत लाइव

सारांश

  • जब हम नेट बैंकिंग या मोबाइल बैंकिंग से किसी के खाते में पैसे भेजते हैं, तो खाता नंबर के साथ IFSC कोड भी मांगा जाता है।
  • RBI के अनुसार IFSC का पांचवां अक्षर शून्य होता है। कई लोग इसे अंग्रेजी का O समझकर गलत भर देते हैं, जिससे लेनदेन में दिक्कत आ सकती है।
  • IFSC शाखा की पहचान करता है, लेकिन पैसा किसके खाते में जाएगा यह खाता नंबर तय करता है।
  • कई बार ठग खुद को बैंक कर्मचारी बताकर IFSC, खाता नंबर के साथ OTP या PIN भी मांगते हैं।

जब हम नेट बैंकिंग या मोबाइल बैंकिंग से किसी के खाते में पैसे भेजते हैं, तो खाता नंबर के साथ IFSC कोड भी मांगा जाता है। बहुत से लोग इसे बस एक औपचारिकता समझते हैं, लेकिन यही कोड तय करता है कि पैसा सही बैंक की सही शाखा तक पहुंचे। इस लेख में RBI की जानकारी के आधार पर समझिए IFSC कोड क्या है।

IFSC कोड क्या है

IFSC का पूरा नाम इंडियन फाइनेंशियल सिस्टम कोड है। RBI के अनुसार यह अक्षरों और अंकों से बना कोड है, जो NEFT व्यवस्था में शामिल हर बैंक शाखा की अलग पहचान बताता है। NEFT व्यवस्था इसी कोड से पैसे भेजने वाले और पाने वाले बैंक तथा शाखा को पहचानती है और संदेश को सही जगह तक पहुंचाती है।

मुख्य बातें: बैंक पासबुक और चेक बुक का प्रतीकात्मक चित्र
प्रतीकात्मक तस्वीर (AI निर्मित) | ग्राफिक: डेमोक्रेटिक भारत लाइव

11 अक्षरों का मतलब

RBI के अनुसार IFSC 11 अक्षरों का कोड है:

  • पहले 4 अक्षर: बैंक की पहचान, ये अंग्रेजी के अक्षर होते हैं
  • 5वां अक्षर: हमेशा 0 यानी शून्य
  • आखिरी 6 अक्षर: बैंक की शाखा की पहचान

उदाहरण के लिए अगर कोई कोड ABCD0123456 जैसा है, तो ABCD बैंक का कोड है, 0 तय अंक है और 123456 शाखा का कोड है। यह उदाहरण केवल समझाने के लिए है।

5वां अक्षर 0 ही क्यों

RBI के अनुसार IFSC का पांचवां अक्षर शून्य होता है। कई लोग इसे अंग्रेजी का O समझकर गलत भर देते हैं, जिससे लेनदेन में दिक्कत आ सकती है। इसलिए कोड भरते समय ध्यान रखें कि पांचवां अक्षर अंक 0 है।

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IFSC कोड कहां मिलेगा

  • अपनी बैंक पासबुक या खाते के विवरण में
  • चेक बुक पर, क्योंकि RBI ने बैंकों को चेक पर शाखा का IFSC छापने की सलाह दी है
  • अपने बैंक की वेबसाइट या मोबाइल ऐप पर
  • RBI की वेबसाइट पर, जहां NEFT में शामिल बैंक शाखाओं और उनके IFSC की सूची उपलब्ध है
  • बैंक शाखा से सीधे पूछकर

IFSC कहां काम आता है

IFSC का इस्तेमाल NEFT, RTGS और IMPS जैसे ऑनलाइन फंड ट्रांसफर में होता है। RBI के NEFT FAQ के अनुसार किसी को नेट बैंकिंग या मोबाइल बैंकिंग में लाभार्थी के रूप में जोड़ते समय उसका नाम, बैंक शाखा का नाम, IFSC, खाते का प्रकार और खाता नंबर देना होता है। वेतन, पेंशन और सरकारी योजनाओं के पैसे खाते में आने के लिए भी IFSC सही होना जरूरी है।

NEFT में IFSC की भूमिका

NEFT यानी नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड्स ट्रांसफर देश भर में एक बैंक खाते से दूसरे बैंक खाते में पैसे भेजने की व्यवस्था है। इसमें हर लेनदेन का संदेश पैसे भेजने वाली शाखा से पाने वाली शाखा तक जाता है। RBI के अनुसार IFSC की मदद से ही NEFT व्यवस्था यह तय करती है कि संदेश किस बैंक और किस शाखा तक पहुंचे। गलत IFSC होने पर लेनदेन अटक सकता है या लौट सकता है।

खाता नंबर ज्यादा अहम

IFSC शाखा की पहचान करता है, लेकिन पैसा किसके खाते में जाएगा यह खाता नंबर तय करता है। इसलिए IFSC के साथ खाता नंबर और लाभार्थी का नाम भी ध्यान से जांचें। बहुत से बैंक लाभार्थी जोड़ते समय खाते का नाम दिखाते हैं, उसे जरूर मिलाएं।

शाखा बदलने या बैंक विलय पर

अगर बैंक की शाखा बदलती है या किसी बैंक का दूसरे बैंक में विलय होता है, तो IFSC बदल सकता है। ऐसे में बैंक आम तौर पर ग्राहकों को सूचना देता है। पुराने कोड से भेजा गया पैसा अटक न जाए, इसके लिए नया IFSC अपने बैंक से जरूर पता कर लें और जिन लोगों या संस्थाओं से पैसे आते हैं, उन्हें भी अपडेट करें।

पैसे भेजते समय सावधानी

  • लाभार्थी का खाता नंबर और IFSC दो बार जांचें।
  • किसी अनजान वेबसाइट से IFSC लेने की जगह बैंक या RBI की वेबसाइट देखें।
  • पहली बार किसी को बड़ी रकम भेजने से पहले छोटी रकम भेजकर जांच लें।
  • गलत खाते में पैसा चला जाए तो तुरंत अपने बैंक को लिखित में सूचना दें।

लेनदेन ट्रैक कैसे करें

RBI के अनुसार किसी लेनदेन की जानकारी के लिए बैंक को UTR नंबर, लेनदेन की तारीख, भेजने वाले और पाने वाले का IFSC, रकम और लाभार्थी का नाम जैसी जानकारी देनी पड़ सकती है। इसलिए लेनदेन का संदेश या रसीद संभालकर रखें।

ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचें

कई बार ठग खुद को बैंक कर्मचारी बताकर IFSC, खाता नंबर के साथ OTP या PIN भी मांगते हैं। याद रखें कि IFSC और खाता नंबर से कोई आपके खाते से पैसा नहीं निकाल सकता, लेकिन OTP, PIN या पासवर्ड बताने से नुकसान हो सकता है। बैंक कभी फोन पर ये जानकारी नहीं मांगता।

IFSC का पूरा नाम क्या है

इंडियन फाइनेंशियल सिस्टम कोड।

IFSC कितने अक्षरों का होता है

11 अक्षरों का।

IFSC का पांचवां अक्षर क्या होता है

हमेशा 0 यानी शून्य।

IFSC कहां मिलता है

पासबुक, चेक बुक, बैंक की वेबसाइट और RBI की वेबसाइट पर।

सलाह लें: किसी भी लेनदेन से पहले IFSC और खाता नंबर अपने बैंक से पक्का करें। गलत ट्रांसफर या धोखाधड़ी की स्थिति में तुरंत अपने बैंक से संपर्क करें।

स्रोत: RBI: NEFT FAQs, RBI: IFSC search

लेखक

Sudhanshu Tiwari

सुधांशु तिवारी डेमोक्रेटिक भारत लाइव के संस्थापक, मालिक और संपादक हैं। डिजिटल मीडिया में 6 साल से अधिक के अनुभव के साथ वे मुख्य रूप से राजनीति और चुनाव की खबरें कवर करते हैं, साथ ही देश, कारोबार और खेल से जुड़ी अहम खबरों का संपादन करते हैं। वेबसाइट की संपादकीय नीति, तथ्य-जांच और प्रकाशित सामग्री की अंतिम जिम्मेदारी उन्हीं की है।

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