मुंबई, 5 नवंबर 2026: दिवाली से ठीक पहले दलाल स्ट्रीट पर गुरुवार को जबरदस्त रौनक दिखी। बीएसई का सेंसेक्स 2,008.61 अंक यानी 2.60 फीसदी की छलांग लगाकर 79,310.01 पर बंद हुआ। एनएसई का निफ्टी 50 भी 576 अंक यानी 2.40 फीसदी चढ़कर 24,536.60 पर टिका। रिपोर्टों के मुताबिक इस एक दिन की तेजी से निवेशकों की संपत्ति में करीब 8 लाख करोड़ रुपये का इजाफा हुआ। यह लगातार छठा सत्र रहा जब दोनों प्रमुख सूचकांक हरे निशान में बंद हुए।
एक दिन में कहां से कहां पहुंचा बाजार
बुधवार को सेंसेक्स 77,301.40 और निफ्टी 23,960.60 पर बंद हुआ था। गुरुवार सुबह सेंसेक्स 78,910.94 पर और निफ्टी 24,378.05 पर खुला, यानी शुरुआत से ही बाजार में खरीदारी का माहौल था। दिन चढ़ने के साथ तेजी और गहरी होती गई। कारोबार के दौरान सेंसेक्स 79,470.03 और निफ्टी 24,579.90 के ऊपरी स्तर तक गया। बाजार से जुड़ी रिपोर्टों के अनुसार पिछले छह सत्रों में दोनों सूचकांक लगभग 8 फीसदी चढ़ चुके हैं। हालांकि यह भी ध्यान रखने वाली बात है कि साल की शुरुआत से अब तक के हिसाब से दोनों सूचकांक अभी भी नुकसान में बताए जा रहे हैं।
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तेजी की पहली वजह: अमेरिकी मध्यावधि चुनाव के नतीजे
इस रैली के पीछे सबसे बड़ा ट्रिगर अमेरिका से आया। मध्यावधि चुनाव में डेमोक्रेट्स के मजबूत प्रदर्शन और रिपब्लिकन पार्टी को लगे झटके के बाद बुधवार रात अमेरिकी बाजारों में तेज उछाल देखा गया। रिपोर्टों के मुताबिक डाउ जोंस करीब 3 फीसदी, एसएंडपी 500 लगभग 1.6 फीसदी और नैस्डैक लगभग 1.4 फीसदी चढ़ा। बाजार के जानकारों का मानना है कि कांग्रेस में बदले समीकरण से वॉशिंगटन की नीतियों में संयम आ सकता है। इससे ईरान से जुड़े टकराव में तनाव घटने और टैरिफ नीतियों में बदलाव की उम्मीदें बढ़ी हैं। इसी उम्मीद ने एशियाई बाजारों के साथ भारतीय बाजार में भी जोखिम लेने की भूख बढ़ाई।
दूसरी वजह: कच्चे तेल में भारी गिरावट
भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए कच्चे तेल की कीमत भारतीय शेयर बाजार के लिए सबसे अहम पैमानों में से एक है। पश्चिम एशिया में तनाव घटने की उम्मीद से इस हफ्ते तेल के दाम तेजी से फिसले। रिपोर्टों के अनुसार ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आकर 94 से 96 डॉलर के दायरे में कारोबार करता दिखा। सस्ता तेल भारत के आयात बिल, महंगाई और चालू खाते के घाटे पर दबाव कम करता है। इसका सीधा फायदा उन कंपनियों को मिलता है जिनकी लागत में ईंधन का बड़ा हिस्सा होता है, जैसे विमानन, ऑटो और पेंट कंपनियां। गुरुवार को इन्हीं सेक्टरों के शेयरों में अच्छी तेजी दिखी, जो इस तर्क को मजबूत करती है।
तीसरी वजह: विदेशी निवेशकों की वापसी
लंबे समय तक बिकवाली करने के बाद विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) अब भारतीय बाजार में लौटते दिख रहे हैं। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक FII ने 3 नवंबर को 6,836.81 करोड़ रुपये और 4 नवंबर को 7,284.03 करोड़ रुपये के शेयर नकद बाजार में खरीदे। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी के विजयकुमार के हवाले से बताया गया है कि पिछले चार सत्रों में FII करीब 20,834 करोड़ रुपये के शेयर खरीद चुके हैं। विदेशी पूंजी के आने से बाजार में नकदी बढ़ती है और रुपये को भी सहारा मिलता है। गुरुवार को रुपया डॉलर के मुकाबले 29 पैसे मजबूत होकर 94.36 पर खुला था।
चौथी वजह: अच्छे तिमाही नतीजे और कमजोर डॉलर
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के रिसर्च प्रमुख विनोद नायर के अनुसार दूसरी तिमाही के अच्छे कारोबारी नतीजों ने भी बाजार के भरोसे को ठोस आधार दिया है। उनका कहना है कि कच्चा तेल, बॉन्ड यील्ड, कंपनियों की कमाई और विदेशी निवेश, चारों मोर्चे इस समय बाजार के पक्ष में दिख रहे हैं। अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड और डॉलर में नरमी से भारत जैसे उभरते बाजारों की तरफ निवेशकों का झुकाव बढ़ने की उम्मीद रहती है।

किन शेयरों ने दिलाई सबसे ज्यादा कमाई
सेंसेक्स के शेयरों में बजाज फाइनेंस 7.77 फीसदी चढ़कर सबसे आगे रहा। इंडिगो में 5.80 फीसदी, आईसीआईसीआई बैंक में 5.29 फीसदी, मारुति सुजुकी में 5.28 फीसदी और महिंद्रा एंड महिंद्रा में 5.15 फीसदी की तेजी आई। बजाज फिनसर्व 4.66 फीसदी और एशियन पेंट्स 4.46 फीसदी ऊपर बंद हुए। एक्सिस बैंक, इटर्नल, अल्ट्राटेक सीमेंट, इंफोसिस और एचडीएफसी बैंक भी 3 फीसदी से ज्यादा चढ़े।
तेजी के इस माहौल में भी कुछ शेयर पिछड़ गए। एनटीपीसी 1.65 फीसदी गिरकर सेंसेक्स का सबसे कमजोर शेयर रहा। भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, अडानी पोर्ट्स, पावर ग्रिड, आईटीसी और भारती एयरटेल में भी हल्की गिरावट दर्ज हुई।
सेक्टरों का हाल
सेक्टर के हिसाब से देखें तो वित्तीय सेवाओं और ऑटो शेयरों ने बाजार की अगुवाई की। निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज एक्स बैंक 4.24 फीसदी और निफ्टी ऑटो 4.14 फीसदी चढ़ा। निफ्टी रियल्टी में 3.52 फीसदी, निफ्टी प्राइवेट बैंक में 3.44 फीसदी और निफ्टी पीएसयू बैंक में 3.13 फीसदी की बढ़त रही। निफ्टी आईटी भी 2.42 फीसदी ऊपर बंद हुआ। दूसरी तरफ निफ्टी मीडिया 0.84 फीसदी और निफ्टी केमिकल्स 0.63 फीसदी गिरे। ब्रॉडर मार्केट में निफ्टी मिडकैप 100 करीब 1.87 फीसदी चढ़ा, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 में बढ़त 0.56 फीसदी तक सीमित रही। यानी इस रैली में बड़े और मझोले शेयरों का दबदबा ज्यादा रहा।
आगे क्या ध्यान रखें निवेशक
बाजार के जानकार इस तेजी को लेकर उत्साहित तो हैं, लेकिन सावधानी की सलाह भी दे रहे हैं। विनोद नायर का कहना है कि रैली टिकेगी या नहीं, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि बाजार की चौड़ाई मजबूत बनी रहती है या नहीं और पश्चिम एशिया में तनाव घटने की उम्मीद असल कदमों में बदलती है या नहीं। स्टॉक्सकार्ट के प्रणय अग्रवाल के मुताबिक आगे निवेशकों की नजर वैश्विक ब्याज दरों, कच्चे तेल, रुपये की चाल और कंपनियों के नतीजों पर रहेगी, और उतार चढ़ाव बना रह सकता है। दिवाली के मौके पर होने वाले मुहूर्त ट्रेडिंग सत्र से पहले यह तेजी बाजार के मूड को साफ तौर पर सकारात्मक बना रही है।
अस्वीकरण: यह खबर केवल जानकारी के लिए है, इसे निवेश की सलाह न मानें। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से बात करें।
स्रोत: बीएसई, एनएसई, बाजार से जुड़ी मीडिया रिपोर्टें (India Today, News18, NDTV Profit) और जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के विशेषज्ञों के बयान।






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