दिवाली के दिन शेयर बाजार आम तौर पर बंद रहता है, लेकिन शाम को एक घंटे का विशेष कारोबारी सत्र होता है, जिसे मुहूर्त ट्रेडिंग कहा जाता है। कई निवेशक इसे नए साल की शुभ शुरुआत मानकर इस दौरान थोड़ी खरीदारी करते हैं। इस साल दिवाली 8 नवंबर 2026 को है। जानिए दिवाली पर मुहूर्त ट्रेडिंग क्या है और इसमें किन बातों का ध्यान रखें।
मुहूर्त ट्रेडिंग की परंपरा
भारत के व्यापारी समुदाय में दिवाली को नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत माना जाता रहा है। इस दिन बही-खाता पूजन होता है और नए खाते शुरू किए जाते हैं। इसी परंपरा से शेयर बाजार में मुहूर्त ट्रेडिंग शुरू हुई। इसे विक्रम संवत के नए साल की शुरुआत से भी जोड़ा जाता है। स्टॉक एक्सचेंज दशकों से यह विशेष सत्र आयोजित करते आ रहे हैं।

सत्र का समय
मुहूर्त ट्रेडिंग का सत्र आम तौर पर लगभग एक घंटे का होता है। इसका सटीक समय हर साल नेशनल स्टॉक एक्सचेंज और BSE अपने सर्कुलर के जरिए घोषित करते हैं। सत्र से पहले कुछ मिनट का प्री-ओपन सत्र भी होता है। समय की जानकारी के लिए एक्सचेंज की वेबसाइट या अपने ब्रोकर की सूचना देखें, सोशल मीडिया पर फैली जानकारी पर भरोसा न करें।
क्या-क्या होता है
इस सत्र में इक्विटी, डेरिवेटिव, कमोडिटी और करेंसी जैसे सेगमेंट में कारोबार हो सकता है, जैसा एक्सचेंज तय करें। मुहूर्त सत्र में किए गए सौदों पर सेटलमेंट की सामान्य जिम्मेदारी लागू होती है। यानी इंट्राडे पोजीशन को सत्र के अंत तक बंद करना होता है, और खरीदे गए शेयरों का भुगतान तय नियमों के अनुसार करना होता है।
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निवेशक इसे शुभ क्यों मानते हैं
कई परिवार मुहूर्त ट्रेडिंग में किसी अच्छी कंपनी के कुछ शेयर या म्यूचुअल फंड यूनिट खरीदकर साल की शुरुआत करते हैं। इसे धनतेरस पर सोना खरीदने जैसी परंपरा के रूप में देखा जाता है। यह भावना से जुड़ा फैसला है। इसके पीछे कोई गारंटी नहीं कि इस दिन खरीदे गए शेयर फायदा देंगे।
नए निवेशकों के लिए सावधानियां
- सत्र छोटा होता है, इसलिए कुछ शेयरों में अचानक उतार-चढ़ाव हो सकता है
- शगुन के नाम पर बिना शोध किए किसी शेयर में बड़ी रकम न लगाएं
- सोशल मीडिया और मैसेज पर आने वाली “मुहूर्त टिप्स” से सावधान रहें
- मार्केट ऑर्डर की जगह लिमिट ऑर्डर का इस्तेमाल करें, ताकि कीमत पर नियंत्रण रहे
- इंट्राडे और डेरिवेटिव ट्रेडिंग में जोखिम ज्यादा है, अनुभव न हो तो दूर रहें
लंबी अवधि का नजरिया
मुहूर्त ट्रेडिंग को परंपरा के रूप में देखें, कमाई के मौके के रूप में नहीं। शेयर बाजार में निवेश अपने लक्ष्य, जोखिम क्षमता और समय सीमा को ध्यान में रखकर करें। नए हैं, तो म्यूचुअल फंड या इंडेक्स फंड जैसे विकल्पों से शुरुआत कर सकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या मुहूर्त ट्रेडिंग के लिए अलग खाता चाहिए?
नहीं, आपके सामान्य डीमैट और ट्रेडिंग खाते से ही मुहूर्त सत्र में कारोबार किया जा सकता है।
स्रोत: नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE), BSE। जानकारी अक्टूबर 2026 तक की।






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