धनतेरस पर सोना खरीदना शुभ माना जाता है, लेकिन अब सोना खरीदने के कई तरीके हैं। कोई ज्वेलर से सिक्का या गहना लेता है, कोई मोबाइल ऐप पर कुछ रुपये का डिजिटल गोल्ड खरीदता है और कोई शेयर बाजार में गोल्ड ETF लेता है। ये तीनों दिखने में एक जैसे लगते हैं, लेकिन इनके नियम, खर्च और जोखिम अलग हैं। जानिए डिजिटल गोल्ड, गोल्ड ETF और असली सोने में क्या फर्क है। इस लेख में सोने के भाव नहीं दिए गए हैं, उसके लिए IBJA की वेबसाइट देखें।
असली सोना
सोने के गहने, सिक्के और बार आप अपने पास रखते हैं। गहनों में मेकिंग चार्ज लगता है, जो बेचते समय वापस नहीं मिलता। सिक्के और बार में यह खर्च कम होता है। असली सोना खरीदते समय BIS हॉलमार्क और HUID जरूर देखें। इसे सुरक्षित रखने के लिए लॉकर या घर में सुरक्षा का इंतजाम करना पड़ता है।

डिजिटल गोल्ड
कई ऐप और प्लेटफॉर्म बहुत कम रकम से सोना खरीदने की सुविधा देते हैं, जिसे डिजिटल गोल्ड कहा जाता है। इसमें प्लेटफॉर्म आपकी ओर से सोना रखने का दावा करता है। ध्यान देने वाली बात यह है कि SEBI ने निवेशकों को सावधान किया है कि डिजिटल गोल्ड उसके नियमन के दायरे में नहीं आता और ऐसे उत्पादों में निवेशक सुरक्षा के वे नियम लागू नहीं होते जो प्रतिभूतियों पर लागू होते हैं। यानी किसी विवाद या प्लेटफॉर्म की दिक्कत की स्थिति में जोखिम ज्यादा हो सकता है। खरीद और बिक्री की कीमत में अंतर और GST का भी ध्यान रखें।
गोल्ड ETF
गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड शेयर बाजार में खरीदे-बेचे जाते हैं और SEBI के नियमों के अधीन हैं। हर यूनिट के पीछे फंड के पास सोना होता है। इसके लिए डीमैट और ट्रेडिंग खाता जरूरी है। इसमें मेकिंग चार्ज और स्टोरेज की चिंता नहीं होती, लेकिन फंड का खर्च अनुपात और ब्रोकरेज लगता है।
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गोल्ड म्यूचुअल फंड
जिनके पास डीमैट खाता नहीं है, वे गोल्ड फंड ऑफ फंड में निवेश कर सकते हैं, जो गोल्ड ETF में पैसा लगाते हैं। इनमें SIP की सुविधा भी मिलती है। ये भी SEBI के नियमन में हैं।
कौन सा विकल्प किसके लिए
- पहनने या परंपरा के लिए: हॉलमार्क वाले गहने या सिक्के
- केवल निवेश के लिए: गोल्ड ETF या गोल्ड म्यूचुअल फंड
- डिजिटल गोल्ड: सुविधाजनक है, लेकिन नियमन न होने का जोखिम समझकर ही लें
टैक्स
सोने के अलग-अलग रूपों पर बेचते समय कैपिटल गेन टैक्स के नियम अलग हो सकते हैं। ताजा नियम आयकर विभाग की वेबसाइट या टैक्स सलाहकार से जानें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या पूरी बचत सोने में लगा देनी चाहिए?
नहीं, आम तौर पर सोने को पूरे निवेश का एक हिस्सा ही रखना बेहतर माना जाता है। अपने लक्ष्य के अनुसार किसी वित्तीय सलाहकार से बात करें।
स्रोत: भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI), इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन। जानकारी अक्टूबर 2026 तक की।






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