धनतेरस पर सोना, चांदी या बर्तन खरीदना समृद्धि की कामना से जुड़ी परंपरा है। आज कई परिवार इस दिन को लंबी अवधि के निवेश की शुरुआत के लिए भी चुनते हैं, जैसे म्यूचुअल फंड में सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान यानी SIP। धनतेरस 6 नवंबर 2026 को है, और उससे पहले तैयारी करके इसी दिन पहली किस्त शुरू की जा सकती है। जानिए धनतेरस पर SIP शुरू करने के लिए क्या करना होगा।
SIP क्या है
SIP में आप हर महीने या तय अंतराल पर एक निश्चित रकम म्यूचुअल फंड में लगाते हैं। बाजार ऊपर हो या नीचे, रकम वही रहती है, इसलिए कीमत कम होने पर ज्यादा यूनिट और ज्यादा होने पर कम यूनिट मिलती हैं। लंबी अवधि में यह अनुशासित निवेश की आदत बनाता है। SIP कम रकम से भी शुरू हो सकती है, जो फंड के अनुसार अलग होती है।

पहले KYC
म्यूचुअल फंड में निवेश के लिए KYC जरूरी है। इसके लिए पैन, आधार, फोटो और बैंक खाते की जानकारी चाहिए। KYC फंड हाउस की वेबसाइट, रजिस्ट्रार, ब्रोकर ऐप या म्यूचुअल फंड वितरक के जरिए ऑनलाइन हो सकता है। धनतेरस से कुछ दिन पहले KYC पूरा कर लें, ताकि उस दिन निवेश में रुकावट न हो।
लक्ष्य तय करें
फंड चुनने से पहले यह तय करें कि पैसा किस लिए और कितने समय के लिए लगा रहे हैं, जैसे बच्चों की पढ़ाई, घर या रिटायरमेंट।
- लंबी अवधि, जैसे सात साल या ज्यादा: इक्विटी फंड पर विचार किया जा सकता है, जिनमें जोखिम और उतार-चढ़ाव ज्यादा है
- मध्यम अवधि: हाइब्रिड फंड
- कम अवधि: डेट या लिक्विड फंड
नए निवेशक अक्सर इंडेक्स फंड से शुरुआत करते हैं, क्योंकि इनमें खर्च कम और ढांचा सरल होता है।
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डायरेक्ट और रेगुलर प्लान
हर फंड के दो प्लान होते हैं। डायरेक्ट प्लान में आप सीधे फंड हाउस से निवेश करते हैं और खर्च अनुपात कम होता है। रेगुलर प्लान वितरक के जरिए होता है, जिसमें कमीशन शामिल होने से खर्च ज्यादा होता है, लेकिन सलाह की सुविधा मिलती है। अपनी जानकारी और जरूरत के हिसाब से चुनें।
फंड चुनते समय क्या देखें
- फंड का उद्देश्य और जोखिम स्तर, जो रिस्कोमीटर पर दिखाया जाता है
- खर्च अनुपात
- लंबी अवधि में प्रदर्शन, केवल पिछले साल का नहीं
- फंड मैनेजर और फंड हाउस का रिकॉर्ड
- एग्जिट लोड
SIP की तारीख और ऑटो डेबिट
SIP की तारीख तनख्वाह आने के कुछ दिन बाद रखें। बैंक खाते से ऑटो डेबिट के लिए मैंडेट दें। खाते में पैसे न होने पर किस्त फेल हो सकती है और बैंक शुल्क लगा सकता है।
जोखिम समझें
म्यूचुअल फंड बाजार जोखिम के अधीन हैं और रिटर्न की कोई गारंटी नहीं होती। गिरावट के समय घबराकर SIP बंद न करें। जरूरत हो, तो SEBI में पंजीकृत निवेश सलाहकार से सलाह लें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या SIP बीच में रोक सकते हैं?
हां, SIP कभी भी रोकी या बंद की जा सकती है। कुछ फंड में तय समय से पहले यूनिट बेचने पर एग्जिट लोड लगता है।
स्रोत: एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI), भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI)। जानकारी अक्टूबर 2026 तक की।
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