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दिवाली पर बच्चों को शेयर या म्यूचुअल फंड गिफ्ट करें: नाबालिग का खाता, अभिभावक के नियम और टैक्स

बच्चों को निवेश का उपहार देने का विचार, नाबालिग के नाम म्यूचुअल फंड फोलियो, नाबालिग का डीमैट खाता, अभिभावक की भूमिका, बैंक खाता और KYC, 18 साल होने पर स्थिति बदलना, आय जोड़ने का टैक्स नियम और रिश्तेदारों के उपहार।

बच्चों को शेयर या म्यूचुअल फंड गिफ्ट करने की जानकारी का ग्राफिक
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सारांश

  • दिवाली पर बच्चों को कपड़े, खिलौने और मिठाई के साथ पैसे भी दिए जाते हैं।
  • 18 साल से कम उम्र के बच्चे के नाम पर म्यूचुअल फंड फोलियो खोला जा सकता है।
  • बच्चे के 18 साल का होने पर फोलियो और डीमैट खाते की स्थिति नाबालिग से बालिग में बदलवानी होती है।
  • उपहार में मिले निवेश को बच्चों के साथ बैठकर समझाएं, जैसे कंपनी क्या करती है या फंड कैसे बढ़ता है।

दिवाली पर बच्चों को कपड़े, खिलौने और मिठाई के साथ पैसे भी दिए जाते हैं। यही रकम अगर बच्चे के नाम किसी लंबी अवधि के निवेश में लगा दी जाए, तो उसकी पढ़ाई या भविष्य के लिए अच्छी पूंजी बन सकती है। कई माता-पिता और दादा-दादी अब बच्चों को म्यूचुअल फंड यूनिट या शेयर उपहार में देने लगे हैं। जानिए दिवाली पर बच्चों को शेयर या म्यूचुअल फंड गिफ्ट करने के नियम।

नाबालिग के नाम म्यूचुअल फंड

18 साल से कम उम्र के बच्चे के नाम पर म्यूचुअल फंड फोलियो खोला जा सकता है। इसमें बच्चा ही एकमात्र धारक होता है और माता-पिता या कानूनी अभिभावक उसकी ओर से संचालन करते हैं। संयुक्त धारक की अनुमति नहीं होती। इसके लिए आम तौर पर ये चीजें चाहिए:

  • बच्चे की उम्र का प्रमाण, जैसे जन्म प्रमाण पत्र या पासपोर्ट
  • अभिभावक के साथ रिश्ते का प्रमाण
  • अभिभावक का KYC
  • बच्चे के नाम या बच्चे और अभिभावक के संयुक्त नाम का बैंक खाता, जैसा फंड हाउस के नियम हों
मुख्य बातें: बच्चों को शेयर या म्यूचुअल फंड गिफ्ट करने की जानकारी का ग्राफिक
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नाबालिग का डीमैट खाता

शेयर उपहार में देने के लिए बच्चे के नाम डीमैट खाता खोला जा सकता है, जिसे अभिभावक चलाते हैं। नाबालिग के खाते में शेयर खरीदे और रखे जा सकते हैं, लेकिन इंट्राडे और डेरिवेटिव ट्रेडिंग जैसी गतिविधियों पर रोक होती है। आप अपने डीमैट खाते से शेयर बच्चे के डीमैट खाते में उपहार के रूप में ट्रांसफर भी कर सकते हैं, जिसकी प्रक्रिया आपका ब्रोकर या डिपॉजिटरी बताएगा।

18 साल होने पर

बच्चे के 18 साल का होने पर फोलियो और डीमैट खाते की स्थिति नाबालिग से बालिग में बदलवानी होती है। इसके लिए बच्चे का अपना KYC और बैंक खाता जरूरी है। स्थिति न बदलवाने पर नए लेनदेन रुक सकते हैं। इसके बाद निवेश पर बच्चे का पूरा नियंत्रण होता है।

यह भी पढ़ें: धनतेरस पर SIP शुरू करें: म्यूचुअल फंड में पहली बार निवेश के लिए KYC, फंड का चुनाव और जरूरी सावधानियां | दिवाली गिफ्ट पर टैक्स के नियम: रिश्तेदारों, दोस्तों और कंपनी से मिले उपहार पर कब लगता है इनकम टैक्स

टैक्स के नियम

  • आयकर नियमों के अनुसार नाबालिग बच्चे के नाम निवेश से होने वाली आय, जैसे कैपिटल गेन या डिविडेंड, आम तौर पर उस माता-पिता की आय में जोड़ी जाती है जिसकी आय ज्यादा है
  • इसमें प्रति बच्चे एक छोटी छूट मिलती है, जिसकी ताजा सीमा आयकर विभाग की वेबसाइट पर देखें
  • अगर आय बच्चे की अपनी मेहनत या हुनर से है, तो नियम अलग हैं
  • माता-पिता, दादा-दादी जैसे रिश्तेदारों से मिला उपहार बच्चे के हाथ में टैक्स फ्री होता है

कौन सा निवेश चुनें

बच्चे की पढ़ाई जैसे लंबी अवधि के लक्ष्य के लिए इक्विटी म्यूचुअल फंड या इंडेक्स फंड पर विचार किया जा सकता है। एक-एक शेयर चुनने की जगह विविधता वाले फंड में जोखिम कम होता है। म्यूचुअल फंड बाजार जोखिम के अधीन हैं, इसलिए लक्ष्य और अवधि समझकर निवेश करें।

बच्चों को पैसों की समझ

उपहार में मिले निवेश को बच्चों के साथ बैठकर समझाएं, जैसे कंपनी क्या करती है या फंड कैसे बढ़ता है। इससे उनमें बचत और निवेश की समझ बचपन से बनती है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या दादा-दादी बच्चे के नाम SIP शुरू कर सकते हैं?

फोलियो का संचालन माता-पिता या कानूनी अभिभावक करते हैं। दादा-दादी अभिभावक के जरिए उपहार की रकम दे सकते हैं, जिसके तीसरे पक्ष के भुगतान से जुड़े नियम फंड हाउस से जांचें।

स्रोत: एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI), आयकर विभाग, भारत सरकार। जानकारी अक्टूबर 2026 तक की।

लेखक

Sudhanshu Tiwari

सुधांशु तिवारी डेमोक्रेटिक भारत लाइव के संस्थापक, मालिक और संपादक हैं। डिजिटल मीडिया में 6 साल से अधिक के अनुभव के साथ वे मुख्य रूप से राजनीति और चुनाव की खबरें कवर करते हैं, साथ ही देश, कारोबार और खेल से जुड़ी अहम खबरों का संपादन करते हैं। वेबसाइट की संपादकीय नीति, तथ्य-जांच और प्रकाशित सामग्री की अंतिम जिम्मेदारी उन्हीं की है।

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