ताज़ा खबर
अंटार्कटिक संधि: 1959 में 12 देशों का समझौता, बर्फीले महाद्वीप पर सेना और खनन पर रोक, मैड्रिड प्रोटोकॉल और भारत की भूमिका What Is BRICS? Members, New Development Bank and India’s Role as Chair in 2026 BREAKING: 4 नवंबर को चंडीगढ़ में बीजेपी का सिख सम्मेलन आयोजित प्रधानमंत्री वन धन योजना: आदिवासी समूहों को महुआ, इमली और शहद जैसी वन उपज से कमाई, वन धन विकास केंद्र और TRIFED की भूमिका BREAKING: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरदार पटेल कौशल योजना का शुभारंभ करेंगे Guru Nanak Jayanti: Significance of Gurpurab, Prabhat Pheri, Akhand Path and the Teachings of Guru Nanak पुराना सामान ऑनलाइन बेचने में फ्रॉड: दिवाली की सफाई के बाद बिक्री करते समय QR कोड और फर्जी खरीदार से बचें BREAKING: तमिलनाडु में सरकारी नौकरियों के लिए अधिकतम उम्र सीमा में पांच साल की छूट
ट्रेंडिंग
आपका पैसा

दिवाली गिफ्ट पर टैक्स के नियम: रिश्तेदारों, दोस्तों और कंपनी से मिले उपहार पर कब लगता है इनकम टैक्स

दिवाली पर मिलने वाले नकद, सोना, गिफ्ट वाउचर और दूसरे उपहारों पर इनकम टैक्स कब लगता है, रिश्तेदार किसे माना जाता है, 50 हजार रुपये की सीमा, नियोक्ता से मिले गिफ्ट और रिकॉर्ड रखने की सलाह।

दिवाली गिफ्ट पर इनकम टैक्स के नियम बताने वाला ग्राफिक
ग्राफिक: डेमोक्रेटिक भारत लाइव

सारांश

  • दिवाली पर मिठाई और उपहारों का लेन-देन आम है। कई बार लोगों को नकद, सोने के सिक्के, गिफ्ट वाउचर या महंगे सामान भी उपहार में मिलते हैं।
  • रिश्तेदारों से मिले उपहार पर कोई सीमा नहीं है, वे टैक्स फ्री हैं।
  • नकद के अलावा सोना, चांदी, गहने, शेयर, कलाकृतियां जैसी चीजें भी इसमें गिनी जाती हैं, अगर उन्हें बिना कीमत या कम कीमत पर दिया गया हो।
  • बड़े उपहार मिलने पर देने वाले का नाम, रिश्ता, तारीख और रकम का रिकॉर्ड रखें।

दिवाली पर मिठाई और उपहारों का लेन-देन आम है। कई बार लोगों को नकद, सोने के सिक्के, गिफ्ट वाउचर या महंगे सामान भी उपहार में मिलते हैं। बहुत से लोग नहीं जानते कि कुछ स्थितियों में उपहार पर भी इनकम टैक्स लगता है। जानिए दिवाली गिफ्ट पर टैक्स के नियम क्या हैं। यह जानकारी सामान्य मार्गदर्शन के लिए है, अपनी स्थिति के लिए आयकर विभाग की वेबसाइट या टैक्स सलाहकार से पुष्टि करें।

सामान्य नियम

आयकर कानून के अनुसार अगर किसी व्यक्ति को एक वित्त वर्ष में रिश्तेदारों के अलावा दूसरे लोगों से मिले नकद या उपहारों की कुल कीमत 50 हजार रुपये से ज्यादा हो जाती है, तो पूरी रकम उसकी आय मानी जाती है और उस पर उसके स्लैब के अनुसार टैक्स लगता है। ध्यान दें कि सीमा पार होने पर केवल ऊपर की रकम नहीं, बल्कि पूरी रकम टैक्स के दायरे में आती है।

मुख्य बातें: दिवाली गिफ्ट पर इनकम टैक्स के नियम बताने वाला ग्राफिक
ग्राफिक: डेमोक्रेटिक भारत लाइव

रिश्तेदारों से मिले उपहार

रिश्तेदारों से मिले उपहार पर कोई सीमा नहीं है, वे टैक्स फ्री हैं। कानून में रिश्तेदार की परिभाषा दी गई है, जिसमें आम तौर पर ये लोग आते हैं:

  • पति या पत्नी
  • भाई-बहन और पति या पत्नी के भाई-बहन
  • माता-पिता के भाई-बहन
  • अपने और पति या पत्नी के पूर्वज और वंशज, जैसे माता-पिता, दादा-दादी, बच्चे
  • इनमें से किसी के पति या पत्नी

दोस्त, पड़ोसी और दूर के परिचित इस परिभाषा में नहीं आते।

किन चीजों पर नियम लागू होता है

नकद के अलावा सोना, चांदी, गहने, शेयर, कलाकृतियां जैसी चीजें भी इसमें गिनी जाती हैं, अगर उन्हें बिना कीमत या कम कीमत पर दिया गया हो। मिठाई, कपड़े या सामान्य घरेलू सामान जैसे उपहारों पर यह नियम आम तौर पर लागू नहीं होता।

यह भी पढ़ें: दिवाली बोनस का सही इस्तेमाल कैसे करें: कर्ज, इमरजेंसी फंड, निवेश और खर्च के बीच संतुलन | फेस्टिव सीजन बजट कैसे बनाएं: दशहरा से दिवाली तक खर्च की योजना, उपहार, शॉपिंग और कर्ज से बचाव

कंपनी से मिले गिफ्ट

नियोक्ता से कर्मचारी को मिलने वाले गिफ्ट, वाउचर या टोकन के लिए अलग नियम हैं। साल भर में तय सीमा तक के ऐसे गिफ्ट टैक्स फ्री होते हैं और उससे ज्यादा कीमत होने पर अतिरिक्त रकम कर्मचारी के वेतन में अनुलाभ यानी पर्क्विजिट मानी जाती है। नकद में मिला दिवाली बोनस वेतन का हिस्सा है और उस पर पूरा टैक्स लगता है। अपनी कंपनी के HR या फॉर्म 16 से इसकी जानकारी लें।

रिकॉर्ड रखें

बड़े उपहार मिलने पर देने वाले का नाम, रिश्ता, तारीख और रकम का रिकॉर्ड रखें। सोना या बड़ी रकम मिलने पर गिफ्ट डीड बनवाना भविष्य में स्रोत बताने में मदद करता है। नकद लेन-देन से जुड़े दूसरे नियम भी हैं, इसलिए बड़ी रकम बैंक के जरिए लेना बेहतर है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या उपहार को ITR में दिखाना होता है?

टैक्स योग्य उपहार को अन्य स्रोतों से आय में दिखाना होता है। टैक्स फ्री उपहार की जानकारी कुछ ITR फॉर्म में अलग से मांगी जा सकती है।

शादी में मिले उपहार पर क्या नियम है?

कानून के अनुसार अपनी शादी के मौके पर किसी से भी मिले उपहार टैक्स फ्री होते हैं, चाहे देने वाला रिश्तेदार हो या नहीं। लेकिन दिवाली या जन्मदिन जैसे मौकों पर यह छूट नहीं मिलती। वसीयत या विरासत में मिली संपत्ति पर भी यह नियम लागू नहीं होता।

स्रोत: आयकर विभाग, भारत सरकार। जानकारी अक्टूबर 2026 तक की।

लेखक

Sudhanshu Tiwari

सुधांशु तिवारी डेमोक्रेटिक भारत लाइव के संस्थापक, मालिक और संपादक हैं। डिजिटल मीडिया में 6 साल से अधिक के अनुभव के साथ वे मुख्य रूप से राजनीति और चुनाव की खबरें कवर करते हैं, साथ ही देश, कारोबार और खेल से जुड़ी अहम खबरों का संपादन करते हैं। वेबसाइट की संपादकीय नीति, तथ्य-जांच और प्रकाशित सामग्री की अंतिम जिम्मेदारी उन्हीं की है।

टिप्पणियां (2)

अपनी राय लिखें

WhatsApp Facebook X