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व्हाट्सऐप निवेश ठगी से कैसे बचें: दिवाली पर मुनाफे के झांसे, नकली ट्रेडिंग ऐप और SEBI पंजीकरण की जांच

मुहूर्त ट्रेडिंग और दिवाली के नाम पर व्हाट्सऐप और टेलीग्राम ग्रुप में पक्के मुनाफे वाले टिप्स के झांसे बढ़ जाते हैं। जानिए ठगी कैसे होती है, किन संकेतों से पहचानें और शिकायत कहां करें।

व्हाट्सऐप निवेश ठगी से बचने के तरीकों का ग्राफिक
ग्राफिक: डेमोक्रेटिक भारत लाइव

सारांश

  • दिवाली के आसपास शेयर बाजार में मुहूर्त ट्रेडिंग और नए निवेश की खूब चर्चा होती है।
  • SEBI के नियमों के अनुसार निवेश सलाह देने वाले और शोध विश्लेषक के रूप में काम करने वालों का SEBI में पंजीकरण जरूरी है।
  • अगर आपने कोई पैसा या जानकारी नहीं दी है, तो ग्रुप छोड़कर नंबर ब्लॉक और रिपोर्ट करें।

दिवाली के आसपास शेयर बाजार में मुहूर्त ट्रेडिंग और नए निवेश की खूब चर्चा होती है। इसी का फायदा उठाकर ठग व्हाट्सऐप और टेलीग्राम ग्रुप में दिवाली स्पेशल टिप्स, पक्का मुनाफा और खास IPO कोटा जैसे झांसे देते हैं। हर साल हजारों लोग ऐसी ठगी में अपनी जमा पूंजी गंवा देते हैं। जानिए व्हाट्सऐप निवेश ठगी से कैसे बचें।

ठगी कैसे होती है

ज्यादातर मामलों में तरीका लगभग एक जैसा होता है:

  • किसी अनजान नंबर से आपको किसी निवेश ग्रुप में जोड़ा जाता है
  • ग्रुप में खुद को बड़ा निवेश सलाहकार या किसी नामी कंपनी का प्रतिनिधि बताने वाला व्यक्ति रोज टिप्स देता है
  • ग्रुप में कई सदस्य मुनाफे के स्क्रीनशॉट डालते हैं, जो अक्सर ठगों के ही साथी होते हैं
  • फिर आपसे एक खास ऐप या वेबसाइट डाउनलोड करने को कहा जाता है
  • शुरुआत में ऐप पर मुनाफा दिखता है और छोटी रकम निकालने भी दी जाती है
  • बड़ी रकम लगाने के बाद पैसा निकालने पर टैक्स, फीस या लॉक-इन के नाम पर और पैसे मांगे जाते हैं
  • आखिर में ग्रुप और ऐप दोनों गायब हो जाते हैं
मुख्य बातें: व्हाट्सऐप निवेश ठगी से बचने के तरीकों का ग्राफिक
ग्राफिक: डेमोक्रेटिक भारत लाइव

ठगी के संकेत

  • पक्का या बहुत ज्यादा मुनाफा देने का दावा
  • जल्दी फैसला करने का दबाव
  • निवेश के लिए किसी व्यक्ति के निजी बैंक खाते या UPI पर पैसे भेजने को कहना
  • ऐप प्ले स्टोर के बजाय किसी लिंक से डाउनलोड करवाना
  • संस्थागत खाते या विशेष IPO कोटा का वादा
  • खुद को किसी बड़ी ब्रोकिंग कंपनी का कर्मचारी बताना, लेकिन कंपनी की आधिकारिक ईमेल या वेबसाइट से कोई संपर्क न होना

SEBI पंजीकरण कैसे जांचें

SEBI के नियमों के अनुसार निवेश सलाह देने वाले और शोध विश्लेषक के रूप में काम करने वालों का SEBI में पंजीकरण जरूरी है। SEBI की वेबसाइट पर पंजीकृत मध्यस्थों की सूची में नाम और पंजीकरण संख्या खोजी जा सकती है। ब्रोकर का नाम भी इसी तरह जांचा जा सकता है। SEBI ने निवेशकों को सलाह दी है कि भुगतान केवल पंजीकृत मध्यस्थ के सत्यापित खाते में ही करें।

यह भी पढ़ें: दिवाली पर मुहूर्त ट्रेडिंग क्या है: परंपरा, विशेष सत्र के नियम और नए निवेशकों के लिए सावधानियां | त्योहार के मौसम में UPI फ्रॉड से कैसे बचें: फर्जी ऑफर, कलेक्ट रिक्वेस्ट और QR कोड के जाल

सुरक्षित निवेश के लिए

  • निवेश केवल SEBI पंजीकृत ब्रोकर और उनके आधिकारिक ऐप से करें
  • डीमैट खाते का पासवर्ड और OTP किसी को न बताएं
  • अनजान लोगों के कहने पर स्क्रीन शेयरिंग ऐप डाउनलोड न करें
  • बहुत अच्छे लगने वाले ऑफर पर पहले परिवार या किसी जानकार से बात करें
  • निवेश से पहले कंपनी या योजना के बारे में खुद जानकारी जुटाएं

ठगी हो जाए तो क्या करें

  • तुरंत 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें
  • अपने बैंक को सूचना दें, ताकि रकम रोकने की कोशिश हो सके
  • चैट, लेन-देन और ऐप के स्क्रीनशॉट संभालकर रखें
  • पंजीकृत मध्यस्थ से जुड़ी शिकायत SEBI के SCORES पोर्टल पर की जा सकती है
  • नजदीकी पुलिस थाने में भी शिकायत दर्ज कराएं

क्या ग्रुप छोड़ना काफी है?

अगर आपने कोई पैसा या जानकारी नहीं दी है, तो ग्रुप छोड़कर नंबर ब्लॉक और रिपोर्ट करें। अगर ऐप डाउनलोड किया है, तो उसे हटाएं और अपने बैंक व डीमैट खाते के पासवर्ड बदल लें।

स्रोत: भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI), राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल। जानकारी अक्टूबर 2026 तक की।

लेखक

Sudhanshu Tiwari

सुधांशु तिवारी डेमोक्रेटिक भारत लाइव के संस्थापक, मालिक और संपादक हैं। डिजिटल मीडिया में 6 साल से अधिक के अनुभव के साथ वे मुख्य रूप से राजनीति और चुनाव की खबरें कवर करते हैं, साथ ही देश, कारोबार और खेल से जुड़ी अहम खबरों का संपादन करते हैं। वेबसाइट की संपादकीय नीति, तथ्य-जांच और प्रकाशित सामग्री की अंतिम जिम्मेदारी उन्हीं की है।

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