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REIT क्या है: कम रकम में ऑफिस और मॉल जैसी प्रॉपर्टी में निवेश, SEBI के नियम, 90% कमाई का बंटवारा और टैक्स

बड़ी प्रॉपर्टी खरीदे बिना रियल एस्टेट से कमाई का एक रास्ता REIT है। जानिए यह कैसे काम करता है।

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प्रतीकात्मक तस्वीर (AI निर्मित) | ग्राफिक: डेमोक्रेटिक भारत लाइव

सारांश

  • रियल एस्टेट को हमेशा से सुरक्षित निवेश माना गया है, लेकिन कोई ऑफिस बिल्डिंग या मॉल खरीदना आम निवेशक के बस की बात नहीं है।
  • REIT को अपने शुद्ध वितरण योग्य नकद प्रवाह का कम से कम 90 प्रतिशत निवेशकों में बांटना होता है।
  • इंडियन REITs एसोसिएशन के प्राइमर के अनुसार REIT से मिलने वाली अलग अलग तरह की आय पर टैक्स अलग होता है।
  • शुद्ध वितरण योग्य नकद प्रवाह का कम से कम 90 प्रतिशत।

रियल एस्टेट को हमेशा से सुरक्षित निवेश माना गया है, लेकिन कोई ऑफिस बिल्डिंग या मॉल खरीदना आम निवेशक के बस की बात नहीं है। REIT यानी रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट इसी कमी को दूर करता है। इसके जरिए छोटा निवेशक भी किराया देने वाली बड़ी व्यावसायिक प्रॉपर्टी में हिस्सेदार बन सकता है। इस लेख में जानिए REIT कैसे काम करता है, इसके नियम क्या हैं और इस पर टैक्स कैसे लगता है।

REIT क्या है

REIT एक ट्रस्ट होता है जो निवेशकों से पैसा जुटाकर किराया देने वाली प्रॉपर्टी जैसे ऑफिस पार्क, मॉल और गोदाम में निवेश करता है। इन प्रॉपर्टी से मिलने वाला किराया और दूसरी आय निवेशकों में बांटी जाती है। निवेशकों को REIT की यूनिट मिलती हैं, जो शेयर की तरह स्टॉक एक्सचेंज पर खरीदी बेची जा सकती हैं। भारत में REIT को भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड यानी SEBI नियंत्रित करता है।

मुख्य बातें: ऊंची व्यावसायिक इमारतों का प्रतीकात्मक चित्र
प्रतीकात्मक तस्वीर (AI निर्मित) | ग्राफिक: डेमोक्रेटिक भारत लाइव

80 प्रतिशत वाला नियम

भारतीय आर्थिक सेवा की अर्थपीडिया और SEBI के FAQ के अनुसार REIT को अपनी संपत्ति का कम से कम 80 प्रतिशत हिस्सा पूरी तरह बनी और किराया या आय देने वाली प्रॉपर्टी में लगाना होता है। बाकी अधिकतम 20 प्रतिशत हिस्सा निर्माणाधीन प्रॉपर्टी और दूसरी तय संपत्तियों में लगाया जा सकता है। इस नियम से निवेशकों का जोखिम कम होता है, क्योंकि ज्यादातर पैसा पहले से कमाई कर रही प्रॉपर्टी में लगा होता है।

90 प्रतिशत कमाई का बंटवारा

REIT को अपने शुद्ध वितरण योग्य नकद प्रवाह का कम से कम 90 प्रतिशत निवेशकों में बांटना होता है। यह बंटवारा कम से कम हर छह महीने में करना होता है, हालांकि कई REIT तिमाही आधार पर भुगतान करते हैं। इसी वजह से REIT को नियमित आय देने वाले निवेश के रूप में देखा जाता है।

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यूनिट कैसे खरीदें

SEBI के FAQ के अनुसार लिस्टेड REIT की यूनिट स्टॉक एक्सचेंज पर डीमैट खाते के जरिए खरीदी जा सकती हैं। सेकेंडरी बाजार में एक यूनिट भी खरीदी जा सकती है। REIT के IPO में आवेदन के लिए न्यूनतम रकम तय होती है। ताजा न्यूनतम सीमा के लिए SEBI और एक्सचेंज की सूचना देखें।

कमाई के तरीके

REIT से निवेशक को दो तरह से कमाई हो सकती है। पहला, नियमित वितरण, जो किराये, ब्याज और डिविडेंड के रूप में आता है। दूसरा, यूनिट के बाजार भाव में बढ़ोतरी, जिसे बेचने पर मुनाफा होता है। बाजार भाव गिर भी सकता है, इसलिए नुकसान का जोखिम भी है।

टैक्स कैसे लगता है

इंडियन REITs एसोसिएशन के प्राइमर के अनुसार REIT से मिलने वाली अलग अलग तरह की आय पर टैक्स अलग होता है। किराये और ब्याज वाले हिस्से पर निवेशक को अपने स्लैब के अनुसार टैक्स देना होता है। डिविडेंड वाला हिस्सा कुछ शर्तों के साथ टैक्स से मुक्त हो सकता है। कर्ज चुकाने के रूप में मिले हिस्से से यूनिट की खरीद लागत घटती है। लिस्टेड यूनिट को 12 महीने से ज्यादा रखकर बेचने पर लंबी अवधि का पूंजीगत लाभ 12.5 प्रतिशत की दर से टैक्स होता है, जबकि इससे कम समय में बेचने पर अल्पकालिक लाभ पर 20 प्रतिशत टैक्स लगता है। टैक्स नियम बदल सकते हैं, इसलिए ताजा जानकारी किसी टैक्स विशेषज्ञ से लें।

जोखिम क्या हैं

  • ऑफिस या मॉल खाली रहने पर किराया घट सकता है।
  • ब्याज दरें बढ़ने पर REIT यूनिट के भाव पर दबाव आ सकता है।
  • बाजार में कम कारोबार वाले REIT में यूनिट बेचने में दिक्कत हो सकती है।
  • प्रॉपर्टी बाजार में मंदी का असर पड़ सकता है।

REIT और InvIT में अंतर

REIT रियल एस्टेट में निवेश करता है, जबकि InvIT यानी इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट सड़क, बिजली ट्रांसमिशन और पाइपलाइन जैसे बुनियादी ढांचे में निवेश करता है। दोनों का ढांचा मिलता जुलता है और दोनों SEBI के नियमों के तहत चलते हैं।

किसके लिए सही

जो निवेशक नियमित आय चाहते हैं और अपने पोर्टफोलियो में रियल एस्टेट का हिस्सा जोड़ना चाहते हैं, उनके लिए REIT एक विकल्प हो सकता है। लेकिन इसे FD जैसा सुरक्षित न समझें। किसी भी REIT में निवेश से पहले उसकी प्रॉपर्टी, किरायेदारों, खाली जगह के प्रतिशत और कर्ज की स्थिति जरूर देखें।

REIT का पूरा नाम क्या है

रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट।

REIT को कितनी कमाई बांटनी होती है

शुद्ध वितरण योग्य नकद प्रवाह का कम से कम 90 प्रतिशत।

REIT को नियंत्रित कौन करता है

SEBI।

क्या REIT की एक यूनिट खरीद सकते हैं

हां, लिस्टेड REIT की एक यूनिट भी स्टॉक एक्सचेंज पर खरीदी जा सकती है।

सलाह लें: REIT में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश से पहले ऑफर दस्तावेज पढ़ें और किसी SEBI पंजीकृत निवेश सलाहकार या टैक्स विशेषज्ञ से सलाह लें।

स्रोत: SEBI: FAQ on Real Estate Investment Trusts (PDF), Indian Economic Service Arthapedia: REITs, Indian REITs Association: REIT Primer (PDF)

लेखक

Sudhanshu Tiwari

सुधांशु तिवारी डेमोक्रेटिक भारत लाइव के संस्थापक, मालिक और संपादक हैं। डिजिटल मीडिया में 6 साल से अधिक के अनुभव के साथ वे मुख्य रूप से राजनीति और चुनाव की खबरें कवर करते हैं, साथ ही देश, कारोबार और खेल से जुड़ी अहम खबरों का संपादन करते हैं। वेबसाइट की संपादकीय नीति, तथ्य-जांच और प्रकाशित सामग्री की अंतिम जिम्मेदारी उन्हीं की है।

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