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कैरम के नियम: 9 सफेद, 9 काली गोटियां और लाल क्वीन, बोर्ड का माप, टॉस, ब्रेक और क्वीन के 3 अंक

घर हो या क्लब, कैरम हर जगह खेला जाता है। जानिए इसके आधिकारिक नियम आसान भाषा में।

कैरम बोर्ड पर सजी गोटियों का प्रतीकात्मक चित्र
प्रतीकात्मक तस्वीर (AI निर्मित) | ग्राफिक: डेमोक्रेटिक भारत लाइव

सारांश

  • सर्दियों की दोपहर हो, बारिश का दिन हो या त्योहार की छुट्टी, भारत के लाखों घरों में कैरम बोर्ड निकल आता है।
  • विकिपीडिया के अनुसार अंतरराष्ट्रीय कैरम महासंघ यानी ICF 1988 में चेन्नई में बना।
  • स्ट्राइकर से गोटियों पर निशाना लगाया जाता है, जैसे बिलियर्ड्स में क्यू बॉल से।
  • कैरम के लिए बड़े मैदान या महंगे उपकरण की जरूरत नहीं होती। एक बोर्ड, गोटियां और स्ट्राइकर से दो या चार लोग खेल सकते हैं।

सर्दियों की दोपहर हो, बारिश का दिन हो या त्योहार की छुट्टी, भारत के लाखों घरों में कैरम बोर्ड निकल आता है। परिवार और दोस्त मिलकर घंटों यह खेल खेलते हैं। लेकिन क्लब और प्रतियोगिताओं में कैरम तय नियमों के साथ खेला जाता है। इस लेख में जानिए कैरम का इतिहास, उपकरण और मुख्य नियम।

कैरम क्या है

विकिपीडिया पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार कैरम भारत में जन्मा टेबल पर खेला जाने वाला खेल है, जिसमें खिलाड़ी उंगली से स्ट्राइकर को झटका देकर गोटियों को बोर्ड के कोनों में बनी पॉकेट में डालने की कोशिश करते हैं। यह कुछ हद तक बिलियर्ड्स जैसा है। दक्षिण एशिया में कई क्लब और कैफे नियमित कैरम प्रतियोगिताएं कराते हैं। अलग अलग इलाकों में इसके नियमों में थोड़ा अंतर भी होता है।

मुख्य बातें: कैरम बोर्ड पर सजी गोटियों का प्रतीकात्मक चित्र
प्रतीकात्मक तस्वीर (AI निर्मित) | ग्राफिक: डेमोक्रेटिक भारत लाइव

नाम कहां से आया

विकिपीडिया के अनुसार कैरम शब्द शायद कैरम यानी carom से आया है, जिसका अर्थ है टकराकर वापस लौटना।

इतिहास

विकिपीडिया के अनुसार कैरम की शुरुआत भारत में हुई। पटियाला के एक महल में कांच की सतह वाला एक कैरम बोर्ड आज भी मौजूद बताया जाता है। 20वीं सदी की शुरुआत में भारत के अलग अलग राज्यों में राज्य स्तर की प्रतियोगिताएं होने लगी थीं। 1958 तक भारत और श्रीलंका दोनों ने कैरम क्लबों के आधिकारिक महासंघ बना लिए थे।

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अंतरराष्ट्रीय कैरम महासंघ

विकिपीडिया के अनुसार अंतरराष्ट्रीय कैरम महासंघ यानी ICF 1988 में चेन्नई में बना। उसी साल ICF ने खेल के नियमों को आधिकारिक रूप से तय किया। बाद में ब्रिटेन, जर्मनी, इटली, जापान, पाकिस्तान और अमेरिका जैसे देशों में भी कैरम संगठन बने।

बोर्ड कैसा होता है

विकिपीडिया के अनुसार कैरम आम तौर पर प्लाईवुड के वर्गाकार बोर्ड पर खेला जाता है, जिसके हर कोने में एक पॉकेट होती है। ICF के अनुसार खेल का वर्गाकार हिस्सा हर तरफ 73.5 से 74 सेंटीमीटर के बीच होना चाहिए। किनारों पर लकड़ी के बंपर होते हैं और हर पॉकेट के नीचे ऐसा जाल होना चाहिए जिसमें कम से कम 10 गोटियां आ सकें।

गोटियां

विकिपीडिया के अनुसार कैरम सेट में स्ट्राइकर के अलावा 19 गोटियां होती हैं:

  • 9 सफेद गोटियां
  • 9 काली गोटियां
  • 1 लाल गोटी, जिसे क्वीन कहते हैं

ICF से मान्य गोटियों का व्यास 3.02 से 3.18 सेंटीमीटर, मोटाई 7 से 9 मिलीमीटर और वजन 5.0 से 5.5 ग्राम के बीच होना चाहिए।

स्ट्राइकर

स्ट्राइकर से गोटियों पर निशाना लगाया जाता है, जैसे बिलियर्ड्स में क्यू बॉल से। विकिपीडिया के अनुसार कैरम का स्ट्राइकर आम तौर पर 15 ग्राम का और 4.1 सेंटीमीटर व्यास का होता है।

क्वीन

लाल गोटी क्वीन सबसे कीमती गोटी है। खेल शुरू होने पर इसे बोर्ड के बीच वाले घेरे के केंद्र में रखा जाता है। विकिपीडिया के अनुसार ICF नियमों में क्वीन को पॉकेट करने पर खिलाड़ी के स्कोर में 3 अंक जुड़ते हैं। क्वीन का आकार बाकी गोटियों जैसा ही होना चाहिए।

टॉस कैसे होता है

विकिपीडिया के अनुसार हर मैच से पहले अंपायर एक हाथ में काली और दूसरे हाथ में सफेद गोटी छिपाता है। खिलाड़ी अंदाजा लगाते हैं कि किस हाथ में कौन सा रंग है। सही अंदाजा लगाने वाला टॉस जीतता है।

ब्रेक और रंग

  • टॉस जीतने वाला पहला शॉट लेता है, जिसे ओपनिंग ब्रेक कहते हैं।
  • पहला शॉट लेने वाला सफेद गोटियों से खेलता है और विरोधी काली गोटियों से।
  • टॉस जीतने वाला चाहे तो रंग बदलकर ब्रेक छोड़ सकता है, तब हारने वाले को पहला शॉट लेना होता है।
  • टॉस जीतने वाला यह फैसला दूसरे खिलाड़ी पर नहीं छोड़ सकता।

घर पर खेलने के सुझाव

बोर्ड को समतल जगह पर रखें और सतह पर थोड़ा कैरम पाउडर छिड़कें, ताकि गोटियां आसानी से फिसलें। उंगली के नाखून से नहीं, उंगली के सिरे से झटका देने का अभ्यास करें। बच्चों को खेलते समय आंखों के पास गोटी उछलने से सावधान रहना सिखाएं।

कैरम क्यों लोकप्रिय है

कैरम के लिए बड़े मैदान या महंगे उपकरण की जरूरत नहीं होती। एक बोर्ड, गोटियां और स्ट्राइकर से दो या चार लोग खेल सकते हैं। यह हर उम्र के लोग खेल सकते हैं, इसलिए परिवारों में खास तौर पर पसंद किया जाता है। विकिपीडिया के अनुसार कैरम आम तौर पर परिवारों, बच्चों और सामाजिक मेलजोल के मौकों पर खेला जाता है।

सिंगल्स और डबल्स

कैरम दो खिलाड़ियों के बीच सिंगल्स के रूप में या चार खिलाड़ियों के बीच डबल्स के रूप में खेला जा सकता है। डबल्स में आमने सामने बैठे दो खिलाड़ी एक टीम होते हैं। प्रतियोगिताओं में अंपायर नियमों का पालन कराता है।

बोर्ड का निर्यात

विकिपीडिया के अनुसार यूरोप, उत्तर अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया में मिलने वाले कैरम बोर्ड और गोटियां आम तौर पर भारत से आयात होते हैं। यानी कैरम सिर्फ खेल ही नहीं, भारत के लिए एक छोटा निर्यात उत्पाद भी है।

कैरम में कुल कितनी गोटियां होती हैं

स्ट्राइकर के अलावा 19, यानी 9 सफेद, 9 काली और 1 लाल क्वीन।

क्वीन को पॉकेट करने पर कितने अंक मिलते हैं

ICF नियमों के अनुसार 3 अंक।

अंतरराष्ट्रीय कैरम महासंघ कब बना

1988 में चेन्नई में।

पहला शॉट कौन लेता है

टॉस जीतने वाला, जो सफेद गोटियों से खेलता है।

स्रोत: Wikipedia: Carrom, International Carrom Federation

लेखक

Sudhanshu Tiwari

सुधांशु तिवारी डेमोक्रेटिक भारत लाइव के संस्थापक, मालिक और संपादक हैं। डिजिटल मीडिया में 6 साल से अधिक के अनुभव के साथ वे मुख्य रूप से राजनीति और चुनाव की खबरें कवर करते हैं, साथ ही देश, कारोबार और खेल से जुड़ी अहम खबरों का संपादन करते हैं। वेबसाइट की संपादकीय नीति, तथ्य-जांच और प्रकाशित सामग्री की अंतिम जिम्मेदारी उन्हीं की है।

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