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Vikramshila Setu Closure: विक्रमशिला सेतु 1 सितंबर से तीन महीने के लिए बंद, यात्रियों की सुविधा को दिसंबर तक चलेगी स्पेशल ट्रेन

Vikramshila Setu Closure
Vikramshila Setu Closure
Vikramshila Setu Closure: पूर्वी बिहार के जिलों को आपस में जोड़ने वाले बेहद महत्वपूर्ण विक्रमशिला सेतु को आगामी 1 सितंबर से तीन महीने की अवधि के लिए पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। पुल के क्षतिग्रस्त हिस्से की स्थायी मरम्मत और नया कंक्रीट स्लैब बनाने के लिए 31 अगस्त की मध्यरात्रि से ही सभी तरह के वाहनों की आवाजाही पर पूरी रोक लगा दी जाएगी। सड़क मार्ग बंद होने से भागलपुर, कटिहार, पूर्णिया, अररिया, किशनगंज और आसपास के जिलों के यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ सकता था। इसी गंभीर स्थिति को देखते हुए ईस्टर्न रेलवे ने भागलपुर-कटिहार स्पेशल ट्रेन सेवा को बढ़ा दिया है। अब यह अनारक्षित विशेष ट्रेन अगस्त की जगह आने वाले दिसंबर महीने तक नियमित रूप से चलाई जाएगी, जिससे रोजाना सफर करने वाले दैनिक यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।
विक्रमशिला सेतु पर वाहनों का दबाव अचानक रुकने से रेल पटरियों पर यात्रियों की भीड़ का बड़ा दबाव बनने की पूरी संभावना है। आगामी दुर्गा पूजा, दीपावली और छठ जैसे महत्वपूर्ण त्योहारों के मौसम में लोगों की आवाजाही और बढ़ जाती है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की बढ़ती संख्या और मांग को देखते हुए ट्रेन में डिब्बों की संख्या भी बढ़ाई जा सकती है। 30 नवंबर तक मरम्मत का काम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके बाद ही सड़क यातायात बहाल हो सकेगा।

Vikramshila Setu Closure: विक्रमशिला सेतु बंद रहने के दौरान स्पेशल ट्रेन संचालन का समय

ईस्टर्न रेलवे द्वारा जारी की गई नई व्यवस्था के तहत गाड़ी संख्या 03407/03408 भागलपुर-कटिहार-भागलपुर अनारक्षित स्पेशल ट्रेन अब पूरे साल के अंतिम माह तक अपनी सेवाएं देगी। यह ट्रेन पूर्व में केवल श्रावणी मेला की अवधि तक यानी 28 अगस्त तक ही चलाने का निर्णय लिया गया था। हालांकि सड़क मार्ग के तीन महीने तक पूरी तरह ठप रहने की प्रशासनिक घोषणा के तुरंत बाद रेलवे ने अपने फैसले में संशोधन किया है।
रेलवे प्रशासन का मुख्य लक्ष्य भागलपुर और कटिहार के बीच आवागमन करने वाले हजारों नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों और छात्रों को सुगम साधन उपलब्ध कराना है। विक्रमशिला सेतु बंद रहने से रेलवे ही एकमात्र ऐसा माध्यम बचेगा जो गंगा नदी के पार दोनों प्रमुख क्षेत्रों को बिना किसी रुकावट के जोड़े रख सकता है। इसी वजह से परिचालन समय-सीमा में विस्तार का यह कदम उठाया गया है।

Vikramshila Setu Closure: 1 सितंबर से क्यों लिया गया सेतु को पूरी तरह बंद करने का फैसला

शुरुआती दौर में प्रशासनिक स्तर पर चर्चा थी कि मरम्मत का काम सितंबर के मध्य यानी 15 सितंबर से शुरू कराया जाएगा। हालांकि तकनीकी जांच और विशेषज्ञों की सलाह के बाद सरकार ने 31 अगस्त की देर रात से ही सेतु को पूरी तरह खाली कराने का निर्देश जारी कर दिया। मौजूदा समय में पुल के क्षतिग्रस्त भाग पर अस्थायी बेली ब्रिज स्थापित करके केवल हल्के वाहनों की आवाजाही कराई जा रही थी।
अब इस अस्थायी बेली ब्रिज को हटाकर स्थायी कंक्रीट स्लैब का निर्माण किया जाना बहुत जरूरी हो गया है। इस निर्माण प्रक्रिया में अत्यधिक भारी-भरकम क्रेन, आधुनिक मशीनरी और कंक्रीटिंग से जुड़े बड़े उपकरणों की जरूरत होगी। पुल के ऊपर भारी मशीनरी तैनात करने के कारण सुरक्षा कारणों से यातायात को पूरी तरह रोकना अनिवार्य हो गया है। प्रशासन ने 30 नवंबर तक काम खत्म करने की समय-सीमा तय की है।

मई महीने की घटना के बाद से बनी थी यह संकटपूर्ण स्थिति

विक्रमशिला सेतु पर इस गंभीर संकट की शुरुआत मई महीने की 3 तारीख को हुई थी। उस रात पिलर संख्या 4 और 5 के बीच बना लगभग 34 मीटर लंबा स्लैब अचानक टूटकर सीधे गंगा नदी में जा गिरा था। इस बड़े हादसे के बाद भागलपुर का कोसी और सीमांचल के जिलों से सीधा सड़क संपर्क कट गया था और भारी वाहनों का प्रवेश रोक दिया गया था।
घटना के तुरंत बाद स्थानीय प्रशासन ने राहत कदम उठाते हुए अस्थायी बेली ब्रिज का निर्माण कराया था। इससे केवल सीमित और नियंत्रित यातायात की अनुमति दी जा सकी थी। चूंकि बेली ब्रिज केवल एक वैकल्पिक और तात्कालिक समाधान था, इसलिए अब स्थायी कंक्रीट स्लैब बनाकर ढांचे को पूर्ववत मजबूत करने की प्रक्रिया आधिकारिक रूप से शुरू की जा रही है।

Vikramshila Setu Closure: पूर्वी बिहार और सीमांचल के यात्रियों पर क्या होगा असर

विक्रमशिला सेतु सिर्फ एक पुल नहीं है, बल्कि यह भागलपुर को कोसी और सीमांचल के बड़े हिस्से से जोड़ने वाली मुख्य लाइफलाइन माना जाता है। कटिहार, पूर्णिया, अररिया, किशनगंज, सहरसा और सुपौल जैसे जिलों के हजारों लोग रोजाना इलाज, व्यापार, शिक्षा और नौकरियों के सिलसिले में इसी मार्ग का सहारा लेते हैं। ऐसे में सड़क मार्ग बंद होने से बसों और निजी वाहनों का सीधा संपर्क पूरी तरह टूट जाएगा।
सड़क यातायात ठप होने से जो स्थिति उत्पन्न होगी, उसमें केवल रेल मार्ग ही लोगों के पास सबसे सुरक्षित और त्वरित विकल्प बचेगा। विशेष रूप से भागलपुर-कटिहार स्पेशल ट्रेन इस दौरान यात्रियों के लिए मुख्य सहारा साबित होगी। यदि रेलवे इस अवधि में समय सारणी को दुरुस्त रखता है, तो आम नागरिकों को आने-जाने में कोई विशेष कठिनाई नहीं होगी।

Vikramshila Setu Closure: आगामी त्योहारी सीजन में रेलवे की विशेष तैयारियां

दिसंबर तक का यह समय पूर्वी भारत में त्योहारों का सबसे मुख्य मौसम माना जाता है। इस अवधि में दुर्गा पूजा, दीपावली और छठ पूजा जैसे बड़े पर्व आते हैं, जब दूसरे राज्यों और शहरों में रहने वाले लोग अपने घरों की ओर लौटते हैं। इस वजह से भागलपुर और कटिहार के बीच यात्रियों की भीड़ आम दिनों की तुलना में कई गुना अधिक बढ़ जाती है।
ईस्टर्न रेलवे के वरिष्ठ वाणिज्यिक अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को नियंत्रित करने के लिए हर संभव इंतजाम किए जा रहे हैं। भागलपुर-कटिहार स्पेशल ट्रेन में जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त कोच जोड़े जाएंगे ताकि डिब्बों में अत्यधिक भीड़ न हो। रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा और टिकट बुकिंग काउंटरों की व्यवस्था भी मजबूत की जा रही है।
विक्रमशिला सेतु का तीन महीने के लिए बंद होना निश्चित रूप से पूर्वी बिहार और सीमांचल के सड़क यात्रियों के लिए एक कठिन परीक्षा जैसा है, लेकिन स्थायी सुरक्षा के लिए यह मरम्मत कार्य बेहद आवश्यक हो चुका था। 31 अगस्त की रात से शुरू होने वाले इस निर्माण कार्य के दौरान ईस्टर्न रेलवे द्वारा स्पेशल ट्रेन की अवधि को दिसंबर तक बढ़ाना एक बेहद राहतकारी कदम साबित होगा। यदि निर्माण कार्य तय योजना के अनुसार 30 नवंबर तक पूरा हो जाता है, तो साल के अंत तक इस महत्वपूर्ण सड़क मार्ग पर फिर से गाड़ियां दौड़ने लगेंगी और लोगों को आवाजाही की पुरानी सहूलियत वापस मिल सकेगी।

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Shobhit Pandey Author at Democratic Bharat Live

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