भारत के जनजातीय समुदायों में कुछ समूह ऐसे हैं जो सामाजिक और आर्थिक रूप से सबसे ज्यादा पिछड़े माने जाते हैं। इन्हें विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह यानी पार्टिकुलरली वल्नरेबल ट्राइबल ग्रुप्स (PVTG) कहा जाता है। ये समूह अक्सर दूरदराज के जंगलों और पहाड़ी इलाकों में छोटी-छोटी बस्तियों में रहते हैं, जहां सड़क, बिजली, पानी और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाएं मुश्किल से पहुंचती हैं। इन्हीं समुदायों के लिए केंद्र सरकार ने PM-JANMAN योजना शुरू की। आइए जानते हैं इस योजना के बारे में।
PM-JANMAN क्या है
PM-JANMAN का पूरा नाम प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान है। PIB के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 नवंबर 2023 को जनजातीय गौरव दिवस पर इसकी शुरुआत की। योजना 18 राज्यों और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में रहने वाले 75 PVTG समुदायों के लिए है।

कितना बजट
PIB के अनुसार योजना का कुल बजट 24,104 करोड़ रुपये है। इसमें केंद्र का हिस्सा 15,336 करोड़ रुपये और राज्यों का हिस्सा 8,768 करोड़ रुपये है। योजना को केंद्र सरकार के 9 मंत्रालयों के जरिये लागू किया जा रहा है, जिसकी नोडल जिम्मेदारी जनजातीय कार्य मंत्रालय के पास है।
11 जरूरी सुविधाएं
PIB के अनुसार योजना में 11 अहम हस्तक्षेप यानी सुविधाएं शामिल हैं, जिनमें मुख्य रूप से ये क्षेत्र आते हैं:
- पक्के घर।
- बस्तियों तक सड़क संपर्क।
- पाइप से पेयजल।
- मोबाइल मेडिकल यूनिट के जरिये स्वास्थ्य सेवाएं।
- हॉस्टल और शिक्षा की सुविधाएं।
- आंगनवाड़ी केंद्र और पोषण।
- घरों में बिजली, जहां ग्रिड नहीं पहुंच सकता वहां सौर ऊर्जा।
- मोबाइल टावर और संचार सुविधा।
- बहुउद्देशीय केंद्र।
- वन धन विकास केंद्र और आजीविका के साधन।
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योजना का तरीका
योजना का जोर इस पर है कि PVTG बस्तियों में सभी जरूरी सुविधाएं एक साथ पहुंचें। इसके लिए अलग-अलग मंत्रालयों की योजनाओं को इन बस्तियों पर केंद्रित किया गया है। साथ ही इन परिवारों को आधार, राशन कार्ड, जनधन खाता, आयुष्मान कार्ड, किसान सम्मान निधि और वन अधिकार पट्टे जैसी दूसरी योजनाओं से जोड़ने के लिए भी अभियान चलाए गए।
अब तक की प्रगति
PIB की 2026 की जानकारी के अनुसार 30 जून 2026 तक योजना के तहत 1,35,209 घर पूरे हो चुके थे, 7,447 किलोमीटर सड़कें बन चुकी थीं और 3,198 गांवों में पाइप से पानी की सुविधा पूरी तरह पहुंच चुकी थी। ताजा आंकड़ों के लिए जनजातीय कार्य मंत्रालय और PIB की विज्ञप्तियां देखी जा सकती हैं।
कौन हैं PVTG
PVTG वे जनजातीय समूह हैं जिनकी पहचान कुछ खास आधारों पर की जाती है, जैसे खेती से पहले की तकनीक का इस्तेमाल, स्थिर या घटती आबादी, बेहद कम साक्षरता और आर्थिक पिछड़ापन। ऐसे समूह देश के कई राज्यों में रहते हैं। झारखंड, ओडिशा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र और अंडमान-निकोबार जैसे क्षेत्रों में इनकी बस्तियां हैं।
लाभ कैसे मिलता है
यह योजना मुख्य रूप से बस्तियों और परिवारों की पहचान के आधार पर लागू होती है। PVTG परिवारों का सर्वे करके उनकी जरूरतें तय की गई हैं। अगर किसी PVTG परिवार को आवास, राशन कार्ड, आधार या दूसरी सुविधाएं नहीं मिल पाई हैं, तो वे अपने ग्राम पंचायत, ब्लॉक कार्यालय या जिला कल्याण अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं। जिला प्रशासन योजना के क्रियान्वयन की निगरानी करता है।
योजना क्यों जरूरी थी
PVTG बस्तियां अक्सर छोटी, बिखरी हुई और दुर्गम इलाकों में होती हैं। सामान्य योजनाओं में आबादी के आधार पर तय होने वाले मानकों के कारण कई बार ऐसी बस्तियां सड़क, बिजली या पानी की योजनाओं से छूट जाती थीं। PM-JANMAN में इन बस्तियों के लिए नियमों में ढील देकर और अलग से लक्ष्य तय करके सुविधाएं पहुंचाने की कोशिश की गई है। इसके तहत आधार, जाति प्रमाण पत्र और बैंक खाते जैसे दस्तावेज बनवाने के लिए विशेष शिविर भी लगाए गए, क्योंकि दस्तावेजों की कमी कई योजनाओं का लाभ लेने में बड़ी रुकावट थी।
आजीविका पर जोर
योजना में वन धन विकास केंद्रों के जरिये जंगल से मिलने वाली उपज जैसे शहद, लाख, महुआ और जड़ी-बूटियों के संग्रह, प्रसंस्करण और बिक्री में मदद पर भी ध्यान दिया गया है। इसका मकसद है कि इन समुदायों को अपने पारंपरिक ज्ञान और संसाधनों से बेहतर आय मिल सके।
धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान से अंतर
PM-JANMAN खास तौर पर PVTG समुदायों के लिए है, जबकि केंद्र सरकार का धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान बड़ी संख्या में जनजातीय बहुल गांवों के व्यापक विकास के लिए है। दोनों योजनाएं जनजातीय कल्याण के एक बड़े प्रयास का हिस्सा हैं।
PM-JANMAN योजना कब शुरू हुई
15 नवंबर 2023 को।
PM-JANMAN का कुल बजट कितना है
24,104 करोड़ रुपये, जिसमें केंद्र का हिस्सा 15,336 करोड़ रुपये है।
स्रोत: PIB: PM JANMAN has total outlay of Rs 24,104 crore, PIB: 11 critical interventions for PVTGs, PM India: Cabinet approves PM JANMAN, PIB: PM-JANMAN progress (2026)





