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Monsoon Hairfall Problem: मशहूर हेयर एक्सपर्ट जावेद हबीब ने बताया शैंपू में क्या मिलाने से रुकेगा बालों का झड़ना

Monsoon Hairfall Problem: मशहूर हेयर एक्सपर्ट जावेद हबीब ने बताया शैंपू में क्या मिलाने से रुकेगा बालों का झड़ना
Monsoon Hairfall Problem

सारांश

  • Monsoon Hairfall Problem: बारिश का मौसम आते ही जहां मौसम खुशनुमा हो जाता है, वहीं बालों से जुड़ी तरह-तरह की समस्याएं भी सिर उठाने लगती हैं।
  • इसके अलावा, स्कैल्प की त्वचा भी मानसून के असर से अछूती नहीं रहती।
  • अब इस तैयार मिश्रण को गीले बालों और स्कैल्प पर लगाएं। उंगलियों के पोरों से स्कैल्प की हल्की मसाज करें और लगभग दो से तीन मिनट तक इसे बालों में लगा रहने दें।
  • शैंपू में सिरका मिलाकर इस्तेमाल करने के साथ-साथ मानसून के दौरान कुछ दैनिक आदतों में सुधार करना भी आवश्यक है।

Monsoon Hairfall Problem:  बारिश का मौसम आते ही जहां मौसम खुशनुमा हो जाता है, वहीं बालों से जुड़ी तरह-तरह की समस्याएं भी सिर उठाने लगती हैं। मानसून में हवा में बढ़ी हुई नमी के कारण बालों का अत्यधिक झड़ना, रूखापन और डैंड्रफ की समस्या आम हो जाती है। इस स्थिति से घबराकर लोग महंगे हेयर केयर प्रोडक्ट्स, केमिकल ट्रीटमेंट और तरह-तरह की दवाइयों का सहारा लेने लगते हैं, जिससे कई बार राहत मिलने के बजाय समस्या और बढ़ जाती है। देश के मशहूर हेयर एक्सपर्ट जावेद हबीब ने मानसून में बालों के झड़ने की इस समस्या से निजात पाने का बेहद आसान और कारगर नुस्खा साझा किया है। जावेद हबीब के अनुसार, नियमित रूप से इस्तेमाल होने वाले शैंपू में मात्र एक चम्मच सफेद सिरका यानी व्हाइट विनेगर मिलाकर उपयोग करने से बालों के झड़ने और स्कैल्प के संक्रमण से काफी हद तक छुटकारा पाया जा सकता है।

मानसून के दौरान वातावरण में व्याप्त अत्यधिक नमी के कारण स्कैल्प में पसीना और प्राकृतिक तेल जमा होने लगता है। यह स्थिति फंगल और बैक्टीरियल इंफेक्शन के लिए अनुकूल माहौल तैयार करती है, जिससे बालों की जड़ें कमजोर पड़ने लगती हैं और हेयर फॉल तेजी से बढ़ने लगता है। जावेद हबीब का यह घरेलू और वैज्ञानिक रूप से प्रभावी उपाय स्कैल्प के प्राकृतिक पीएच स्तर को संतुलित करने में मदद करता है। आइए जानते हैं कि मानसून में बालों के बेजान होने का मुख्य कारण क्या है और एक्सपर्ट की इस खास टिप को सही तरीके से कैसे इस्तेमाल किया जाए।

Monsoon Hairfall Problem: मानसून में क्यों बेजान होकर झड़ने लगते हैं बाल

बारिश के दिनों में बालों का अत्यधिक टूटना और झाड़ू जैसा रूखा हो जाना एक बहुत ही स्वाभाविक प्रक्रिया है, लेकिन समय रहते ध्यान न देने पर यह गंभीर समस्या का रूप ले सकती है। दरअस्ल, मानसून के मौसम में हवा में आर्द्रता यानी नमी का स्तर बहुत अधिक बढ़ जाता है। बाल वातावरण में मौजूद इस नमी को बहुत तेजी से सोख लेते हैं। नमी सोखने के कारण बालों में मौजूद केराटिन बॉन्ड कमजोर हो जाते हैं, जिससे बाल बीच में से टूटने लगते हैं और बेहद बेजान तथा उलझे हुए नजर आते हैं।

इसके अलावा, स्कैल्प की त्वचा भी मानसून के असर से अछूती नहीं रहती। अत्यधिक पसीने और सीबम के कारण सिर में चिपचिपाहट बनी रहती है, जो धूल-मिट्टी को अपनी तरफ आकर्षित करती है। इससे स्कैल्प के छिद्र बंद हो जाते हैं और फंगल इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। जब जड़ों को सही पोषण नहीं मिलता और स्कैल्प अस्वस्थ हो जाता है, तो बालों की जड़ें ढीली पड़ जाती हैं। यही कारण है कि कंघी करते समय या बाल धोते समय भारी मात्रा में बाल टूटने लगते हैं।

एक्सपर्ट जावेद हबीब ने बताया बालों की सुरक्षा का आसान फॉर्मूला

बालों की देखभाल के क्षेत्र में वर्षों का अनुभव रखने वाले वरिष्ठ हेयर एक्सपर्ट जावेद हबीब ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया माध्यम पर एक वीडियो साझा करते हुए इस मानसूनी समस्या का समाधान पेश किया है। उन्होंने बताया कि इस मौसम में महंगे हेयर ट्रीटमेंट पर पैसे खर्च करने के बजाय घरेलू स्तर पर ही स्कैल्प की गहरी सफाई पर ध्यान देना चाहिए। इसके लिए उन्होंने नियमित उपयोग में आने वाले शैंपू के साथ साधारण सफेद सिरके के इस्तेमाल की सलाह दी है।

जावेद हबीब के मुताबिक, शैंपू में केवल एक छोटी चम्मच सफेद सिरका मिलाकर हफ्ते में एक बार बालों को धोना चाहिए। सिरके में मौजूद प्राकृतिक अम्लीय गुण स्कैल्प पर जमा अतिरिक्त तेल, डैंड्रफ और गंदगी की परत को बहुत आसानी से साफ कर देते हैं। इसके साथ ही, यह स्कैल्प के पीएच संतुलन को भी बनाए रखता है, जिससे फंगल इंफेक्शन पनप नहीं पाता। इस आसान उपाय को अपनाने से बालों का झड़ना रुकता है और उनमें प्राकृतिक चमक लौट आती है।

जानिए शैंपू और सफेद सिरके का सही इस्तेमाल कैसे करें

जावेद हबीब की इस टिप का पूरा लाभ उठाने के लिए इसे सही तरीके से तैयार करना और लगाना बेहद जरूरी है। सबसे पहले एक साफ कटोरी लें और उसमें अपने बालों की लंबाई के हिसाब से नियमित इस्तेमाल किया जाने वाला शैंपू निकाल लें। इसके बाद उसी शैंपू में एक छोटा चम्मच सफेद सिरका मिलाएं। सिरका और शैंपू को चम्मच की मदद से तब तक अच्छी तरह फेंटें जब तक कि दोनों आपस में पूरी तरह घुल-मिल न जाएं।

अब इस तैयार मिश्रण को गीले बालों और स्कैल्प पर लगाएं। उंगलियों के पोरों से स्कैल्प की हल्की मसाज करें और लगभग दो से तीन मिनट तक इसे बालों में लगा रहने दें। मसाज करने से सिरके के पोषक तत्व स्कैल्प की गहराई तक पहुंचकर गंदगी को बाहर निकाल देते हैं। इसके बाद बालों को सामान्य ताजे पानी से बहुत अच्छी तरह धो लें, ताकि शैंपू का कोई भी अंश बालों में न बचे। बेहतर परिणामों के लिए इस प्रक्रिया को सप्ताह में केवल एक बार ही दोहराना पर्याप्त होता है।

Monsoon Hairfall Problem:  स्कैल्प के पीएच लेवल और फंगल इंफेक्शन पर सिरके का असर

वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखें तो हमारे स्कैल्प का एक निश्चित पीएच स्तर होता है, जो इसे बैक्टीरिया और फंगस से बचाकर रखता है। मानसून में अत्यधिक पसीने और क्षार वाले शैंपू के अत्यधिक उपयोग से यह संतुलन बिगड़ जाता है। सफेद सिरका में माइल्ड एसिटिक एसिड पाया जाता है, जो स्कैल्प के बिगड़े हुए पीएच संतुलन को वापस सामान्य स्तर पर लाने में मदद करता है। जब पीएच संतुलन ठीक रहता है, तो स्कैल्प पर हानिकारक सूक्ष्मजीव नहीं पनप पाते।

सिरके का यह अम्लीय गुण बालों के बाहरी क्यूटिकल्स को भी बंद करने में सहायता करता है। जब बालों के क्यूटिकल्स सही ढंग से बंद हो जाते हैं, तो बालों के अंदर की नमी बरकरार रहती है और वे बाहर की अतिरिक्त नमी को सोखना बंद कर देते हैं। इसके परिणामस्वरूप बाल सुलझे हुए, स्मूद और चमकदार नजर आते हैं। साथ ही, फंगल डैंड्रफ और खुजली की समस्या भी प्राकृतिक रूप से खत्म हो जाती है, जिससे जड़ों को मजबूती मिलती है।

Monsoon Hairfall Problem: मानसून में बालों की देखभाल करते समय रखें इन बातों का ध्यान

शैंपू में सिरका मिलाकर इस्तेमाल करने के साथ-साथ मानसून के दौरान कुछ दैनिक आदतों में सुधार करना भी आवश्यक है। बारिश में भीगने से हमेशा बचना चाहिए क्योंकि बारिश के पानी में मौजूद दूषित तत्व और एसिड बालों को भारी नुकसान पहुंचाते हैं। यदि बाल गलती से बारिश में भीग जाएं, तो उन्हें तुरंत साफ पानी और माइल्ड शैंपू से धोकर सुखा लेना चाहिए। गीले बालों में तुरंत कंघी करने से बचना चाहिए, क्योंकि गीली जड़ें बहुत कमजोर होती हैं और आसानी से टूट जाती हैं।

इसके अतिरिक्त, मानसून के दौरान बालों को बांधने से पहले उनका पूरी तरह सूखना बहुत जरूरी है। गीले बालों को बांधने से स्कैल्प में नमी फंसी रह जाती है, जिससे दुर्गंध और फंगस की समस्या बढ़ जाती है। बहुत अधिक गर्म पानी से बाल धोने के बजाय हमेशा सामान्य ताजे पानी का ही प्रयोग करें। खानपान में विटामिन सी, प्रोटीन और आयरन से भरपूर चीजों को शामिल करें, ताकि बालों को अंदर से पोषण मिल सके और वे मौसमी बदलावों का मुकाबला कर सकें।

मानसून के मौसम में बालों का झड़ना और रूखापन एक व्यापक समस्या है, लेकिन सही जानकारी और सही देखभाल से इस पर आसानी से काबू पाया जा सकता है। महंगे और रसायनों से भरे ब्यूटी प्रोडक्ट्स पर निर्भर रहने के बजाय प्राकृतिक और वैज्ञानिक रूप से प्रभावी घरेलू उपायों को अपनाना अधिक सुरक्षित रहता है। हेयर एक्सपर्ट जावेद हबीब द्वारा बताया गया शैंपू और सफेद सिरके का यह आसान प्रयोग न केवल स्कैल्प की स्वच्छता बनाए रखता है, बल्कि बालों की जड़ों को मजबूत बनाकर हेयर फॉल को भी नियंत्रित करता है। नियमित जीवनशैली, सही आहार और इस साधारण हेयर केयर टिप के संयोजन से बारिश के पूरे मौसम में भी बालों की सुंदरता, मजबूती और प्राकृतिक चमक को पूरी तरह से सुरक्षित रखा जा सकता है।

डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है, यह चिकित्सीय सलाह नहीं है। किसी भी घरेलू उपाय, डाइट, दवा या उत्पाद को अपनाने से पहले, खासकर किसी बीमारी, एलर्जी, गर्भावस्था या दवा चलने की स्थिति में, योग्य डॉक्टर से सलाह लें। विश्वसनीय स्वास्थ्य जानकारी के लिए देखें: आयुष मंत्रालय | WHO: स्वस्थ आहार

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लेखक

Shobhit Pandey

शोभित पांडेय डेमोक्रेटिक भारत लाइव के शिकायत अधिकारी (Grievance Officer) हैं। सूचना प्रौद्योगिकी नियम, 2021 के तहत पाठकों की शिकायतें और सुधार संबंधी अनुरोध हमारे संपर्क पेज के माध्यम से भेजे जा सकते हैं।

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