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खाद्य और कृषि संगठन FAO क्या है: 1945 में स्थापना, रोम मुख्यालय, विश्व खाद्य दिवस और भूख मिटाने की वैश्विक मुहिम

दुनिया से भूख मिटाने और खेती सुधारने के लिए बना FAO संयुक्त राष्ट्र की सबसे पुरानी एजेंसियों में है। जानिए इसके बारे में।

खेत में फसल और अनाज का प्रतीकात्मक चित्र
प्रतीकात्मक तस्वीर (AI निर्मित) | ग्राफिक: डेमोक्रेटिक भारत लाइव

सारांश

  • दुनिया में आज भी करोड़ों लोग भूख और कुपोषण से जूझ रहे हैं। खेती की उत्पादकता बढ़ाना, खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना और ग्रामीण इलाकों में गरीबी कम करना वैश्विक चुनौतियां हैं।
  • FAO की सदस्यता से जुड़े पन्ने के अनुसार संगठन में 193 सदस्य देश, 2 एसोसिएट सदस्य और एक सदस्य संगठन, यूरोपीय संघ, शामिल हैं।
  • भारत की खेती और खाद्य सुरक्षा से जुड़े कई कार्यक्रमों में FAO तकनीकी सहयोग देता रहा है।
  • FAO के आंकड़े और रिपोर्ट सरकारों को खेती की नीतियां बनाने में मदद करते हैं।

दुनिया में आज भी करोड़ों लोग भूख और कुपोषण से जूझ रहे हैं। खेती की उत्पादकता बढ़ाना, खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना और ग्रामीण इलाकों में गरीबी कम करना वैश्विक चुनौतियां हैं। इन्हीं पर काम करने के लिए संयुक्त राष्ट्र का खाद्य और कृषि संगठन यानी Food and Agriculture Organization, जिसे FAO कहते हैं, बना। इस लेख में जानिए FAO का इतिहास, ढांचा और काम।

FAO कब बना

FAO की आधिकारिक जानकारी के अनुसार इसकी स्थापना 16 अक्टूबर 1945 को कनाडा के क्यूबेक सिटी में हुई थी। यह संयुक्त राष्ट्र की विशेष एजेंसी है। FAO के इतिहास से जुड़े पन्ने के अनुसार शुरुआत में इसका मुख्यालय अमेरिका के वॉशिंगटन में था, जिसे 1951 में इटली की राजधानी रोम ले जाया गया।

मुख्य बातें: खेत में फसल और अनाज का प्रतीकात्मक चित्र
प्रतीकात्मक तस्वीर (AI निर्मित) | ग्राफिक: डेमोक्रेटिक भारत लाइव

विश्व खाद्य दिवस

FAO की स्थापना की याद में हर साल 16 अक्टूबर को विश्व खाद्य दिवस मनाया जाता है। इस दिन दुनिया भर में भूख, कुपोषण, खाने की बर्बादी और टिकाऊ खेती जैसे मुद्दों पर कार्यक्रम होते हैं। हर साल इस दिन के लिए एक विषय यानी थीम तय की जाती है।

सदस्य कौन हैं

FAO की सदस्यता से जुड़े पन्ने के अनुसार संगठन में 193 सदस्य देश, 2 एसोसिएट सदस्य और एक सदस्य संगठन, यूरोपीय संघ, शामिल हैं। भारत FAO का संस्थापक सदस्य है और लंबे समय से इसके कामकाज में सक्रिय रहा है।

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FAO का ढांचा

FAO की सर्वोच्च संस्था FAO सम्मेलन है, जिसमें सभी सदस्य शामिल होते हैं और यह हर दो साल में बैठक करता है। सम्मेलन संगठन की नीतियां और बजट तय करता है और महानिदेशक का चुनाव करता है। सम्मेलन के बीच के समय में FAO परिषद कामकाज की निगरानी करती है।

FAO के मुख्य काम

  • दुनिया भर में खेती, मछली पालन, वानिकी और खाद्य से जुड़े आंकड़े जुटाना और प्रकाशित करना।
  • सदस्य देशों को खेती की नई तकनीक और नीतियों पर सलाह देना।
  • टिड्डी दल, पशु रोग और फसल रोगों जैसे खतरों पर नजर रखना और चेतावनी देना।
  • आपदा और संघर्ष वाले इलाकों में खेती और आजीविका बहाल करने में मदद।
  • खाद्य सुरक्षा और पोषण से जुड़े अंतरराष्ट्रीय मानकों पर काम करना।

खाद्य मूल्य सूचकांक

FAO हर महीने खाद्य मूल्य सूचकांक जारी करता है, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनाज, तेल, डेयरी, मांस और चीनी के दामों की चाल दिखाता है। सरकारें, अर्थशास्त्री और व्यापारी इस सूचकांक पर नजर रखते हैं, क्योंकि इससे खाद्य महंगाई का अंदाजा मिलता है।

भारत और FAO

भारत की खेती और खाद्य सुरक्षा से जुड़े कई कार्यक्रमों में FAO तकनीकी सहयोग देता रहा है। भारत के सुझाव पर संयुक्त राष्ट्र ने 2023 को अंतरराष्ट्रीय मिलेट्स वर्ष घोषित किया था और FAO इसके आयोजन से जुड़ा था। इससे बाजरा, ज्वार, रागी जैसे मोटे अनाजों के प्रति दुनिया भर में जागरूकता बढ़ी।

संयुक्त राष्ट्र की दूसरी खाद्य एजेंसियां

रोम में FAO के अलावा दो और संयुक्त राष्ट्र एजेंसियां हैं जो भोजन और खेती से जुड़ी हैं, विश्व खाद्य कार्यक्रम यानी WFP, जो आपात स्थितियों में भोजन पहुंचाता है, और अंतरराष्ट्रीय कृषि विकास कोष यानी IFAD, जो ग्रामीण विकास के लिए कर्ज और अनुदान देता है।

खाने की बर्बादी पर ध्यान

FAO खाने की बर्बादी और नुकसान कम करने पर भी जोर देता है। खेत से लेकर थाली तक के सफर में भोजन का बड़ा हिस्सा भंडारण, परिवहन, दुकानों और घरों में बर्बाद हो जाता है। आम लोग भी जरूरत के हिसाब से खरीदारी करके, बचे खाने का सही इस्तेमाल करके और खाना सही तरीके से रखकर इसमें योगदान दे सकते हैं।

किसानों के लिए FAO का महत्व

FAO के आंकड़े और रिपोर्ट सरकारों को खेती की नीतियां बनाने में मदद करते हैं। मौसम, कीट और बाजार से जुड़ी वैश्विक जानकारी आखिरकार किसानों तक पहुंचने वाली सलाह का आधार बनती है। छोटे किसानों की आमदनी बढ़ाना और खेती को जलवायु के बदलते हालात के अनुकूल बनाना FAO की प्राथमिकताओं में शामिल है।

छात्रों के लिए जरूरी तथ्य

प्रतियोगी परीक्षाओं में FAO की स्थापना की तारीख, मुख्यालय, विश्व खाद्य दिवस और भारत से जुड़े तथ्य अक्सर पूछे जाते हैं। ताजा जानकारी के लिए FAO की आधिकारिक वेबसाइट देखें।

FAO की रिपोर्टें

FAO हर साल कई अहम रिपोर्ट प्रकाशित करता है, जिनमें दुनिया में खाद्य सुरक्षा और पोषण की स्थिति, जंगलों की स्थिति और मछली पालन की स्थिति जैसी रिपोर्टें शामिल हैं। पत्रकार, शोधकर्ता और नीति बनाने वाले इन रिपोर्टों का इस्तेमाल करते हैं। ये रिपोर्टें FAO की वेबसाइट पर मुफ्त में पढ़ी जा सकती हैं।

FAO की स्थापना कब हुई

16 अक्टूबर 1945 को, कनाडा के क्यूबेक सिटी में।

FAO का मुख्यालय कहां है

रोम, इटली में।

विश्व खाद्य दिवस कब मनाया जाता है

हर साल 16 अक्टूबर को।

FAO में कितने सदस्य देश हैं

193 सदस्य देश, 2 एसोसिएट सदस्य और यूरोपीय संघ।

स्रोत: FAO: Overview, FAO: Membership of FAO, FAO: A short history, FAO: International Year of Millets 2023

लेखक

Sudhanshu Tiwari

सुधांशु तिवारी डेमोक्रेटिक भारत लाइव के संस्थापक, मालिक और संपादक हैं। डिजिटल मीडिया में 6 साल से अधिक के अनुभव के साथ वे मुख्य रूप से राजनीति और चुनाव की खबरें कवर करते हैं, साथ ही देश, कारोबार और खेल से जुड़ी अहम खबरों का संपादन करते हैं। वेबसाइट की संपादकीय नीति, तथ्य-जांच और प्रकाशित सामग्री की अंतिम जिम्मेदारी उन्हीं की है।

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