वॉलीबॉल भारत के गांवों और कस्बों में खूब खेला जाता है। शाम को किसी खुले मैदान में दो बांसों के बीच नेट बांधकर खेलते युवा आम दृश्य हैं। स्कूल, कॉलेज, पुलिस और सेना की टीमों में भी यह खेल लोकप्रिय है। लेकिन गली के खेल और आधिकारिक मैच के नियमों में कई अंतर होते हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वॉलीबॉल के नियम अंतरराष्ट्रीय वॉलीबॉल महासंघ यानी FIVB तय करता है। यहां FIVB के 2025-2028 के आधिकारिक नियमों के आधार पर मुख्य बातें आसान भाषा में दी गई हैं।
कोर्ट और नेट
वॉलीबॉल का कोर्ट 18 मीटर लंबा और 9 मीटर चौड़ा होता है, जिसे बीच में नेट दो बराबर हिस्सों में बांटता है। पुरुषों के लिए नेट की ऊंचाई 2.43 मीटर और महिलाओं के लिए 2.24 मीटर होती है। नेट से 3 मीटर की दूरी पर हर तरफ एक अटैक लाइन होती है, जो फ्रंट जोन और बैक जोन को अलग करती है।

टीम में कितने खिलाड़ी
कोर्ट पर हर टीम के 6 खिलाड़ी होते हैं, तीन आगे और तीन पीछे। टीम में अतिरिक्त खिलाड़ी भी होते हैं, जो नियमों के अनुसार बदले जा सकते हैं।
अंक कैसे मिलते हैं
वॉलीबॉल में रैली पॉइंट सिस्टम चलता है। यानी हर रैली में किसी न किसी टीम को एक अंक मिलता है, चाहे सर्विस किसी ने भी की हो। अंक तब मिलता है जब:
- गेंद विरोधी टीम के कोर्ट में जमीन को छू ले।
- विरोधी टीम गेंद को बाहर मार दे।
- विरोधी टीम कोई गलती करे, जैसे चार बार गेंद छूना या नेट छूना।
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सेट और मैच
एक सेट वह टीम जीतती है जो पहले 25 अंक बनाए और उसकी बढ़त कम से कम 2 अंकों की हो। अगर स्कोर 24-24 हो जाए, तो खेल तब तक चलता है जब तक किसी टीम को 2 अंकों की बढ़त न मिल जाए, जैसे 26-24 या 27-25। मैच आमतौर पर बेस्ट ऑफ फाइव होता है, यानी जो टीम पहले 3 सेट जीते, वह मैच जीतती है। अगर स्कोर 2-2 हो जाए तो पांचवां और निर्णायक सेट 15 अंकों का होता है, इसमें भी 2 अंकों की बढ़त जरूरी है।
तीन टच का नियम
हर टीम को गेंद विरोधी कोर्ट में वापस भेजने के लिए अधिकतम तीन टच मिलते हैं। आमतौर पर पहला टच पास या रिसीव, दूसरा सेट और तीसरा अटैक या स्मैश होता है। ब्लॉक को इन तीन टच में नहीं गिना जाता। एक ही खिलाड़ी लगातार दो बार गेंद नहीं छू सकता, ब्लॉक के कुछ मामलों को छोड़कर।
सर्विस
सर्विस कोर्ट के पीछे एंड लाइन के बाहर से की जाती है। रेफरी की सीटी के बाद सर्वर के पास सर्विस करने के लिए 8 सेकंड होते हैं। सर्विस करते समय सर्वर एंड लाइन पर पैर नहीं रख सकता। सर्विस की गई गेंद नेट को छूकर विरोधी कोर्ट में चली जाए तो भी सर्विस वैध मानी जाती है।
रोटेशन
जब रिसीव करने वाली टीम रैली जीतती है, तो उसे सर्विस का अधिकार मिलता है और उसके खिलाड़ी घड़ी की सुई की दिशा में एक-एक स्थान आगे खिसकते हैं। इसे रोटेशन कहते हैं। सर्विस के समय खिलाड़ियों का अपनी तय जगह पर होना जरूरी है, गलत क्रम होने पर विरोधी टीम को अंक मिल जाता है।
लिबेरो कौन होता है
लिबेरो एक विशेष रक्षात्मक खिलाड़ी होता है, जो अलग रंग की जर्सी पहनता है ताकि आसानी से पहचाना जा सके। FIVB नियमों के अनुसार लिबेरो सर्विस नहीं कर सकता, ब्लॉक नहीं कर सकता और नेट की ऊंचाई से ऊपर की गेंद पर अटैक पूरा नहीं कर सकता। यह खिलाड़ी आमतौर पर पीछे की पंक्ति में रिसीव और डिफेंस का काम करता है।
आम गलतियां
- नेट को खेल के दौरान छूना, खासकर गेंद खेलते समय।
- गेंद को पकड़ना या फेंकना, यानी कैच।
- सेंटर लाइन पार करके विरोधी कोर्ट में दखल देना।
- पीछे की पंक्ति के खिलाड़ी का अटैक लाइन के आगे से नेट से ऊपर की गेंद पर अटैक करना।
टाइम-आउट
FIVB नियमों में हर टीम को एक सेट में सीमित टाइम-आउट मिलते हैं, जिसमें कोच खिलाड़ियों को रणनीति समझाता है। बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में आयोजकों की ओर से कुछ अतिरिक्त प्रावधान भी लागू हो सकते हैं।
फिटनेस और कौशल
वॉलीबॉल में ऊंची छलांग, तेज प्रतिक्रिया, मजबूत कंधे और टीमवर्क की जरूरत होती है। शुरुआती खिलाड़ियों को पहले पासिंग और सर्विस का अभ्यास करना चाहिए, फिर स्मैश और ब्लॉक सीखने चाहिए।
वॉलीबॉल में एक सेट कितने अंक का होता है
सामान्य सेट 25 अंक का और निर्णायक पांचवां सेट 15 अंक का, दोनों में 2 अंकों की बढ़त जरूरी।
एक टीम कितनी बार गेंद छू सकती है
ब्लॉक को छोड़कर अधिकतम तीन बार।
स्रोत: FIVB: Official Volleyball Rules 2025-2028, Wikipedia: Volleyball





