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Satya Niketan Building Collapse: सत्य निकेतन हादसे में 7 की मौत, 12 लोगों को मलबे से निकाला गया

Satya Niketan Building Collapse

सारांश

  • Satya Niketan Building Collapse: दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में 6 सितंबर 2026 को पांच मंजिला इमारत गिरने की घटना में सात लोगों की मौत हुई।
  • इमारत 6 सितंबर की दोपहर अचानक ढह गई। दिल्ली फायर सर्विस को पहली सूचना दोपहर 1:33 बजे मिली।
  • मरने वालों में ज्यादातर छात्र थे, जो देश के अलग-अलग राज्यों से पढ़ाई के लिए दिल्ली आए थे।
  • दिल्ली पुलिस ने इमारत से जुड़े तीन लोगों को गिरफ्तार किया और पीजी संचालकों व लेबर ठेकेदार की भूमिका की जांच शुरू की।

Satya Niketan Building Collapse: दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में 6 सितंबर 2026 को पांच मंजिला इमारत गिरने की घटना में सात लोगों की मौत हुई। दिल्ली पुलिस के अनुसार मलबे से कुल 12 लोगों को बाहर निकाला गया। करीब 27 घंटे चला खोज और बचाव अभियान 7 सितंबर को पूरा हुआ। यह इमारत दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के पास थी और इसमें छात्रों के लिए निजी हॉस्टल (पीजी) चल रहा था।

कैसे हुआ हादसा

इमारत 6 सितंबर की दोपहर अचानक ढह गई। दिल्ली फायर सर्विस को पहली सूचना दोपहर 1:33 बजे मिली। संकरी गलियों के कारण दमकलकर्मियों को आखिरी हिस्सा पैदल तय करना पड़ा। शुरुआती मिनटों में आसपास के छात्रों, दुकानदारों और निवासियों ने भी फंसे लोगों को निकालने में मदद की। बाद में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), दिल्ली पुलिस और दूसरी एजेंसियों ने मिलकर बचाव अभियान चलाया।

मृतक और घायल

मरने वालों में ज्यादातर छात्र थे, जो देश के अलग-अलग राज्यों से पढ़ाई के लिए दिल्ली आए थे। मृतकों में दो मजदूर भी शामिल थे। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 8 सितंबर को एम्स ट्रॉमा सेंटर जाकर घायलों से मुलाकात की और कहा कि सरकार इलाज का पूरा खर्च उठाएगी। उस समय एक छात्र की हालत गंभीर बताई गई थी।

गिरफ्तारी और जांच

दिल्ली पुलिस ने इमारत से जुड़े तीन लोगों को गिरफ्तार किया और पीजी संचालकों व लेबर ठेकेदार की भूमिका की जांच शुरू की। इमारत गिरने की असली वजह जांच का विषय है। दिल्ली हाईकोर्ट ने 7 सितंबर को पीजी में रहने वाले छात्रों की सुरक्षा पर चिंता जताई और दिल्ली नगर निगम (MCD) को अपने क्षेत्र के सभी पीजी हॉस्टलों का एक हफ्ते में निरीक्षण करने का निर्देश दिया।

छात्रों के लिए जरूरी सावधानी

पीजी या किराए का कमरा लेने से पहले इमारत की हालत, दीवारों और छत में दरारें, नई मंजिलों का अवैध निर्माण और आपातकालीन निकास जरूर देखें। किसी खतरे का संदेह हो तो नगर निगम या स्थानीय पुलिस को सूचना दें।

स्रोत: दिल्ली पुलिस के बयान, द हिंदू और इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के आधार पर।

लेखक

Netsha Singh

नेत्शा सिंह डेमोक्रेटिक भारत लाइव में हिंदी न्यूज़ कंटेंट राइटर हैं। वे सरकारी योजनाओं, आपका पैसा, देश की खबरों और धर्म-आस्था से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। डिजिटल न्यूज़ लेखन में उन्हें लगभग एक साल का अनुभव है; इससे पहले वे खबर नगरी और ऑनलाइन ताज़ा खबर के साथ काम कर चुकी हैं और यूट्यूब पर समसामयिक विषयों पर कंटेंट भी बनाती हैं।

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