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BREAKING: जालौन में अवैध ड्रग्स फैक्ट्री का भंडाफोड़, 1100 किलो से अधिक सामग्री बरामद

उत्तर प्रदेश के जालौन में DRI और ATS ने एक अवैध ड्रग्स फैक्ट्री का भंडाफोड़ कर 1100 किलो से अधिक नशीले पदार्थ जब्त किए हैं।

BREAKING: जालौन में अवैध ड्रग्स फैक्ट्री का भंडाफोड़, 1100 किलो से अधिक सामग्री बरामद
प्रतीकात्मक तस्वीर (AI निर्मित) | ग्राफिक: डेमोक्रेटिक भारत लाइव

सारांश

  • उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में DRI और यूपी ATS ने अवैध सिंथेटिक ड्रग फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है।
  • जालौन जिले के उरई क्षेत्र अंतर्गत आने वाले एरी रामपुरा गांव में एक अवैध सिंथेटिक ड्रग निर्माण इकाई का संचालन किया जा रहा था।
  • छापेमारी के दौरान जांच अधिकारियों को लैब से बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थ और रसायन प्राप्त हुए।
  • इस मामले में कुल दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें से एक आरोपी संतोष है, जो महाराष्ट्र का निवासी बताया गया है, जबकि दूसरा आरोपी हेमेंद्र है जो स्थानीय जालौन जिले का निवासी है।

उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में DRI और यूपी ATS ने अवैध सिंथेटिक ड्रग फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। उरई तहसील के एरी रामपुरा गांव में चल रही इस लैब से कुल 1102.88 किलो ड्रग्स और केमिकल जब्त किए गए हैं। इनमें 15.44 किलो तैयार मेफेड्रोन और करीब 184 किलो अर्ध-निर्मित ड्रग्स शामिल हैं। इस मामले में महाराष्ट्र के रहने वाले संतोष और जालौन के हेमेंद्र को अरेस्ट किया गया है।

जालौन ड्रग्स फैक्ट्री
प्रतीकात्मक तस्वीर (AI निर्मित) | ग्राफिक: डेमोक्रेटिक भारत लाइव

सुनसान इलाकों में चल रहा था अवैध कारोबार

जालौन जिले के उरई क्षेत्र अंतर्गत आने वाले एरी रामपुरा गांव में एक अवैध सिंथेटिक ड्रग निर्माण इकाई का संचालन किया जा रहा था। यह स्थान काफी दूरस्थ और सुनसान है, जिसका लाभ उठाकर आरोपी लंबे समय से इस अवैध गतिविधियों को अंजाम दे रहे थे। जांच एजेंसियों को इस संदिग्ध गतिविधि के बारे में पहले से ही जानकारी प्राप्त हो रही थी, लेकिन सटीक स्थान की पहचान न हो पाने के कारण कार्रवाई में बाधा आ रही थी। एजेंसियों ने काफी समय तक इस नेटवर्क की निगरानी की और गुप्त सूचनाओं के आधार पर अपनी रणनीति तैयार की। बुधवार की सुबह, एक मुखबिर से प्राप्त हुई पुख्ता जानकारी के बाद, राजस्व खुफिया निदेशालय और उत्तर प्रदेश आतंकवाद निरोधी दस्ते की संयुक्त टीमों ने गांव में एक साथ दबिश दी। इस छापेमारी के दौरान फैक्ट्री को सील कर दिया गया और वहां चल रहे अवैध निर्माण कार्य को पूरी तरह से बंद करवा दिया गया।

BREAKING: जालौन में अवैध ड्रग्स फैक्ट्री का भंडाफोड़, 1100 किलो से अधिक सामग्री बरामद
प्रतीकात्मक तस्वीर (AI निर्मित) | ग्राफिक: डेमोक्रेटिक भारत लाइव

बरामदगी का विस्तृत विवरण

छापेमारी के दौरान जांच अधिकारियों को लैब से बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थ और रसायन प्राप्त हुए। मुख्य रूप से 15.44 किलोग्राम मेफेड्रोन ड्रग को तैयार अवस्था में बरामद किया गया है। इसके अतिरिक्त, लैब के भीतर से 184 किलोग्राम अर्ध निर्मित ड्रग्स भी जब्त की गई है, जो निर्माण प्रक्रिया के विभिन्न चरणों में थी। तलाशी अभियान को और व्यापक बनाते हुए अधिकारियों ने 582.2 किलोग्राम रसायन और अन्य कच्चा माल भी बरामद किया है। इन सभी सामग्रियों को मिलाकर कुल 1102.88 किलोग्राम नशीले पदार्थ और रसायनों की जब्ती की गई है। इसके अलावा, ड्रग्स के निर्माण में उपयोग की जाने वाली मशीनें भी बरामद की गई हैं, जो यह दर्शाती हैं कि यह एक सुनियोजित और बड़े पैमाने पर चलने वाली अवैध फैक्ट्री थी।

आरोपियों की भूमिका और जांच का दायरा

इस मामले में कुल दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें से एक आरोपी संतोष है, जो महाराष्ट्र का निवासी बताया गया है, जबकि दूसरा आरोपी हेमेंद्र है जो स्थानीय जालौन जिले का निवासी है। दोनों आरोपी मिलकर इस लैब का संचालन कर रहे थे और ड्रग्स बनाने की प्रक्रिया में सक्रिय थे। DRI द्वारा जारी किए गए नोट के अनुसार, यह कार्रवाई एक बड़े अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। वर्तमान में, केंद्रीय और राज्य स्तर की जांच एजेंसियां दोनों गिरफ्तार आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही हैं ताकि इस नेटवर्क के मास्टरमाइंड का पता लगाया जा सके।

भविष्य की रणनीति और नेटवर्क की पड़ताल

जांच का दायरा अब उन क्षेत्रों की पहचान करने पर केंद्रित है जहां इन नशीले पदार्थों की आपूर्ति की जाती थी। एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि इस इंटरस्टेट ड्रग नेटवर्क से और कौन से अन्य लोग या समूह जुड़े हुए हैं। पूछताछ के दौरान मिली जानकारियों के आधार पर अन्य सदस्यों की पहचान की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि यह एक संगठित अपराध का हिस्सा है और जांच प्रक्रिया में अभी और भी गिरफ्तारियां होने की पूरी संभावना है। एजेंसियां इस पूरे सिंडिकेट के हर एक कड़ी को जोड़ने का प्रयास कर रही हैं ताकि भविष्य में इस तरह के अवैध निर्माण को पूरी तरह से रोका जा सके। फिलहाल, पकड़ी गई सामग्री और मशीनरी को साक्ष्य के रूप में सुरक्षित रखा गया है और आगे की कानूनी कार्यवाही जारी है।

भंडाफोड़
प्रतीकात्मक तस्वीर (AI निर्मित) | ग्राफिक: डेमोक्रेटिक भारत लाइव

स्रोत: Aaj Tak

लेखक

Sudhanshu Tiwari

सुधांशु तिवारी डेमोक्रेटिक भारत लाइव के संस्थापक, मालिक और संपादक हैं। डिजिटल मीडिया में 6 साल से अधिक के अनुभव के साथ वे मुख्य रूप से राजनीति और चुनाव की खबरें कवर करते हैं, साथ ही देश, कारोबार और खेल से जुड़ी अहम खबरों का संपादन करते हैं। वेबसाइट की संपादकीय नीति, तथ्य-जांच और प्रकाशित सामग्री की अंतिम जिम्मेदारी उन्हीं की है।

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