ताज़ा खबर
How to Quit Tobacco: Free National Quitline, mCessation and Tips to Stop Smoking or Chewing भाई दूज के अलग-अलग रूप: बंगाल का भाई फोंटा, महाराष्ट्र का भाऊबीज, नेपाल का भाई टीका और इनकी परंपराएं Post Office RD Explained: Minimum Deposit, Interest, Loan, Premature Closure and How to Open BREAKING: लॉरेंस बिश्नोई गैंग का सदस्य हैरी बॉक्सर अमेरिका के कैलिफोर्निया में हिरासत में लिया गया पहले दिन Ramayana की बॉक्स ऑफिस पर जय-जयकार, प्री-दीवाली रिलीज का पुराना रिकॉर्ड तोड़ बनाया नया बेंचमार्क पिकलबॉल के नियम आसान भाषा में: किचन जोन, दो बाउंस का नियम, अंडरहैंड सर्व, 11 अंक का गेम और तेजी से लोकप्रिय होते खेल की कहानी BREAKING: राहुल गांधी ने पेट्रोल में एथेनॉल की अधिक मात्रा पर केंद्र सरकार को घेरा छात्रवृत्ति योजनाओं का विस्तार, अनुसूचित जाति के 1.44 करोड़ से अधिक छात्रों को मिला लाभ
ट्रेंडिंग
भारत

मायावती का अखिलेश पर हमला, पीडीए रथ भगवा रंग वाला, मुस्लिम वोट खराब करने का आरोप

Mayawati attacks Akhilesh PDA
Mayawati attacks Akhilesh PDA

सारांश

  • बसपा प्रमुख मायावती ने अखिलेश यादव के PDA रथ को लेकर सवाल उठाए हैं।
  • मायावती ने दावा किया कि रथ में सपा के लाल रंग की तुलना में भगवा रंग ज्यादा दिखाई दे रहा है।
  • उन्होंने इसे सपा की चुनावी रणनीति और वोटों की राजनीति से जोड़कर सवाल उठाया। यह मायावती का राजनीतिक आरोप है।
  • मायावती ने मुस्लिम मतदाताओं के सपा के प्रति रुख को लेकर भी टिप्पणी की और कहा कि क्या सपा को अब मुस्लिम वोट मिलने का भरोसा नहीं रहा।
  • उन्होंने पिछले चुनावों में मुस्लिम मतदाताओं के सपा को समर्थन का जिक्र करते हुए कहा कि इससे बीजेपी को सत्ता में आने से रोकने में सफलता नहीं मिली।
  • मायावती ने सपा से PDA की वास्तविक परिभाषा स्पष्ट करने की मांग भी की और पार्टी के अलग-अलग समय के राजनीतिक संदेशों पर सवाल उठाए।

Mayawati attacks Akhilesh PDA: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियां चल रही हैं। इसी बीच बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर सीधा हमला बोला है। उन्होंने सपा के प्रचारित पीडीए रथ को लेकर सवाल उठाए हैं।

मायावती का कहना है कि यह रथ सपा के अपने लाल रंग से कम और आरएसएस भाजपा के भगवा रंग से ज्यादा दिखता है। उन्होंने इसे भगवाकरण बताया। साथ ही मुस्लिम समाज के वोट को लेकर सपा की रणनीति पर भी टिप्पणी की।

यह बयान ऐसे समय आया है जब विपक्षी दल अपने अपने तरीके से चुनावी समीकरण साधने की कोशिश कर रहे हैं। मायावती ने सपा पर आरोप लगाया कि पार्टी बार बार रंग बदल रही है। उन्होंने बीएसपी को सर्वसमाज की पार्टी बताते हुए अपनी उपलब्धियों का जिक्र भी किया।

Mayawati attacks Akhilesh PDA: मायावती ने पीडीए रथ को लेकर क्या कहा?

मायावती ने कहा कि यूपी के आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारी के लिए सपा प्रमुख का प्रचारित पीडीए रथ सपा के अपने लाल रंग का कम तथा आरएसएस भाजपा के भगवा रंग का ज्यादा है। उन्होंने इसे भगवाकरण बताया।

उनके अनुसार लोगों में चर्चा यही है कि यह सब वोटों के स्वार्थ की खातिर गिरगिट की तरह लगातार रंग बदलना है या फिर मुसलमानों पर से सपा प्रमुख का वोट पाने का भरोसा उठ जाना है। मायावती ने इस रथ की रंगत को चुनावी स्वार्थ से जोड़ा।

उन्होंने सपा से जनता को यह भी बताने को कहा कि अब इनके पीडीए की असली वास्तविकता क्या है। चुनावी स्वार्थ में अब तक इन्होंने कभी पीडी को पिछड़ा दलित बताया तो कभी पीडी को पंडित बताया है।

मायावती के इस बयान से साफ है कि वे सपा के नए प्रतीक और नारे को संदेह की नजर से देख रही हैं। पीडीए रथ को उन्होंने सपा की पहचान से दूर बताया।

मुस्लिम समाज के वोट को लेकर मायावती का क्या आरोप है?

मायावती ने कहा कि यूपी के खासकर मुस्लिम समाज को इस कड़वी हकीकत का पूरी तरह से अहसास है। पिछले चुनावों में सपा को उनके द्वारा अधिकांश एकतरफा वोट देने के बावजूद भी यह पार्टी यूपी व केंद्र की सत्ता में भाजपा को सरकार बनाने से नहीं रोक पाती है।

उन्होंने सवाल किया कि तो इस पार्टी को बार बार वोट देकर अपना वोट खराब क्यों किया जाए। उनके अनुसार इस मामले में अब वे अपरकास्ट में से खासकर ब्राह्मण समाज की तरह ही अपना रवैया काफी तेजी से बीएसपी के पक्ष में बदल रहे हैं।

मायावती का दावा है कि मुस्लिम मतदाता अब सपा से दूरी बना रहे हैं क्योंकि पार्टी सत्ता में भाजपा को रोक नहीं सकी। उन्होंने इसे कड़वी हकीकत करार दिया। यह बयान सपा के पारंपरिक वोटर आधार पर सवाल उठाता है।

उन्होंने ब्राह्मण समाज के रुख का उदाहरण देते हुए कहा कि मुस्लिम समाज भी उसी दिशा में जा रहा है। यूपी चुनाव में यह समीकरण कितना असर डालेगा यह आगे की राजनीति तय करेगी।

Mayawati attacks Akhilesh PDA: बीएसपी की उपलब्धियों का जिक्र मायावती ने क्यों किया?

मायावती ने कहा कि बीएसपी यूपी में खासकर अपराध नियंत्रण व शांति व्यवस्था के मामलों में कानून द्वारा कानून के राज के साथ ही व्यापक जनहित जनकल्याण एवं विकास के मामलों में भी बेहतरीन आयरनलेडी राज यहां कई बार स्थापित करके दिखा चुकी है।

उनके अनुसार इसकी सर्वसमाज के हित व कल्याण में प्रदेश को सख्त जरूरत भी है। उन्होंने बीएसपी शासन को आयरनलेडी राज बताया और कानून व्यवस्था पर जोर दिया।

मायावती ने यह बात इसलिए कही ताकि बीएसपी को सपा के मुकाबले बेहतर विकल्प के रूप में पेश किया जा सके। उन्होंने विकास और जनकल्याण के कामों का हवाला दिया जो उनके अनुसार सर्वसमाज के लिए जरूरी हैं।

यह जिक्र सपा की आलोचना के साथ अपनी पार्टी की छवि मजबूत करने का प्रयास लगता है। यूपी की राजनीति में कानून व्यवस्था हमेशा बड़ा मुद्दा रहा है और मायावती ने उसी को केंद्र में रखा।

पीडीए की असली वास्तविकता पर मायावती ने क्या सवाल उठाए?

मायावती ने सपा से मांग की कि पार्टी जनता को जरूर बता दे कि अब इनके पीडीए की असली वास्तविकता क्या है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावी स्वार्थ में इन्होंने कभी पीडी को पिछड़ा दलित बताया तो कभी पंडित बताया।

कभी अपने आपको अंबेडकरवादी दर्शाने के चक्कर में बीएसपी का नीला रंग वाला वस्त्र धारण कर तस्वीरें खिंचवाई हैं। किंतु इसको लोगों ने फौरन ही फेक अंबेडकरवादी कहकर रिजेक्ट भी कर दिया।

मायावती के अनुसार यह सब चुनावी स्वार्थ की वजह से हो रहा है। उन्होंने सपा के प्रतीकों और रंगों के बार बार बदलने की बात कही। नीले कपड़े पहनने वाले प्रसंग को उन्होंने फेक अंबेडकरवादी करार दिया।

यह आलोचना सपा की सोशल इंजीनियरिंग पर हमला है। मायावती ने साफ किया कि ऐसे प्रयोग जनता ने स्वीकार नहीं किए।

Mayawati attacks Akhilesh PDA: बीएसपी को मायावती ने सर्वसमाज की पार्टी क्यों बताया?

मायावती ने कहा कि इसके विपरीत बीएसपी सर्वसमाज हेतु सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय की नीति व सिद्धांत वाली अंबेडकरवादी पार्टी है। सभी को रोटी रोजगार युक्त आत्म सम्मान व स्वाभिमान आदि का जीवन जीने की पक्षधर है।

इसीलिए सर्वसमाज में बीएसपी का अपना सम्मान है। उन्होंने अपनी पार्टी को सपा से अलग बताया और अंबेडकरवादी सोच पर जोर दिया।

मायावती का यह रुख बीएसपी को व्यापक आधार वाली पार्टी के रूप में पेश करता है। उन्होंने रोटी रोजगार और स्वाभिमान को अपनी नीति से जोड़ा। यूपी चुनाव में यह संदेश दलित पिछड़ा और अन्य वर्गों तक पहुंचाने की कोशिश है।

सपा पर हमले के साथ उन्होंने अपनी पार्टी की विचारधारा को भी दोहराया। 2027 के चुनाव में बीएसपी की रणनीति इसी दिशा में दिख रही है। मायावती के इन बयानों से विपक्ष के अंदरूनी समीकरण और साफ होते दिख रहे हैं।

आधिकारिक जानकारी के लिए देखें: भारतीय रेल

स्रोत: भारतीय रेल (indianrailways.gov.in)

यह भी पढ़ें

लेखक

Adarsh Pandey

आदर्श पांडेय डेमोक्रेटिक भारत लाइव में न्यूज़ राइटर हैं। वे देश की ताजा खबरें, आपका पैसा (कारोबार), मनोरंजन और लाइफस्टाइल से जुड़े विषय कवर करते हैं। डिजिटल मीडिया में उन्हें एक साल से अधिक का अनुभव है।

टिप्पणियां (1)

अपनी राय लिखें

WhatsApp Facebook X