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Flydubai Flight Hijack Attempt: को-पायलट पर कप्तान से मारपीट और विमान पर कब्जे की कोशिश का आरोप, 182 लोग थे सवार

Flydubai Flight Hijack Attempt

सारांश

  • Flydubai Flight Hijack Attempt: रिपोर्ट के अनुसार, घटना 30 सितंबर को फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 में हुई।
  • विमान दुबई से इजरायल के तेल अवीव जा रहा था।
  • को-पायलट पर कॉकपिट में कप्तान पर हमला करने का आरोप है।
  • रिपोर्ट में विमान के लगभग 16,000 फीट ऊंचाई खोने का दावा किया गया है।
  • विमान में 182 लोग सवार बताए गए हैं।
  • यात्रियों और दो ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने कथित तौर पर स्थिति संभालने में मदद की।
  • सऊदी अरब के तबुक हवाई अड्डे पर आपात लैंडिंग कराई गई।
  • रिपोर्ट के अनुसार, यूएई के अधिकारियों ने इसे आतंकी हमले की कोशिश बताया है।
  • कथित हमले के मकसद और संभावित संबंधों की जांच किए जाने का दावा किया गया है।
Flydubai Flight Hijack Attempt: संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से इजरायल जा रही फ्लाईदुबई एयरलाइंस की एक अंतरराष्ट्रीय उड़ान में 30 सितंबर को बीच हवा में घटी सनसनीखेज घटना को लेकर बड़ा और चौंकाने वाला आधिकारिक खुलासा हुआ है। यूएई के अभियोजन पक्ष और न्यायिक अधिकारियों ने इस पूरे घटनाक्रम को सुनियोजित आतंकी हमले की कोशिश करार दिया है। यूएई के अटॉर्नी जनरल हमद सैफ अल शम्सी के अनुसार, उड़ान के दौरान फ्लाइट के सह-पायलट (को-पायलट) ने कॉकपिट के भीतर मुख्य पायलट (कप्तान) पर अचानक हमला कर दिया और विमान का नियंत्रण जबरन अपने हाथ में लेने का प्रयास किया। उस समय विमान में 182 लोग सवार थे, जिनकी जान बाल-बाल बची।

Flydubai Flight Hijack Attempt: दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाइट में बीच हवा में मचा हड़कंप

फ्लाईदुबई की निर्धारित उड़ान संख्या FZ1073 ने दुबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से इजरायल के तेल अवीव स्थित बेन गुरियन एयरपोर्ट के लिए सामान्य रूप से उड़ान भरी थी। जब विमान सऊदी अरब के हवाई क्षेत्र से गुजर रहा था, तभी कॉकपिट के भीतर अचानक अप्रत्याशित और गंभीर स्थिति पैदा हो गई। जांच के प्रारंभिक निष्कर्षों के अनुसार, को-पायलट ने विमान के नेविगेशन और कंट्रोल सिस्टम पर कब्जा करने के इरादे से मुख्य कप्तान पर शारीरिक हमला बोल दिया।
इस हिंसक झड़प के दौरान विमान तेजी से नीचे की ओर गोता लगाने लगा। फ्लाइट रडार और एविएशन ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक, कुछ ही पलों के भीतर विमान ने आसमान में लगभग 16,000 फीट की अत्यधिक ऊंचाई खो दी। विमान के अनियंत्रित होकर नीचे गिरने से केबिन में सवार यात्रियों के बीच चीख-पुकार मच गई। हालांकि, स्थिति को संभालने के बाद उड़ान का मार्ग तुरंत बदला गया और सऊदी अरब के तबुक हवाई अड्डे पर आपातकालीन परिस्थितियों में सुरक्षित लैंडिंग कराई गई।

यूएई प्रशासन ने पहली बार आधिकारिक तौर पर माना आतंकी कृत्य

शुरुआती दौर में इसे विमान में चालक दल के बीच आपसी विवाद या तकनीकी गड़बड़ी समझा जा रहा था, लेकिन यूएई के अटॉर्नी जनरल हमद सैफ अल शम्सी के आधिकारिक बयान ने पूरे मामले को अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद से जोड़ दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में सीधे तौर पर सामने आया है कि यह घटना सामान्य अनुशासनहीनता नहीं बल्कि कॉकपिट पर कब्जा कर विमान को बंधक बनाने अथवा नष्ट करने का सीधा आतंकी प्रयास था।
अटॉर्नी जनरल के कार्यालय ने बताया कि राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियां इस घटना के पीछे के सटीक मकसद और संभावित विदेशी कड़ियों की गहराई से पड़ताल कर रही हैं। सुरक्षा दल भौतिक सुरागों के साथ-साथ को-पायलट के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों, संचार माध्यमों और डिजिटल डेटा का फॉरेंसिक विश्लेषण कर रहे हैं। हालांकि, अधिकारियों ने जांच की संवेदनशीलता को देखते हुए अभी कुछ गोपनीय तथ्यों को सार्वजनिक नहीं किया है।

यात्रियों और ऑफ-ड्यूटी पायलटों की सूझबूझ से टला बड़ा विमान हादसा

कॉकपिट के भीतर मचे घमासान के बीच मुख्य पायलट की अदम्य बहादुरी ने सैकड़ों जिंदगियां बचा लीं। गंभीर रूप से घायल और दबाव में होने के बावजूद कप्तान ने तत्परता दिखाते हुए किसी तरह कॉकपिट का सुरक्षित सुरक्षा द्वार खोलने में सफलता प्राप्त की। दरवाजा खुलते ही केबिन क्रू और यात्रियों को अंदर चल रही हिंसक स्थिति का अहसास हुआ और वे तुरंत मदद के लिए आगे बढ़े।
संयोगवश इसी उड़ान में दो ऑफ-ड्यूटी फ्लाईदुबई पायलट भी यात्रा कर रहे थे। यात्रियों और इन दोनों पायलटों ने बिना अपनी जान की परवाह किए तुरंत कॉकपिट में प्रवेश किया और हिंसक हो चुके सह-पायलट को दबोचकर पूरी तरह काबू में कर लिया। इसके बाद मुख्य पायलट और ऑफ-ड्यूटी क्रू ने नियंत्रण अपने हाथ में लेकर सऊदी अरब के तबुक एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क साधा और विमान को जमीन पर उतारा। फ्लाईदुबई प्रबंधन ने इस अदम्य साहस के लिए चालक दल और यात्रियों के संयुक्त प्रयास की सराहना की है।

आरोपी को-पायलट की पृष्ठभूमि और संभावित चरमपंथी कनेक्शन की जांच

विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मीडिया आउटलेट्स और विमानन रिपोर्टों में आरोपी को-पायलट की पहचान ओमान के नागरिक हम्माम अल-हम्मामी के रूप में बताई गई है। हालांकि, संयुक्त अरब अमीरात की संघीय जांच एजेंसियों ने अभी तक आधिकारिक दस्तावेजों में उसके नाम की औपचारिक घोषणा नहीं की है और इसे कानूनी प्रक्रिया के तहत सुरक्षित रखा गया है।
जांच दल अब इस बात का पता लगा रहे हैं कि क्या आरोपी को-पायलट किसी प्रतिबंधित चरमपंथी नेटवर्क या आतंकी संगठन के सीधे संपर्क में था या वह ऑनलाइन कट्टरपंथी सामग्री से प्रभावित होकर ‘लोन वुल्फ’ के रूप में हमला कर रहा था। उसके सेवा इतिहास, हालिया विदेशी यात्राओं और पिछले कुछ महीनों के व्यवहार की कड़ियों को खंगाला जा रहा है ताकि साजिश की पूरी परतें खोली जा सकें।

Flydubai Flight Hijack Attempt: यूएई, सऊदी अरब और इजरायल की सुरक्षा एजेंसियां मिलकर कर रहीं जांच

इस बहुपक्षीय विमानन घटना की जांच यूएई के संघीय अभियोजन विभाग के नेतृत्व में अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों के अनुरूप आगे बढ़ रही है। चूंकि घटना सऊदी अरब के संप्रभु हवाई क्षेत्र में हुई और विमान तबुक में उतरा, इसलिए सऊदी सुरक्षा अधिकारी भी सभी तकनीकी और भौतिक साक्ष्य साझा कर रहे हैं। इसके साथ ही इजरायली खुफिया और सुरक्षा एजेंसियां भी अपने नागरिकों की सुरक्षा के मद्देनजर इस जांच प्रक्रिया पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
विमानन विशेषज्ञों का मानना है कि 9/11 की घटनाओं के बाद कॉकपिट सुरक्षा को लेकर जो कड़े नियम बनाए गए थे, इस घटना ने अंदरूनी खतरों (इनसाइडर थ्रेट्स) को लेकर फिर से गंभीर बहस छेड़ दी है। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट के सार्वजनिक होने के बाद ही यह पूरी तरह साफ हो पाएगा कि इस घातक साजिश के तार कहां-कहां जुड़े थे।

आधिकारिक जानकारी के लिए देखें: भारतीय रेल

स्रोत: भारतीय रेल (indianrailways.gov.in)

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लेखक

Netsha Singh

नेत्शा सिंह डेमोक्रेटिक भारत लाइव में हिंदी न्यूज़ कंटेंट राइटर हैं। वे सरकारी योजनाओं, आपका पैसा, देश की खबरों और धर्म-आस्था से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। डिजिटल न्यूज़ लेखन में उन्हें लगभग एक साल का अनुभव है; इससे पहले वे खबर नगरी और ऑनलाइन ताज़ा खबर के साथ काम कर चुकी हैं और यूट्यूब पर समसामयिक विषयों पर कंटेंट भी बनाती हैं।

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