ताज़ा खबर
BREAKING: औद्योगिक सर्वेक्षण में तमिलनाडु कारखानों की संख्या और गुजरात उत्पादन में सबसे आगे रहा सुल्तानपुर में दो जगहों पर बदमाशों का हाफ एनकाउंटर, पांच गिरफ्तार LIVE: न्यूजीलैंड बनाम भारत दूसरा वनडे, मैच जल्द शुरू होगा लोकपाल क्या है: प्रधानमंत्री तक के खिलाफ हो सकती है जांच, जानिए 2013 का कानून, संरचना और शिकायत का तरीका टॉप 50 हेडलाइंस 7 नवंबर 2026 (सुबह): देश, प्रदेश और दुनिया की बड़ी खबरें एक नज़र में UDID Card for Persons With Disabilities: How to Apply Online, Documents and Benefits पेट्रोल डीजल के दाम 7 नवंबर 2026: दिल्ली में पेट्रोल ₹102.12, लखनऊ, पटना समेत बड़े शहरों के ताज़ा रेट मानवाधिकार दिवस 10 दिसंबर: 1948 की सार्वभौमिक घोषणा से जुड़ी है तारीख, भारत में NHRC कैसे करता है काम
ट्रेंडिंग
आपका पैसा

BREAKING: औद्योगिक सर्वेक्षण में तमिलनाडु कारखानों की संख्या और गुजरात उत्पादन में सबसे आगे रहा

सांख्यिकी मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार तमिलनाडु में सबसे अधिक कारखाने हैं, जबकि गुजरात उत्पादन और महाराष्ट्र राष्ट्रीय आय में योगदान में सबसे आगे है।

BREAKING: औद्योगिक सर्वेक्षण में तमिलनाडु कारखानों की संख्या और गुजरात उत्पादन में सबसे आगे रहा
फाइल फोटो (www.amarujala.com)

सारांश

  • सांख्यिकी मंत्रालय द्वारा जारी वार्षिक उद्योग सर्वेक्षण 2024:25 की रिपोर्ट के अनुसार, भारत के औद्योगिक मानचित्र पर तमिलनाडु कारखानों की संख्या के मामले में शीर्ष पर है।
  • देश के औद्योगिक क्षेत्र में कारखानों की कुल संख्या और उनमें कार्यरत लोगों के आंकड़े भारत की बढ़ती विनिर्माण क्षमता को दर्शाते हैं।
  • एक औसत भारतीय कारखाने का वित्तीय और परिचालन प्रोफाइल
  • विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों का विश्लेषण करने पर पता चलता है कि खाद्य उत्पाद उद्योग उत्तर प्रदेश के औद्योगिक परिदृश्य में सबसे महत्वपूर्ण है, जहां इसका योगदान 22.02 प्रतिशत है।

सांख्यिकी मंत्रालय द्वारा जारी वार्षिक उद्योग सर्वेक्षण 2024:25 की रिपोर्ट के अनुसार, भारत के औद्योगिक मानचित्र पर तमिलनाडु कारखानों की संख्या के मामले में शीर्ष पर है। उत्पादन के मामले में गुजरात ने अपनी बढ़त बनाए रखी है, जबकि राष्ट्रीय आय में योगदान देने के मामले में महाराष्ट्र सबसे आगे रहा है। यह रिपोर्ट देश के औद्योगिक ढांचे, रोजगार के अवसरों और विभिन्न विनिर्माण क्षेत्रों के आर्थिक योगदान का एक विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत करती है।

औद्योगिक सर्वेक्षण के मुख्य बिंदु
फाइल फोटो (www.amarujala.com)

भारत के औद्योगिक परिदृश्य और रोजगार के आंकड़ों का विवरण

देश के औद्योगिक क्षेत्र में कारखानों की कुल संख्या और उनमें कार्यरत लोगों के आंकड़े भारत की बढ़ती विनिर्माण क्षमता को दर्शाते हैं। रिपोर्ट के अनुसार, वर्तमान में देश भर में कुल 2.18 लाख कारखाने संचालित हो रहे हैं। इन औद्योगिक इकाइयों ने लगभग 2.10 करोड़ लोगों को रोजगार के अवसर प्रदान किए हैं। औद्योगिक क्षेत्र में काम करने वाले इन कर्मचारियों को वार्षिक आधार पर कुल 8.03 लाख करोड़ रुपये का पारिश्रमिक दिया गया है। यह आंकड़ा देश की अर्थव्यवस्था में औद्योगिक श्रमिकों के महत्वपूर्ण योगदान और उनकी क्रय शक्ति को रेखांकित करता है। विनिर्माण क्षेत्र में रोजगार की यह स्थिति देश के आर्थिक विकास के लिए एक मजबूत आधार तैयार करती है।

राज्यों का औद्योगिक प्रदर्शन और क्षेत्रीय विशेषज्ञता

भारत के औद्योगिक विकास में अलग-अलग राज्यों की अपनी विशिष्ट भूमिका है। तमिलनाडु ने देश में सबसे मजबूत कारखाना नेटवर्क स्थापित किया है, जिसके कारण वहां कारखानों की संख्या सर्वाधिक है। दूसरी ओर, गुजरात अपनी निवेश क्षमता और उच्च उत्पादन क्षमता के कारण उत्पादन के मामले में देश का नेतृत्व कर रहा है। महाराष्ट्र की ताकत उसके मूल्य संवर्धन और औद्योगिक उत्पादकता में निहित है, जो उसे राष्ट्रीय आय में योगदान देने वाला सबसे प्रमुख राज्य बनाती है। रिपोर्ट में यह सुझाव दिया गया है कि भारत को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए तमिलनाडु के नेटवर्क, गुजरात के उत्पादन और महाराष्ट्र के मूल्य संवर्धन के बीच एक बेहतर समन्वय स्थापित करना आवश्यक है। यह त्रिकोणीय तालमेल देश के विनिर्माण क्षेत्र को नई ऊंचाइयों पर ले जा सकता है।

एक औसत भारतीय कारखाने का वित्तीय और परिचालन प्रोफाइल

सर्वेक्षण में एक औसत कारखाने के परिचालन और वित्तीय स्थिति का भी गहराई से विश्लेषण किया गया है। आंकड़ों के अनुसार, भारत में एक औसत कारखाना लगभग 96 लोगों को रोजगार प्रदान करता है। वित्तीय दृष्टि से देखें तो एक औसत कारखाने में लगभग 2,339 लाख रुपये की स्थायी पूंजी लगी होती है। यह निवेशित पूंजी 7,561 लाख रुपये मूल्य की वस्तुओं और सेवाओं का उत्पादन करने में सहायक होती है। इस उत्पादन प्रक्रिया के माध्यम से, एक कारखाना राष्ट्रीय आय में लगभग 1,052 लाख रुपये का शुद्ध मूल्य संवर्धन करता है। ये आंकड़े बताते हैं कि कैसे पूंजी निवेश और श्रम का संयोजन औद्योगिक उत्पादन और आर्थिक मूल्य सृजन में योगदान देता है।

प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों का उत्पादन और रोजगार में योगदान

विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों का विश्लेषण करने पर पता चलता है कि खाद्य उत्पाद उद्योग उत्तर प्रदेश के औद्योगिक परिदृश्य में सबसे महत्वपूर्ण है, जहां इसका योगदान 22.02 प्रतिशत है। खाद्य उद्योग के कुल राष्ट्रीय उत्पादन में उत्तर प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र की संयुक्त हिस्सेदारी 37.61 प्रतिशत दर्ज की गई है। रसायन और रासायनिक उत्पादों के क्षेत्र में गुजरात, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश मिलकर देश के कुल उत्पादन का 56.31 प्रतिशत हिस्सा पैदा करते हैं। रोजगार देने के मामले में भी खाद्य उत्पाद उद्योग 11.24 प्रतिशत की हिस्सेदारी के साथ सबसे आगे है। इसके बाद कपड़ा उद्योग 8.37 प्रतिशत और बुनियादी धातु उद्योग 7.54 प्रतिशत रोजगार प्रदान कर रहे हैं। ये क्षेत्र देश की विशाल आबादी को आजीविका प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

पूंजी वितरण और सकल मूल्य संवर्धन का आर्थिक विश्लेषण

देश में छोटे कारखानों की संख्या भले ही अधिक हो, लेकिन पूंजी का वितरण बड़े उद्योगों के पक्ष में है। रिपोर्ट के अनुसार, कुल औद्योगिक पूंजी का 79.59 प्रतिशत हिस्सा बड़े उद्योगों के पास केंद्रित है। सकल मूल्य संवर्धन के मामले में बुनियादी धातु उद्योग 11.58 प्रतिशत के योगदान के साथ पहले स्थान पर है। इसके बाद मोटर वाहन उद्योग 9.54 प्रतिशत, रसायन उद्योग 8.45 प्रतिशत, फार्मास्यूटिकल उद्योग 8.08 प्रतिशत और खाद्य उत्पाद उद्योग 7.87 प्रतिशत का योगदान देते हैं। इन छह प्रमुख उद्योगों ने मिलकर देश के कुल सकल मूल्य संवर्धन में 52.41 प्रतिशत का योगदान दिया है। साथ ही, इन उद्योगों की कुल स्थायी पूंजी में हिस्सेदारी 50.01 प्रतिशत है। भारत को वैश्विक स्तर पर और अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए छोटे कारखानों को सस्ती पूंजी, आधुनिक मशीनरी और बेहतर बाजार पहुंच उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर जोर दिया गया है।

यह भी पढ़ें: BREAKING: कार्ल्सबर्ग कोका-कोला और पर्नोड रिकार्ड भारतीय शेयर बाजार में आईपीओ लाने की तैयारी में

स्रोत: Amar Ujala

लेखक

Netsha Singh

नेत्शा सिंह डेमोक्रेटिक भारत लाइव में हिंदी न्यूज़ कंटेंट राइटर हैं। वे सरकारी योजनाओं, आपका पैसा, देश की खबरों और धर्म-आस्था से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। डिजिटल न्यूज़ लेखन में उन्हें लगभग एक साल का अनुभव है; इससे पहले वे खबर नगरी और ऑनलाइन ताज़ा खबर के साथ काम कर चुकी हैं और यूट्यूब पर समसामयिक विषयों पर कंटेंट भी बनाती हैं।

अपनी राय लिखें

WhatsApp Facebook X