हर इंसान को सम्मान के साथ जीने, बराबरी, आजादी और न्याय का अधिकार है। इन्हीं बुनियादी अधिकारों को मानवाधिकार कहा जाता है। दुनिया भर में हर साल 10 दिसंबर को मानवाधिकार दिवस मनाया जाता है। इस दिन का संबंध 1948 की उस ऐतिहासिक घोषणा से है, जिसने पहली बार तय किया कि दुनिया के हर व्यक्ति को कुछ बुनियादी अधिकार मिलने चाहिए। आइए जानते हैं इस दिन का इतिहास और भारत में मानवाधिकारों की सुरक्षा की व्यवस्था।
10 दिसंबर ही क्यों
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय यानी OHCHR के अनुसार मानवाधिकार दिवस हर साल 10 दिसंबर को मनाया जाता है। यह उस दिन की याद में है जब 1948 में संयुक्त राष्ट्र महासभा ने मानवाधिकारों की सार्वभौमिक घोषणा यानी यूनिवर्सल डिक्लेरेशन ऑफ ह्यूमन राइट्स (UDHR) को अपनाया था।

UDHR क्या है
संयुक्त राष्ट्र के अनुसार UDHR को 10 दिसंबर 1948 को पेरिस में महासभा के प्रस्ताव 217 A के रूप में घोषित किया गया। इसे दुनिया के अलग-अलग क्षेत्रों और कानूनी-सांस्कृतिक पृष्ठभूमि वाले प्रतिनिधियों ने तैयार किया। इसमें पहली बार उन बुनियादी मानवाधिकारों को तय किया गया जिनकी सार्वभौमिक रूप से रक्षा होनी चाहिए। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार इसका 500 से ज्यादा भाषाओं में अनुवाद हो चुका है और इसने 70 से ज्यादा मानवाधिकार संधियों की राह तैयार की।
UDHR में कौन से अधिकार
UDHR में 30 अनुच्छेद हैं, जिनमें कई तरह के अधिकार शामिल हैं:
- जीवन, स्वतंत्रता और व्यक्तिगत सुरक्षा का अधिकार।
- गुलामी और यातना से मुक्ति।
- कानून के सामने समानता और निष्पक्ष सुनवाई का अधिकार।
- विचार, अभिव्यक्ति और धर्म की स्वतंत्रता।
- शिक्षा, काम और सामाजिक सुरक्षा का अधिकार।
- बिना भेदभाव के इन सभी अधिकारों का लाभ।
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भारत में मानवाधिकार
भारत का संविधान मौलिक अधिकारों के रूप में कई मानवाधिकारों की गारंटी देता है, जैसे समानता का अधिकार, स्वतंत्रता का अधिकार, शोषण के विरुद्ध अधिकार और संवैधानिक उपचार का अधिकार। संविधान का अनुच्छेद 21 जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार की रक्षा करता है, जिसकी अदालतों ने समय के साथ व्यापक व्याख्या की है। नीति निदेशक तत्व भी कई सामाजिक और आर्थिक अधिकारों की दिशा तय करते हैं।
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग
NHRC की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की स्थापना 12 अक्टूबर 1993 को हुई। यह मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम 1993 के तहत बना, जिसे 2019 में संशोधित किया गया। इसी कानून के तहत राज्यों में राज्य मानवाधिकार आयोग भी बनाए गए हैं। NHRC के फाउंडेशन डे पर हर साल 12 अक्टूबर को कार्यक्रम होते हैं, जबकि 10 दिसंबर को आयोग मानवाधिकार दिवस समारोह आयोजित करता है।
NHRC क्या करता है
- मानवाधिकार उल्लंघन की शिकायतों की जांच करना या स्वतः संज्ञान लेना।
- जेलों और हिरासत की जगहों की स्थिति पर नजर रखना।
- मानवाधिकारों से जुड़े कानूनों और नीतियों की समीक्षा कर सरकार को सुझाव देना।
- मानवाधिकारों पर शोध और जागरूकता बढ़ाना।
- पीड़ितों को मुआवजे या दूसरी राहत की सिफारिश करना।
शिकायत कैसे करें
अगर किसी व्यक्ति के मानवाधिकारों का उल्लंघन हुआ है, तो वह NHRC या अपने राज्य के मानवाधिकार आयोग में शिकायत कर सकता है। NHRC की वेबसाइट पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने की सुविधा है। शिकायत में घटना की तारीख, जगह, संबंधित अधिकारियों की जानकारी और उपलब्ध सबूत साफ तौर पर लिखें। शिकायत सामान्य डाक से भी भेजी जा सकती है। शिकायत करने के लिए कोई शुल्क नहीं लगता।
मानवाधिकार दिवस कैसे मनाया जाता है
इस दिन संयुक्त राष्ट्र हर साल एक थीम तय करता है। भारत में NHRC, राज्य आयोग, स्कूल-कॉलेज और सामाजिक संगठन जागरूकता कार्यक्रम, सेमिनार, निबंध और पोस्टर प्रतियोगिताएं आयोजित करते हैं। कई जगह कानूनी सहायता शिविर भी लगाए जाते हैं, जिनमें लोगों को उनके अधिकारों और शिकायत के तरीकों की जानकारी दी जाती है।
मानवाधिकार और अदालतें
भारत में मौलिक अधिकारों के उल्लंघन पर कोई भी व्यक्ति अनुच्छेद 32 के तहत सीधे सुप्रीम कोर्ट और अनुच्छेद 226 के तहत हाई कोर्ट जा सकता है। अदालतों ने जनहित याचिकाओं के जरिये बंधुआ मजदूरी, हिरासत में यातना, पर्यावरण और कैदियों के अधिकारों जैसे कई मुद्दों पर अहम फैसले दिए हैं। मानवाधिकार आयोग अदालतों का विकल्प नहीं, बल्कि एक अतिरिक्त माध्यम है, जहां अपेक्षाकृत आसान प्रक्रिया से शिकायत की जा सकती है।
हर नागरिक की भूमिका
मानवाधिकारों की रक्षा सिर्फ सरकार या आयोग की जिम्मेदारी नहीं है। हर व्यक्ति अपने आसपास भेदभाव, हिंसा और शोषण के खिलाफ आवाज उठाकर इसमें योगदान दे सकता है। बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों, दिव्यांगों और कमजोर वर्गों के अधिकारों के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाना इस दिन का बड़ा संदेश है।
मानवाधिकार दिवस कब मनाया जाता है
हर साल 10 दिसंबर को।
भारत में NHRC की स्थापना कब हुई
12 अक्टूबर 1993 को, मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम 1993 के तहत।
स्रोत: OHCHR: Human Rights Day, UN: Universal Declaration of Human Rights, NHRC: About the Organisation





