UP Railway New Rule: रेलवे 10 अंकों वाले PNR की पुरानी सीरीज बदल रहा है। अगर मोबाइल पर आया नंबर 2, 4, 6 या 8 के बजाय 1, 3, 5 या 7 से शुरू हो रहा है, तो इसे साइबर फ्रॉड नहीं माना गया है। प्रभात खबर की रिपोर्ट के अनुसार यह नेक्स्ट जेनरेशन पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम के तहत माइग्रेशन का हिस्सा है।
लखनऊ में पायलट प्रोजेक्ट शुरू हो चुका है। दिसंबर के तीसरे सप्ताह तक देशभर की सभी ट्रेनों में नई PNR सीरीज लागू करने की तैयारी है। नंबर की लंबाई पहले की तरह 10 अंकों की ही रहेगी। बदल रहा है सिर्फ शुरुआती अंकों का क्रम।
UP Railway New Rule: लखनऊ में कौन सी ट्रेन से बदलाव शुरू हुआ?
पायलट के लिए देशभर की 1230 ट्रेनें चुनी गई हैं। लखनऊ में ट्रेन संख्या 14210 के PNR की सीरीज बदली गई है। इस ट्रेन के नए PNR अब 5 से शुरू हो रहे हैं। रेलवे की योजना के मुताबिक दिसंबर के तीसरे सप्ताह तक सभी ट्रेनों के PNR 1, 3, 5 या 7 से शुरू होंगे।
लखनऊ मेल और एसी एक्सप्रेस के PNR 17 नवंबर से नई सीरीज में जारी होने की योजना है। पुष्पक एक्सप्रेस के नंबर 2 दिसंबर से बदलेंगे। यात्रियों के लिए इसका मतलब है कि आने वाले हफ्तों में अलग अलग ट्रेनों के टिकट पर अलग शुरुआत दिख सकती है, जबकि दिसंबर के तीसरे सप्ताह तक पूरा दायरा कवर करने का लक्ष्य है।
पुराने अंक किस सेंटर से जुड़े थे?
कंप्यूटरीकृत रेल आरक्षण 1986 में शुरू हुआ था। तब से PNR 10 अंकों का है। शुरुआती अंक बताता था कि ट्रेन किस रेलवे क्षेत्र के डेटाबेस सेंटर से जुड़ी है। सेंटर फॉर रेलवे इंफॉर्मेशन सिस्टम यानी CRIS के दिल्ली, कोलकाता, मुंबई और चेन्नई में चार प्रमुख डेटाबेस सेंटर हैं।
दिल्ली से उत्तर भारत, मुंबई से पश्चिम भारत, चेन्नई से दक्षिण भारत और कोलकाता से पूर्वी भारत की ट्रेनों के यात्री रिजर्वेशन सिस्टम से टिकट जारी होते रहे हैं। पुरानी व्यवस्था में दिल्ली सेंटर के PNR 2 से, कोलकाता के 6 से, मुंबई के 8 से और चेन्नई के 4 से शुरू होते थे। रेलवे अब इन्हीं पुरानी सीरीज को नए सिस्टम के मुताबिक बदल रहा है।
नए सिस्टम से यात्री को क्या आसानी बताई गई है?
रेलवे ने दशकों पुराने पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम को नेक्स्ट जेनरेशन सिस्टम में अपग्रेड किया है। मकसद आरक्षण को तेज और सुविधाजनक बनाना बताया गया है। टिकट बनाते समय नाम में संशोधन, सीटों की उपलब्धता, किराया और लोअर बर्थ समेत अन्य बर्थ की स्थिति एक ही प्रक्रिया में उपलब्ध हो सके, ऐसी व्यवस्था का जिक्र है।
रेलवे के अनुसार पुराने PNR नंबरों की सीरीज नए सिस्टम में बाधा बन रही थी, इसलिए माइग्रेट करने का फैसला लिया गया। यानी 1, 3, 5 और 7 वाली नई शुरुआत तकनीकी बदलाव का संकेत है, टिकट की वैधता पर सवाल नहीं।
UP Railway New Rule: पुराने टिकट पर तारीख बदलने में क्या अड़चन है?
अगर टिकट पुराने सिस्टम में बुक हो चुका है और बाद में यात्रा की तारीख बदलनी हो, जबकि नई तारीख नए सिस्टम के तहत आती हो, तो पुराने टिकट में बदलाव नहीं किया जा सकेगा। ऐसी स्थिति में टिकट रद्द कराकर नया टिकट बनवाना होगा।
यह बात उन यात्रियों के लिए जरूरी है जो अग्रिम बुकिंग के बाद तारीख शिफ्ट करते हैं। PNR की लंबाई 10 अंक ही रहेगी, लेकिन सीरीज बदलने के बाद पुराने और नए सिस्टम के बीच तारीख संशोधन नहीं चलेगा। लखनऊ की 14210 पर 5 से शुरू होने वाले नंबर इसी बदलाव की शुरुआत हैं।
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