UP MLC Chunav: उत्तर प्रदेश विधान परिषद (MLC) की 11 शिक्षक और स्नातक निर्वाचन सीटों के लिए होने जा रहे चुनाव से ठीक पहले समाजवादी पार्टी (सपा) ने बड़ा राजनीतिक दांव चला है। पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भारतीय जनता पार्टी से बगावत करने वाले दो प्रमुख नेताओं को पार्टी की सदस्यता ग्रहण कराई और इसके तुरंत बाद दोनों को चुनावी मैदान में उतारने की घोषणा कर दी। सपा ने आगरा सीट से डॉ. आकाश अग्रवाल और गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से डॉ. संजयन त्रिपाठी को अपना नया उम्मीदवार बनाया है। इस रणनीतिक बदलाव के जरिए सपा ने पहले से घोषित दोनों प्रत्याशियों के टिकट वापस ले लिए हैं।
UP MLC Chunav: दो सीटों पर पूर्व घोषित प्रत्याशी बदले, सपा ने चला नया दांव
विधान परिषद चुनाव की नामांकन प्रक्रिया के अंतिम चरण के बीच समाजवादी पार्टी का यह फैसला राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। सपा ने गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक सीट से पूर्व में घोषित प्रत्याशी कमलेश यादव की जगह अब डॉ. संजयन त्रिपाठी को अधिकृत प्रत्याशी बनाया है। वहीं दूसरी ओर, आगरा सीट पर भी पार्टी ने अपने पूर्व प्रत्याशी को बदलते हुए पूर्व निर्दलीय एमएलसी डॉ. आकाश अग्रवाल पर दांव लगाया है।
पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस निर्णय पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि यह कदम चुनाव जीतने की रणनीति और आपसी सहमति के तहत उठाया गया है। उन्होंने उन पूर्व प्रत्याशियों का आभार भी व्यक्त किया जिन्होंने पार्टी हित में नए प्रत्याशियों के लिए अपनी उम्मीदवारी छोड़ी। अखिलेश यादव ने भरोसा दिलाया कि जिन साथियों ने संगठन के निर्णय का सम्मान करते हुए अपनी जगह छोड़ी है, उन्हें आने वाले समय में पार्टी संगठन और सत्ता में उचित मान-सम्मान दिया जाएगा।
भाजपा से बगावत के 48 घंटे के भीतर संजयन त्रिपाठी बने सपा प्रत्याशी
गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में घटनाक्रम बेहद तेजी से बदला। डॉ. संजयन त्रिपाठी लंबे समय से भाजपा से जुड़े थे और इस सीट से टिकट की प्रबल दावेदारी कर रहे थे। हालांकि, भाजपा नेतृत्व ने इस सीट से वर्तमान एमएलसी ध्रुव कुमार त्रिपाठी को दोबारा मैदान में उतारने का निर्णय लिया। टिकट कटने से नाराज होकर डॉ. संजयन त्रिपाठी ने बगावती तेवर अपना लिए और निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में पर्चा दाखिल कर दिया था।
नामांकन के उपरांत उन्होंने सार्वजनिक तौर पर अपनी गाड़ी से भाजपा का झंडा उतारकर विरोध जताया था। इसके बाद विपक्षी खेमे में हलचल तेज हुई और महज 48 घंटे के भीतर उन्होंने अखिलेश यादव की मौजूदगी में सपा की लाल टोपी पहन ली। देवरिया के डिग्री कॉलेज में शिक्षण कार्य से जुड़े रहे डॉ. संजयन त्रिपाठी की शिक्षकों, विशेषकर वित्तविहीन और निजी विद्यालय के शिक्षकों के बीच मजबूत पकड़ मानी जाती है। उनके सपा में आने से गोरखपुर-फैजाबाद सीट पर मुकाबला पूरी तरह त्रिकोणीय और कड़ा हो गया है।
आगरा में पूर्व एमएलसी डॉ. आकाश अग्रवाल पर सपा का भरोसा
आगरा खंड में भी समाजवादी पार्टी ने स्थानीय समीकरणों को ध्यान में रखते हुए पूर्व एमएलसी डॉ. आकाश अग्रवाल को अपने पाले में कर लिया। डॉ. आकाश अग्रवाल इससे पूर्व निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में विधान परिषद का चुनाव जीतकर अपनी संगठनात्मक क्षमता और शिक्षकों व स्नातकों के बीच व्यक्तिगत प्रभाव साबित कर चुके हैं। इस बार वह भी भाजपा से टिकट की उम्मीद लगाए बैठे थे, लेकिन पार्टी की तरफ से तवज्जो न मिलने पर उन्होंने समाजवादी पार्टी का रुख किया।
सपा में शामिल होते ही पार्टी ने उन्हें आगरा से चुनावी सिंबल देने का ऐलान कर दिया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आकाश अग्रवाल के पास इस क्षेत्र में चुनाव लड़ने और जमीनी तंत्र का व्यापक अनुभव है। सपा को उम्मीद है कि उनके आने से आगरा और आसपास के जिलों में पार्टी का जनाधार मजबूत होगा और सत्तारूढ़ दल के खिलाफ एक मजबूत विकल्प खड़ा किया जा सकेगा।
23 अक्टूबर को मतदान और 27 को आएंगे नतीजे
उत्तर प्रदेश विधान परिषद की कुल 11 सीटों के लिए चुनावी प्रक्रिया जारी है। इनमें 5 खंड स्नातक और 6 खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। घोषित चुनाव कार्यक्रम के अनुसार, इन सभी सीटों पर 23 अक्टूबर को मतदान कराया जाएगा, जबकि मतगणना 27 अक्टूबर को संपन्न होगी। नामांकन की अंतिम तिथि बेहद करीब होने के कारण सभी प्रमुख दल अपने समीकरणों को साधने में जुटे हैं।
शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में सीधे मतदाता शिक्षक और स्नातक युवा होते हैं, इसलिए इस चुनाव को राज्य के शिक्षित वर्ग और कर्मचारियों के राजनीतिक रुझान का पैमाना भी माना जाता है। भाजपा ने जहां अपने पुराने चेहरों और संगठनात्मक नेटवर्क पर भरोसा जताया है, वहीं सपा ने बागियों को जोड़कर अपनी चुनावी संभावनाओं को नया आयाम देने की कोशिश की है।
UP MLC Chunav: अखिलेश यादव ने पेपर लीक और बेरोजगारी पर सरकार को घेरा
प्रत्याशियों की घोषणा के मंच से सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था, शिक्षा प्रणाली और युवाओं के रोजगार को लेकर भाजपा सरकार पर तीखे हमले बोले। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा शासनकाल में शिक्षण व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है और लगातार हो रहे पेपर लीक से युवाओं का भविष्य अंधकारमय हो गया है। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी और युवा वर्ग रोजगार के अभाव से जूझ रहा है।
अखिलेश यादव ने घोषणा की कि समाजवादी पार्टी अपने चुनावी एजेंडे में पुरानी पेंशन बहाली (OPS), शिक्षामित्रों के मानदेय, तदर्थ शिक्षकों के समायोजन और वित्तविहीन शिक्षकों के अधिकारों जैसे बुनियादी मुद्दों को प्रमुखता से उठाएगी। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर मैदान में उतरने और भाजपा के कथित चुनावी भेदभाव का जवाब लोकतांत्रिक तरीके से देने का आह्वान किया। सपा के इस ताजा फेरबदल ने आगामी विधान परिषद चुनाव की लड़ाई को बेहद दिलचस्प और प्रतिस्पर्धी बना दिया है।
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