Glass Skywalks in India: भारत में पर्यटन का स्वरूप अब केवल ऐतिहासिक स्मारकों, शांत समुद्र तटों और पारंपरिक हिल स्टेशनों तक सीमित नहीं रहा है। देश में एडवेंचर और एक्सपीरियंस बेस्ड टूरिज्म तेजी से लोकप्रिय हो रहा है, जहां पर्यटक रोमांच और कुदरत के खूबसूरत नजारों का संगम एक साथ देखना चाहते हैं। इसी कड़ी में भारत के विभिन्न राज्यों में बने ग्लास स्काईवॉक और ग्लास ब्रिज पर्यटकों के लिए आकर्षण का सबसे बड़ा केंद्र बन रहे हैं। पारदर्शी शीशे के फर्श पर चलते हुए नीचे गहरी खाई और चारों ओर फैली हरियाली को देखना अपने आप में एक अविस्मरणीय अहसास कराता है।
Glass Skywalks in India: राजगीर का प्रसिद्ध ग्लास ब्रिज पर्यटकों की पहली पसंद
बिहार के ऐतिहासिक नालंदा जिले में स्थित राजगीर नेचर सफारी का ग्लास ब्रिज पर्यटकों के बीच जबरदस्त आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। पर्यटन विभाग के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार यह पुल लगभग 85 फीट लंबा और 6 फीट चौड़ा है, जिसे अत्यधिक मजबूत और सुरक्षित तीन परतों वाले 15 मिमी के शीशे से तैयार किया गया है। राजगीर की पांच ऐतिहासिक और प्राकृतिक पहाड़ियों के बीच बना यह पुल हवा में तैरने जैसा अहसास करवाता है।
नेचर सफारी परिसर में ग्लास ब्रिज के अलावा भी साहसिक गतिविधियों की पूरी श्रृंखला उपलब्ध कराई गई है। यहां आने वाले सैलानी सस्पेंशन ब्रिज, जिप लाइन और स्काई बाइकिंग जैसी आधुनिक गतिविधियों का भी आनंद ले सकते हैं। पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने यहां उम्र और शारीरिक ऊंचाई से जुड़े सख्त नियम तय किए हैं, इसलिए जाने से पहले आधिकारिक दिशा-निर्देशों की जांच कर लेना सही रहता है।
सिक्किम के पेलिंग में कंचनजंगा के सामने बना स्काईवॉक
पूर्वोत्तर भारत में प्राकृतिक सुंदरता और आध्यात्मिक शांति का अद्भुत संगम देखना हो तो सिक्किम के पेलिंग में बना ग्लास स्काईवॉक बेहतरीन विकल्प है। यह स्काईवॉक लगभग 137 फीट ऊंची भगवान चेनरेजिग की विशाल प्रतिमा के ठीक सामने स्थित है। शीशे के इस पारदर्शी रास्ते पर चलते हुए सैलानी बर्फ से ढकी कंचनजंगा पर्वत श्रृंखला और गहरी घाटियों का विहंगम दृश्य सीधे अपनी आंखों से निहार सकते हैं।
पेलिंग का यह स्काईवॉक आध्यात्मिक आस्था और आधुनिक साहसिक पर्यटन का एक अनूठा उदाहरण पेश करता है। बौद्ध धर्म के पवित्र स्थल के सान्निध्य में होने के कारण यहां आने वाले पर्यटकों को प्राकृतिक रोमांच के साथ-साथ गहरी मानसिक शांति का भी अनुभव होता है।
दक्षिण भारत की वादियों में केरल का वागामोन ग्लास ब्रिज
दक्षिण भारत के खूबसूरत राज्य केरल के इडुक्की जिले में स्थित वागामोन ग्लास ब्रिज भी एडवेंचर प्रेमियों के बीच खासा लोकप्रिय है। यह एक विशेष कैंटिलीवर डिजाइन वाला ग्लास ब्रिज है, जो पहाड़ी चट्टान से बाहर की ओर हवा में फैला हुआ नजर आता है। जिला पर्यटन संवर्धन परिषद के एडवेंचर पार्क का हिस्सा यह पुल लगभग 40 मीटर लंबा है।
वागामोन के हरे-भरे चाय के बागानों, घने जंगलों और धुंध भरी पहाड़ियों के ऊपर बना यह शीशे का पुल पर्यटकों को बिल्कुल अलग तरह का रोमांच प्रदान करता है। यहां पारदर्शी फर्श पर खड़े होकर जब सैलानी बादलों को अपने पैरों के नीचे तैरते हुए देखते हैं, तो वह दृश्य जीवन भर के लिए यादगार बन जाता है।
ग्लास ब्रिज पर क्यों बढ़ता है पर्यटकों का रोमांच
ग्लास स्काईवॉक की सबसे बड़ी खासियत इसकी पारदर्शी बनावट होती है। कंक्रीट या लकड़ी के सामान्य पुलों पर चलते समय गहराई का अहसास नहीं होता, लेकिन जब पैर पूरी तरह पारदर्शी कांच पर पड़ते हैं और नीचे सैकड़ों फीट गहरी खाई नजर आती है, तो दिल की धड़कनें तेज हो जाती हैं। यह अहसास भय और रोमांच का ऐसा अनूठा मिश्रण पैदा करता है जो सैलानियों को बार-बार अपनी ओर खींचता है। सुरक्षा मानकों के तहत इन पुलों पर अत्यधिक वजन सहने की क्षमता होती है, फिर भी ऊंचाई का यह दृश्य हर किसी के मन में सिहरन पैदा कर देता है।
Glass Skywalks in India: यात्रा की योजना बनाते समय इन सावधानियों का रखें ध्यान
ग्लास स्काईवॉक या ग्लास ब्रिज पर जाने की योजना बना रहे पर्यटकों को कुछ जरूरी दिशा-निर्देशों का पालन अवश्य करना चाहिए। अधिकांश स्थलों पर क्षमता से अधिक भीड़ रोकने के लिए सीमित संख्या में ही टोकन या टिकट दिए जाते हैं, इसलिए ऑनलाइन बुकिंग और समय सारणी की जांच पहले ही कर लेनी चाहिए। इसके साथ ही शीशे पर किसी भी तरह की फिसलन या नुकसान से बचने के लिए तय किए गए विशेष जूते या कवर पहनना अनिवार्य होता है।
पुल के ऊपर दौड़ने, रेलिंग पर अनावश्यक झुकने या फोटो खींचते समय सुरक्षा घेरा लांघने से बचना चाहिए। खराब मौसम, तेज बारिश या आंधी के समय ऐसे पुलों पर आवाजाही रोक दी जाती है, इसलिए यात्रा से पूर्व स्थानीय मौसम की सटीक जानकारी लेना हमेशा सुरक्षित रहता है।
Read More Here
Asian Games 2026: भारतीय महिला हॉकी टीम ने रचा इतिहास, 44 साल बाद चीन को हराकर जीता गोल्ड






टिप्पणियां (4)