Faridabad News: हरियाणा के फरीदाबाद जिले से नाबालिग लड़की के साथ कथित यौन हिंसा और प्रताड़ना का गंभीर मामला सामने आया है। पुलिस के मुताबिक यह सनसनीखेज वारदात 24 अगस्त को ग्रेटर फरीदाबाद के सेक्टर-78 इलाके में स्थित एक सुनसान व निर्माणाधीन इमारत में अंजाम दी गई थी। डर और धमकियों के चलते घटना के कई हफ्तों बाद तक पीड़िता चुप रही, लेकिन व्यवहार में आए बदलाव को देखकर जब परिजनों ने विश्वास में लिया, तब मामले का खुलासा हुआ। शिकायत मिलने के बाद हरकत में आई फरीदाबाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को दबोच लिया है, जबकि वारदात में शामिल अन्य संदिग्धों की धरपकड़ के लिए पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
Faridabad News: ट्यूशन के बाद दोस्त से मिलने गई थी पीड़िता, पीछे लग गए थे आरोपी
पुलिस में दर्ज कराई गई प्राथमिक शिकायत के अनुसार, 24 अगस्त की शाम नाबालिग छात्रा ट्यूशन खत्म होने के बाद अपने एक नाबालिग दोस्त से मिलने गई थी। इसी दौरान कुछ संदिग्ध युवकों की नजर उन पर पड़ी और वे दोनों का पीछा करने लगे। आरोप है कि युवक दोनों को जबरन डरा-धमकाकर सेक्टर-78 की एक खाली और सुनसान इमारत के अंदर ले गए।
इमारत के भीतर आरोपियों ने दोनों नाबालिगों के साथ बुरी तरह मारपीट की और जान से मारने की धमकी देकर उन्हें भयभीत कर दिया। इसके बाद नाबालिग लड़की के साथ कथित तौर पर यौन हिंसा की गई। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी पीड़िता और उसके दोस्त को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी देकर मौके से फरार हो गए।
डर के चलते साधी चुप्पी, मां की सतर्कता से सामने आई सच्चाई
इस दर्दनाक घटना के बाद दोनों नाबालिग गहरे मानसिक आघात और डर में चले गए, जिसके कारण उन्होंने तुरंत अपने परिजनों को कुछ भी बताने की हिम्मत नहीं जुटाई। हालांकि, कुछ दिनों के भीतर पीड़िता के स्वभाव में असामान्य बदलाव साफ दिखने लगा। उसने बातचीत बंद कर दी, गुमसुम रहने लगी और कोचिंग जाना भी लगभग छोड़ दिया।
बेटी के अचानक बदले व्यवहार से चिंतित होकर मां ने जब उससे आत्मीयता से पूछताछ की और भरोसा दिलाया, तब पीड़िता फफक पड़ी और अपने साथ घटी पूरी आपबीती बयां कर दी। सच सामने आते ही परिवार के पैरों तले जमीन खिसक गई। परिजनों ने बिना देर किए सीधे कानून का सहारा लेने का फैसला किया और 29 सितंबर को बीपीटीपी थाने पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने तीन संदिग्धों को दबोचा, कोर्ट ने भेजा रिमांड पर
परिजनों की तहरीर मिलते ही फरीदाबाद पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए विशेष टीम गठित की। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र की मदद से पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन मुख्य संदिग्धों को हिरासत में ले लिया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान कुनाल, दीपक और यश के रूप में हुई है।
पुलिस ने सभी गिरफ्तार आरोपियों को स्थानीय अदालत में पेश किया, जहां से पूछताछ और साक्ष्य जुटाने के लिए उन्हें पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि रिमांड के दौरान आरोपियों से घटना के समय मौजूद अन्य साथियों और वारदात के पूरे घटनाक्रम के बारे में कड़ाई से पूछताछ की जा रही है।
पॉक्सो समेत गंभीर धाराओं में केस दर्ज, मेडिकल जांच पूरी
नाबालिग पीड़िता से जुड़े इस संगीन अपराध में फरीदाबाद पुलिस ने पॉक्सो (POCSO) अधिनियम की कठोर धाराओं के साथ-साथ बंधक बनाने, मारपीट करने और आपराधिक धमकी देने से संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत मामला पंजीकृत किया है।
कानूनी प्रक्रिया के अनुरूप पीड़िता और उसके नाबालिग दोस्त दोनों की विधिवत चिकित्सकीय जांच कराई गई है। जांच एजेंसी फॉरेंसिक और मेडिकल रिपोर्ट को केस डायरी में शामिल कर रही है ताकि अदालत में आरोपियों के खिलाफ ठोस साक्ष्य पेश किए जा सकें। इसके अलावा मजिस्ट्रेट के समक्ष पीड़िता के बयान दर्ज कराने की प्रक्रिया भी पूरी की जा रही है।
Faridabad News: बाकी फरार आरोपियों की तलाश में जुटीं पुलिस टीमें
मामले में प्राथमिक सूचनाओं के अनुसार कुछ दावों में आरोपियों की कुल संख्या छह बताई गई है। हालांकि फरीदाबाद पुलिस का कहना है कि वह प्रत्येक बिंदु की गहनता से पुष्टि कर रही है और तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब बाकी फरार साथियों की भूमिका की कड़ियों को जोड़ा जा रहा है।
पुलिस के आला अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जांच में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर चार्जशीट तैयार की जाएगी। कानून के अनुसार पीड़िता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जा रही है और पुलिस प्रशासन ने लोगों से भी किसी भी प्रकार की अपुष्ट अफवाहों से बचने की अपील की है।
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