Tulsi Plant Vastu: तुलसी घर में रखने की परंपरा पुरानी है, लेकिन वास्तु मान्यताओं में इसकी जगह को भी अहम माना जाता है। आंगन, बालकनी या ऐसी जगह जहां धूप पहुंचे, वहां लोग आमतौर पर पौधा रखते हैं। वास्तु शास्त्र में कुछ दिशाएं बेहतर बताई गई हैं और कुछ स्थानों से दूरी की सलाह दी जाती है।
वास्तु शास्त्र बाबा बिमलेश के अनुसार तुलसी कहां रखी जा रही है, इस पर ध्यान जरूरी माना जाता है। ये बातें धार्मिक आस्था और वास्तु मान्यता के रूप में कही गई हैं, किसी वैज्ञानिक नियम के रूप में नहीं। घर में जगह चुनते समय रोशनी, हवा और रोज की देखभाल तीनों का जिक्र इन्हीं मान्यताओं में आता है।
Tulsi Plant Vastu: दक्षिण दिशा में तुलसी क्यों नहीं मानी जाती?
वास्तु मान्यताओं के अनुसार तुलसी के लिए दक्षिण दिशा सही नहीं मानी जाती। मान्यता है कि इस दिशा का संबंध यमदेव से है। इसलिए दक्षिण की जगह उत्तर, पूर्व या ईशान कोण को बेहतर बताया जाता है। ईशान कोण उत्तर पूर्व दिशा को कहते हैं।
दिशा का यह फर्क सिर्फ आस्था की बात है। जिन घरों में दक्षिण तरफ ही खुली जगह हो, वहां भी वास्तु सलाह यही है कि पौधे को उत्तर, पूर्व या ईशान की तरफ शिफ्ट किया जाए, अगर ऐसी जगह उपलब्ध हो।
सीढ़ियों के नीचे और छत के किनारे से क्यों बचें?
वास्तु के अनुसार सीढ़ियों के नीचे तुलसी नहीं रखनी चाहिए। वहां अक्सर धूप और हवा कम पहुंचती है। तुलसी के लिए खुली जगह बेहतर मानी जाती है। बंद और अंधेरे कोने की जगह किसी खुले स्थान को प्राथमिकता दी जाती है।
छत के बिल्कुल किनारे भी सही नहीं माने जाते। तेज हवा, धूप या मौसम का असर पड़ सकता है। छत पर रखना हो तो किनारे से थोड़ा अंदर और साफ जगह चुनने की सलाह है, जहां नियमित देखभाल हो सके और पौधा सुरक्षित रहे।
मुख्य दरवाजे और रास्ते पर क्या मान्यता है?
वास्तु में तुलसी को मुख्य द्वार के आसपास रखना शुभ माना जाता है, लेकिन दरवाजे के बिल्कुल सामने रखने से बचने की सलाह दी जाती है। आने जाने की जगह खुली रहे और पौधे को नुकसान न पहुंचे, इसके लिए दरवाजे के पास किसी उचित स्थान पर रखा जा सकता है।
ऐसे रास्ते में भी नहीं रखना चाहिए जहां घर के लोगों का लगातार आना जाना हो और टकराने या पैर लगने का डर रहे। पौधे के आसपास पर्याप्त जगह होना अच्छा माना जाता है। शांत और सुरक्षित कोना, जहां रोज ठोकर न लगे, बेहतर बताया गया है।
Tulsi Plant Vastu: तुलसी के लिए कौन सी दिशा अच्छी मानी जाती है?
उत्तर, पूर्व और ईशान कोण तुलसी के लिए अच्छी मानी जाती हैं। जगह ऐसी हो जहां रोशनी मिले, हवा आती रहे और देखभाल आसान हो। आंगन या बालकनी इसी वजह से आम पसंद रहती है, बशर्ते दिशा दक्षिण न हो और रास्ता बाधित न हो।
दक्षिण, सीढ़ियों के नीचे, छत का किनारा, दरवाजे का ठीक सामने और भीड़ वाला रास्ता वे स्थान हैं जिनसे वास्तु मान्यता दूरी बताती है। उत्तर, पूर्व या ईशान में खुली, साफ और सुरक्षित जगह चुनना इन सलाहों का सार है। बाबा बिमलेश के हवाले से भी जगह का ध्यान जरूरी माना गया है।
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