Singhara Atta Cheela Recipe: नाश्ते में रोज कुछ नया रखने की उलझन आम है। सिंघाड़े के आटे का चीला ऐसे मौके पर आसान विकल्प है। इसे स्वादिष्ट और सेहतमंद नाश्ते या व्रत के व्यंजन के रूप में झटपट तैयार किया जा सकता है। सामग्री ज्यादा नहीं लगती और घोल घर की आम चीजों से बन जाता है।
सामान्य दिन हो या व्रत, आधार एक ही रहता है। व्रत में सिर्फ नमक और साथ की चीजें अपनी दिनचर्या के हिसाब से बदलनी होती हैं। तैयार होने में लंबा समय नहीं जाता। रेसिपी कार्ड के मुताबिक तैयारी करीब 10 मिनट और सेंकने का समय करीब 20 मिनट है।
Singhara Atta Cheela Recipe: सिंघाड़े के आटे के चीले के लिए क्या चाहिए?
एक कप सिंघाड़े का आटा, एक छोटा उबला आलू, एक बारीक कटी हरी मिर्च, एक छोटा चम्मच जीरा और थोड़ा बारीक कटा हरा धनिया। नमक स्वाद के हिसाब से सेंधा नमक रखें। घोल के लिए जरूरत के मुताबिक पानी और सेंकने के लिए थोड़ा तेल या घी।
व्रत में बना रहे हों तो सामान्य नमक की जगह सेंधा नमक ही रखें। बाकी सामग्री भी व्रत की डाइट के अनुसार चुनें। आलू मैश होकर आटे को बांधने में मदद करता है, इसलिए घोल अकेले आटे जितना बिखरता नहीं।
घोल कैसे तैयार करें?
बड़े बाउल में सिंघाड़े का आटा लें। उबला आलू अच्छी तरह मैश करके मिलाएं। हरी मिर्च, जीरा, हरा धनिया और सेंधा नमक डालकर सब एक कर लें। पानी धीरे डालें। घोल न बहुत पतला हो, न बहुत गाढ़ा। तवे पर आसानी से फैलने वाला गाढ़ापन ठीक रहता है।
घोल को कुछ मिनट रख दें। बाद में गाढ़ा लगे तो थोड़ा पानी मिला सकते हैं। यह आराम इसलिए मायने रखता है क्योंकि सिंघाड़े के आटे का घोल बेसन या चावल के घोल से थोड़ा अलग व्यवहार करता है। बहुत पतला फैलाने की कोशिश चीले को संभालना मुश्किल कर सकती है।
तवे पर चीला कैसे सेंकें?
गैस पर नॉनस्टिक तवा या अच्छी तरह गर्म किया तवा रखें। गर्म होने पर थोड़ा तेल या घी लगाएं। एक करछी घोल बीच में डालकर हल्के हाथ गोल फैलाएं। चीले को बहुत पतला न करें।
मध्यम आंच पर पकने दें। नीचे से हल्का सुनहरा रंग और किनारों पर हल्की कुरकुराहट दिखे तो सावधानी से पलटें। दूसरी तरफ भी अच्छे से सेंकें। जरूरत हो तो किनारों पर थोड़ा तेल या घी डालें। दोनों तरफ पक जाए तो प्लेट में निकाल लें। आंच तेज रखने से ऊपर कच्चा और नीचे जला हुआ रह सकता है, इसलिए मध्यम आंच ही बताई गई है।
Singhara Atta Cheela Recipe: किसके साथ परोसें?
सिंघाड़े के आटे का चीला गरमागरम ज्यादा स्वादिष्ट लगता है। हरे धनिये की चटनी, दही या पसंद की चटनी के साथ परोस सकते हैं। व्रत में वही साथ रखें जो उस दिन मान्य हो। सामान्य नाश्ते में दही और चटनी दोनों चल जाते हैं।
एक कप आटे और एक छोटे आलू से घर के नाश्ते जितना घोल बन जाता है। मिर्च और जीरा स्वाद देते हैं, धनिया ऊपर से ताजगी रखता है। तेल या घी सिर्फ तवे और किनारों के लिए है, घोल में मिलाने की बात रेसिपी में नहीं है। व्रत और रोजमर्रा दोनों में यही विधि काम आती है, बशर्ते नमक और साइड डिश अपनी जरूरत के हिसाब से चुनी जाएं।
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