ताज़ा खबर
Anant Chaturdashi 2026: 25 सितंबर को तिथि, मुहूर्त और गणेश विसर्जन विधि DIY Haldi Ubtan: चेहरे की रंगत वापस लाने के लिए घर का हल्दी उबटन, बनाने और लगाने का तरीका Bigg Boss 20: कनिका मान ने कहा गुल्लू संग रिश्ते की गुंजाइश नहीं Royal Enfield Classic 350 खरीदने से पहले ये 5 बातें शोरूम में जरूर पूछें Bigg Boss 20: रीति तिवारी और काजी तौकीर की बहस गाली तक पहुंची Bigg Boss 20: यंग डीएसए और ईशा रिखी को मिला जीरो सेव वोट Bigg Boss 20: काजी तौकीर के आउ स्वैग पर बवाल, रोहेद ने एविक्शन को अनफेयर बताया Bihar Greenfield Satellite Township: बिहार में छह ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप का मास्टर प्लान, ड्रोन से होगा सर्वे
ट्रेंडिंग
धर्म

Anant Chaturdashi 2026: 25 सितंबर को तिथि, मुहूर्त और गणेश विसर्जन विधि

Anant Chaturdashi 2026
Anant Chaturdashi 2026

सारांश

  • Anant Chaturdashi 2026 शुक्रवार, 25 सितंबर को मनाई जाएगी।
  • चतुर्दशी तिथि 24 सितंबर की रात करीब 11:18 बजे शुरू होकर 25 सितंबर की रात करीब 11:06 बजे समाप्त होगी।
  • इसी दिन 10 दिवसीय गणेश उत्सव के समापन पर मुख्य गणेश विसर्जन किया जाएगा।
  • विसर्जन से पहले भगवान गणेश की पूजा, आरती और नैवेद्य अर्पित करने की परंपरा है।
  • इसके बाद गणपति बप्पा की प्रतिमा को श्रद्धापूर्वक विदाई देकर विसर्जन किया जाता है।
  • विसर्जन का शुभ समय शहर के स्थानीय सूर्योदय-सूर्यास्त और पंचांग के अनुसार अलग हो सकता है।

Anant Chaturdashi 2026: अनंत चतुर्दशी इस वर्ष 25 सितंबर 2026 शुक्रवार को है। भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी को यह पर्व अनंत चौदस के नाम से भी जाना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन भगवान विष्णु के अनंत स्वरूप की पूजा होती है। उसी दिन दस दिवसीय गणेश उत्सव का समापन माना जाता है।

भक्त पूजा के बाद गणपति बप्पा की प्रतिमा विसर्जित कर विदाई देते हैं। चतुर्दशी तिथि 24 सितंबर रात 11:18 बजे शुरू होकर 25 सितंबर रात 11:06 बजे समाप्त होगी। पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 5:38 बजे से रात 11:06 बजे तक बताया गया है। अवधि 17 घंटे 28 मिनट है।

घर की परंपरा के अनुसार विसर्जन डेढ़, तीन, पांच, सात या ग्यारह दिन बाद भी होता है। केवल अनंत चतुर्दशी पर करना अनिवार्य नहीं माना जाता।

Anant Chaturdashi 2026: अनंत चतुर्दशी की तिथि और मुहूर्त क्या है?

पर्व शुक्रवार 25 सितंबर को मनाया जाएगा। तिथि की गणना पंचांग के अनुसार रात्रि से जुड़ी है। 24 तारीख देर रात तिथि प्रवेश के बाद 25 तारीख भर चतुर्दशी रहेगी।

पूजा मुहूर्त सुबह 5:38 से रात 11:06 तक फैला है। इतनी लंबी अवधि इसलिए है कि भक्त सुविधा अनुसार पूजा और विसर्जन दोनों पूरे कर सकें। जलाशय दूर हो तो दिन में निकास और शाम तक विसर्जन की योजना बनती है।

मुहूर्त का अर्थ शुभ समय की पारंपरिक सलाह है। इससे कोई फल निश्चित नहीं माना जा सकता। परिवार अपनी दिनचर्या के हिसाब से समय चुनते हैं। छोटे बच्चों या बुजुर्गों के साथ निकलने वाले जल्दी प्रस्थान करते हैं।

तिथि समाप्त होते ही चतुर्दशी पूरी हो जाती है। इसलिए कई लोग रात से पहले विसर्जन निपटा लेते हैं। पंचांग देखने की आदत वाले स्थानीय समय की दोबारा पुष्टि कर लेते हैं।

इस दिन विष्णु और गणेश दोनों से क्या जुड़ाव है?

धार्मिक मान्यता में अनंत चतुर्दशी विष्णु के अनंत रूप की उपासना से जुड़ी है। अनंत शब्द असीम और निरंतरता का बोध कराता है। भक्त इस दिन विष्णु स्मरण के साथ गणेश उत्सव भी समेटते हैं।

गणेश चतुर्थी से शुरू हुआ उत्सव अनंत चतुर्दशी पर विदाई पाता है। दस दिन का चक्र इसी तिथि पर बंद माना जाता है। ढोल नगाड़े और मंडली के साथ बप्पा को अगले वर्ष फिर आने की कामना की जाती है। यह आस्था का भाव है।

दोनों धाराएं एक दिन में इसलिए मिलती हैं क्योंकि पंचांग की चतुर्दशी दोनों परंपराओं के लिए उपयुक्त मानी गई। घर में विष्णु पूजा छोटी हो सकती है और मुख्य दृश्य गणेश विसर्जन का रहता है।

श्रद्धा परिवार की रीति पर निर्भर करती है। कोई केवल गणेश विसर्जन करता है तो कोई अनंत सूत्र या विष्णु अर्चन भी जोड़ता है। स्रोत में विस्तृत विष्णु विधि नहीं दी गई, मुख्य जानकारी गणेश विसर्जन की है।

Anant Chaturdashi 2026: गणेश विसर्जन की विधि क्या है?

सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनें और पूजा स्थल तैयार करें। प्रतिमा के पास घी का दीपक जलाएं। धूप दीप दिखाएं। ॐ गं गणपतये नमः मंत्र का जाप करें।

फूल, दूर्वा, अक्षत, रोली और भोग अर्पित करें। आरती करें और गणेश चालीसा पढ़ें। उत्सव के दौरान हुई भूल चूक के लिए क्षमा मांगें। इसके बाद प्रतिमा को श्रद्धा से विसर्जन स्थल ले जाएं।

विसर्जन स्वच्छ जल में करें। घर की छोटी मिट्टी की मूर्ति हो तो घर के साफ जल पात्र में भी विसर्जन किया जा सकता है। प्लास्टर या अघुलनशील सामग्री पर्यावरण के लिए भारी पड़ती है, इसलिए कई परिवार मिट्टी की मूर्ति पसंद करते हैं। स्रोत में पर्यावरण नियम अलग से नहीं हैं, केवल स्वच्छ जल का उल्लेख है।

जुलूस में भीड़ हो तो बच्चों और बुजुर्गों का ध्यान रखें। प्रतिमा संभालकर ले जाना और जल में धीरे उतारना परंपरा का हिस्सा माना जाता है। वापसी पर घर साफ कर दीपक बुझा दिया जाता है।

क्या विसर्जन सिर्फ अनंत चतुर्दशी पर ही होता है?

नहीं। स्रोत साफ कहता है कि केवल इसी दिन करना जरूरी नहीं। घर की परंपरा और श्रद्धा के अनुसार डेढ़ दिन, तीन, पांच, सात या ग्यारह दिन बाद भी प्रतिमा विसर्जित की जाती है।

कई कार्यालय और स्कूल वाले छोटे अंतराल चुनते हैं। बड़े पंडाल अक्सर पूरे दस दिन रखते हैं और अनंत चतुर्दशी पर विसर्जन निकालते हैं। दोनों रीतियां मान्य मानी जाती हैं।

जो परिवार 25 सितंबर को व्यस्त हों वे अपनी निर्धारित अवधि पूरी कर दूसरे दिन भी विसर्जन कर सकते हैं, बशर्ते उनकी परंपरा अनुमति दे। तिथि का बंधन पूर्ण अनिवार्य नहीं बताया गया।

अगले वर्ष स्वागत की कामना विसर्जन गीतों में आम है। यह भावनात्मक विदाई है, किसी फल की गारंटी नहीं।

Anant Chaturdashi 2026: पूजा और विसर्जन के दिन क्या ध्यान रखें?

मुहूर्त लंबा है इसलिए सुबह पूजा और दोपहर या शाम विसर्जन बांटा जा सकता है। मंत्र ॐ गं गणपतये नमः स्रोत में दिया गया है। चालीसा पाठ भी विधि में शामिल है।

क्षमा प्रार्थना उत्सव की गलतियों के लिए कही गई है। यह विनम्रता का भाव है। दूर्वा और फूल गणेश पूजा की सामान्य सामग्री माने जाते हैं।

जल स्रोत स्वच्छ चुनें। घर के पात्र वाले विसर्जन में बाद में जल का सम्मानजनक निपटान परिवार स्वयं तय करते हैं। भीड़भाड़ वाले घाटों पर स्थानीय व्यवस्था का पालन करें।

पर्व आस्था का दिन है। तिथि और विधि याद रखना तैयारी आसान बनाता है। फल या संकट नाश की निश्चितता का दावा नहीं किया जा सकता। श्रद्धा और सादगी को परंपरा में पर्याप्त माना जाता है।

News Desk Declaration / Disclaimer

घोषणा: इस खबर में दी गई पूजा तिथि, मुहूर्त और धार्मिक नियम पंचांग एवं प्रचलित धार्मिक मान्यताओं पर आधारित हैं। पूजा के मुहूर्त में शहर और स्थान के अनुसार कुछ अंतर हो सकता है। पाठकों से अनुरोध है कि पूजा-अनुष्ठान से जुड़ी किसी भी विशेष जानकारी के लिए अपने स्थानीय पंचांग या विद्वान आचार्य से पुष्टि करें। News Media Kiran किसी धार्मिक मान्यता को व्यक्तिगत या वैज्ञानिक सलाह के रूप में प्रस्तुत नहीं करता।

Read More Here

About The Author

Adarsh Pandey Author at Democratic Bharat Live

लेखक

Adarsh Pandey

I am a professional content writer and news journalist with over 1 years of experience in the digital media industry. I specialize in delivering news with accuracy, integrity, and an unbiased approach. My expertise lies in covering Trending News, Sports, Business, and Entertainment beats, where I bring engaging and well-researched stories to the readers.

अपनी राय लिखें

WhatsApp Facebook X