Royal Enfield Classic 350: रॉयल एनफील्ड क्लासिक 350 की एक तय कीमत नहीं है। एक्स शोरूम रेंज 1.87 लाख रुपये से 2.24 लाख रुपये तक है। फर्क कलर और एबीएस वेरिएंट से आता है। एक ही शोरूम में दो ग्राहकों के बीच करीब 37 हजार रुपये का अंतर केवल पेंट की पसंद से हो सकता है।
मौजूदा जनरेशन में जे सीरीज इंजन ही मिलता है। असल अंतर इंजन से ज्यादा फीचर और कीमत के ढांचे में है। बुक करने से पहले पांच बातें साफ कर लेनी चाहिए जो फर्श पर बाइक देखते समय अक्सर छूट जाती हैं।
कलर चुनते ही एबीएस का स्तर भी तय हो जाता है। ट्रिपर नेविगेशन फोन और डेटा के बिना काम नहीं करता। डीलर पर ऑन रोड कीमत शहर के हिसाब से अलग हो सकती है।
Royal Enfield Classic 350: कलर बदलने से कीमत कितनी बढ़ जाती है?
सबसे सस्ता रेडडिच रेड सिंगल चैनल एबीएस के साथ 1.87 लाख रुपये में आता है। एमराल्ड और स्टेल्थ ब्लैक जैसे शेड 2.24 लाख रुपये तक पहुंच जाते हैं। इनमें डुअल चैनल एबीएस स्टैंडर्ड है।
अधिक कीमत केवल रंग की चमक के लिए नहीं है। एबीएस हार्डवेयर भी अलग है। जो खरीदार सस्ता शेड लेते हैं उन्हें सिंगल चैनल सिस्टम मिलता है। महंगे शेड के साथ दो चैनल वाला ब्रेक सिस्टम जुड़ा है।
यह अंतर शोरूम में तभी समझ आता है जब सेल्सपर्सन दोनों विकल्प साथ रखे। कई ग्राहक पेंट देखकर फैसला कर लेते हैं और बाद में पता चलता है कि एबीएस अलग था। 37 हजार का फासला बजट पर सीधा असर डालता है।
ऑन रोड कीमत में इंश्योरेंस और रजिस्ट्रेशन जुड़ने से यह अंतर और दिखता है। इसलिए कलर कार्ड देखते समय एबीएस कॉलम भी पढ़ना जरूरी है।
डुअल चैनल एबीएस हर रंग में क्यों नहीं मिलता?
क्लासिक 350 में एबीएस अलग से चुनने का विकल्प नहीं है। यह कुछ खास कलर के साथ बंधा है। अगर प्राथमिकता डुअल चैनल एबीएस है तो पहले वह शेड फाइनल करें जिसमें यह सिस्टम आता है।
सिंगल चैनल आगे के पहिए पर काम करता है। डुअल चैनल आगे और पीछे दोनों पर नियंत्रण देता है। गीली सड़क या अचानक ब्रेक में यह फर्क महसूस होता है। खरीदार को अपनी सवारी की आदत के हिसाब से फैसला करना चाहिए न कि केवल पेंट के हिसाब से।
शोरूम में पूछें कि पसंदीदा रंग में कौन सा एबीएस फिट है। लिखित स्पेसिफिकेशन देख लें। मौखिक आश्वासन पर निर्भर न रहें क्योंकि वेरिएंट कलर से जुड़ा है।
यह व्यवस्था समझने के बाद बजट और सुरक्षा दोनों संतुलित किए जा सकते हैं। सस्ता रंग लेने वाले जानबूझकर सिंगल चैनल स्वीकार करें। डुअल चाहिए तो महंगे शेड के लिए तैयार रहें।
Royal Enfield Classic 350: यूएसबी सी और एडजस्टेबल लीवर किन वेरिएंट में हैं?
हर क्लासिक 350 में अब यूएसबी सी चार्जिंग पोर्ट है। यात्रा के दौरान फोन चार्ज किया जा सकता है। ब्रेक और क्लच लीवर भी एडजस्टेबल हैं। हाथ के आकार के अनुसार सेट किए जा सकते हैं।
ये सुविधाएं किसी एक महंगे कलर तक सीमित नहीं हैं। बेस शेड से लेकर टॉप शेड तक एक जैसी मिलती हैं। इसलिए चार्जिंग या लीवर के नाम पर वेरिएंट अपग्रेड करने की जरूरत नहीं।
लंबी सवारी करने वालों के लिए पोर्ट उपयोगी है। छोटे हाथ वाले सवार लीवर एडजस्ट करके आराम पाते हैं। ये छोटे लगने वाले फीचर रोजाना इस्तेमाल में फर्क लाते हैं।
शोरूम में पोर्ट की जगह और लीवर की घुमाव क्षमता खुद जांच लें। स्टैंडर्ड होने के बावजूद फिटमेंट की क्वालिटी देखना सही रहता है।
ट्रिपर नेविगेशन अपने आप जीपीएस की तरह क्यों नहीं चलता?
ट्रिपर डिस्प्ले टर्न बाय टर्न दिशा दिखाता है। यह स्वतंत्र जीपीएस यूनिट नहीं है। रॉयल एनफील्ड के स्मार्टफोन ऐप से ब्लूटूथ पर गूगल मैप्स की जानकारी आती है।
इस्तेमाल के लिए फोन जोड़ना और सक्रिय डेटा कनेक्शन जरूरी है। पहाड़ी इलाके या कम नेटवर्क वाले रूट पर नेविगेशन रुक सकता है। खरीदार को यह सीमा पहले पता होनी चाहिए।
ऐप इंस्टॉल कर शोरूम में एक बार पेयरिंग करके देख लें। बैटरी खपत और कनेक्शन टूटने की आदत समझ आ जाती है। बिना फोन के ट्रिपर स्क्रीन दिशा नहीं देगी।
जो सवार ऑफलाइन मैप चाहते हैं उन्हें अलग डिवाइस का इंतजाम करना पड़ सकता है। ट्रिपर सुविधा है लेकिन शर्तों के साथ है।
Royal Enfield Classic 350: इंजन दूसरी 350 सीसी रॉयल एनफील्ड से कितना अलग है?
क्लासिक 350 में वही जे सीरीज 349 सीसी सिंगल सिलेंडर आर्किटेक्चर है जो कंपनी की अन्य 350 सीसी बाइक्स में है। स्लिप एंड असिस्ट क्लच गियर बदलना आसान बनाता है।
हंटर 350 जैसी बाइक से बिल्कुल अलग प्रदर्शन की उम्मीद रखना ठीक नहीं। बेसिक मैकेनिकल काफी हद तक समान हैं। अंतर बैठक, हैंडल, वजन वितरण और स्टाइल में ज्यादा है।
जो सवार क्लासिक की सीधी बैठक और पुरानी लुक चाहते हैं उन्हें इंजन की समानता स्वीकार करनी चाहिए। परफॉर्मेंस की भूख अलग है तो टेस्ट राइड पर दोनों मॉडल तुलना करें।
कलर फाइनल करने से पहले स्थानीय डीलर पर एबीएस स्पेसिफिकेशन और ऑन रोड कीमत लिखवा लें। शहर बदलने से टैक्स और हैंडलिंग चार्ज थोड़ा हट सकते हैं। बुक करने से पहले ये पांच बिंदु साफ हों तो बाद में पछतावा कम होता है।
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