ताज़ा खबर
Morsa AI: WhatsApp से फैक्ट्री चलाएगा यह भारतीय AI, लखनऊ-दिल्ली के युवाओं के स्टार्टअप को ₹14 करोड़ की फंडिंग OnePlus 16 Launch: OnePlus 16 में 200MP कैमरा और 9000mAh बैटरी, अक्टूबर में लॉन्च की तैयारी; जानें संभावित फीचर्स Lava Virat Curve 5G लॉन्च, पीछे भी मिलेगी मिनी स्क्रीन; 6000mAh बैटरी के साथ ₹19,999 में ऑफर India ONGC Gas Discovery: महानदी बेसिन के गहरे समुद्र में कुएं से गैस निकली, अभियान का पहला कुआं सफल मुंडन संस्कार विधि IBPS RRB 2026 Last Date Extended: क्लर्क और पीओ फॉर्म की नई लास्ट डेट 27 सितंबर, 13706 पद खुले First International Trip: पहली बार विदेश घूमने जा रहे हैं तो डेस्टिनेशन चुनते समय इन बातों का रखें ध्यान Parivartini Ekadashi 2026: जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, वामन अवतार की कथा और पारण का सटीक समय
ट्रेंडिंग
भारत

Bihar Greenfield Satellite Township: बिहार में छह ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप का मास्टर प्लान, ड्रोन से होगा सर्वे

Bihar Greenfield Satellite Township
Bihar Greenfield Satellite Township

सारांश

  • बिहार में छह ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप के लिए टाउन प्लानिंग स्कीम तैयार होगी।
  • दरभंगा, सहरसा और मुजफ्फरपुर समेत छह शहर इस चरण में शामिल हैं।
  • टाउनशिप की योजना से पहले ड्रोन और टोटल स्टेशन से विस्तृत सर्वे होगा।
  • भू-मालिकों की सूची, खसरा, क्षेत्रफल और जमाबंदी रिकॉर्ड जुटाए जाएंगे।
  • सड़क, जलस्रोत, जल निकासी और मौजूदा भूमि उपयोग की मैपिंग होगी।
  • लैंड पूलिंग को प्राथमिकता देते हुए भविष्य की आबादी और सुविधाओं के हिसाब से भूमि उपयोग तय किया जाएगा।

Bihar Greenfield satellite Township: बिहार में छह ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप का मास्टर प्लान तैयार करने की प्रक्रिया तेज हो गई है। नगर विकास विभाग इन टाउनशिप के लिए टाउन प्लानिंग स्कीम बनवाएगा। इसके पहले संबंधित इलाकों का विस्तृत सर्वे होगा।

सर्वे में ड्रोन और टोपोग्राफिक तकनीक का इस्तेमाल होगा। भू मालिकों की सूची और राजस्व रिकॉर्ड भी जुटाए जाएंगे। सर्वे के बाद जमीन के उपयोग की योजना तय की जाएगी।

राज्य में कुल 12 सैटेलाइट टाउनशिप विकसित की जानी हैं। विभाग ने इन्हें चार समूहों में बांटा है। अभी ग्रुप 3 और ग्रुप 4 की छह टाउनशिप के लिए काम शुरू हो रहा है। सलाहकार एजेंसी का चयन कर नक्शा और भूमि उपयोग की रूपरेखा बनाई जाएगी।

Bihar Greenfield satellite Township: कौन सी छह टाउनशिप के लिए प्लान बन रहा है?

ग्रुप 3 में दरभंगा का मिथिला सहरसा का कोसी और मुजफ्फरपुर का तिरहुत शामिल है। ग्रुप 4 में पूर्णिया का पूर्णिया मुंगेर का अंग और सोनपुर का हरिहरनाथपुरम शामिल है। इन्हीं छह जगहों के लिए टाउन प्लानिंग स्कीम तैयार की जाएगी।

ये स्कीम बिहार टाउन प्लानिंग स्कीम नियमावली 2025 और बिहार अर्बन प्लानिंग एंड डेवलपमेंट एक्ट 2012 के तहत बनेगी। सलाहकार एजेंसी को इन्हीं नियमों के अनुसार काम करना होगा। एजेंसी सामाजिक और आर्थिक प्रभावों का आकलन भी करेगी।

नगर विकास विभाग पहले मई 2026 में एजेंसी चयन के लिए निविदा निकाल चुका था। तकनीकी कारणों से अब दोबारा निविदा जारी की गई है। एजेंसी टाउनशिप का नक्शा भूमि उपयोग की योजना और पूरी रूपरेखा तय करेगी। योजना लागू करने में भी सहयोग करेगी।

इन टाउनशिप को ग्रीनफील्ड इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि ये नए सिरे से विकसित की जाएंगी। 12 टाउनशिप के चार समूहों में से इन दो समूहों पर फिलहाल ध्यान दिया जा रहा है।

जमीन अधिग्रहण के लिए लैंड पुलिंग को क्यों प्राथमिकता दी जाएगी?

टाउनशिप के लिए जमीन लेने में लैंड पुलिंग को प्राथमिकता दी जानी है। भू मालिकों को बदले में कौन सी जमीन दी जाएगी इसका आकलन भी होगा। इसके लिए भू मालिकों की सूची तैयार की जाएगी।

उनके राजस्व विवरण खसरा नंबर और जमीन के क्षेत्रफल की जानकारी जुटाई जाएगी। जमीन के रिकॉर्ड यानी जमाबंदी का सर्वे डेटा से मिलान किया जाएगा। इससे मालिकाना हक साफ रहेगा।

लैंड पुलिंग से जमीन मालिकों को विकास में हिस्सेदारी मिलने की व्यवस्था बनती है। एजेंसी भू मालिकों के साथ चर्चा और बैठकों में तकनीकी सहायता देगी। राज्य सरकार और संबंधित विभागों से मंजूरी लेने में नगर विकास प्राधिकरण की मदद करेगी।

यह प्रक्रिया जमीन संबंधी विवाद कम करने और रिकॉर्ड सटीक रखने के लिए जरूरी मानी जा रही है। सर्वे डेटा और जमाबंदी का मिलान इसी काम का हिस्सा है।

Bihar Greenfield satellite Township: ड्रोन और टोटल स्टेशन से सर्वे कैसे होगा?

टाउन प्लानिंग स्कीम से पहले क्षेत्र का विस्तृत सर्वे होगा। कैडेस्ट्रल मैप यानी भूमि स्वामित्व मानचित्र और बेस मैप बनाया जाएगा। पूरे क्षेत्र का टोपोग्राफिक सर्वे टोटल स्टेशन और ड्रोन आधारित सर्वे से होगा।

सर्वे में खाता खसरा नंबर और जमीन की सटीक माप दर्ज होगी। वर्तमान मालिकाना हक की जानकारी जुटाई जाएगी। हर संपत्ति की चौहद्दी तय की जाएगी। मौजूदा जमीन उपयोग की भी जानकारी ली जाएगी।

सड़कों की मैपिंग होगी। नेशनल हाईवे स्टेट हाईवे जिला सड़कें एप्रोच सड़कें निजी सड़क और पैदल रास्ते नक्शे में आएंगे। डिवाइडर ट्रैफिक पोस्ट और बस स्टॉप भी दर्ज किए जाएंगे।

झील तालाब पानी की टंकियां कुएं और नहरें चिह्नित की जाएंगी। जल निकासी व्यवस्था का भी सर्वे होगा। ये सारी जानकारी मास्टर प्लान की नींव बनेगी। आधुनिक तकनीक से माप और सीमाएं सटीक रहने की उम्मीद है।

मास्टर प्लान में जमीन के उपयोग का फैसला कैसे होगा?

टाउन प्लानिंग स्कीम में तय होगा कि किस जमीन का इस्तेमाल किस काम के लिए होगा। टाउनशिप की सड़क और सार्वजनिक उपयोगिता वाली जमीन का रेखांकन होगा। भविष्य की आबादी को ध्यान में रखकर मूलभूत सुविधाओं की जरूरत का आकलन किया जाएगा।

इसी आधार पर सुविधाओं के विकास का प्रावधान होगा। भूमि उपयोग सड़क सार्वजनिक सुविधाएं और अन्य विकास कार्यों की विस्तृत योजना छह टाउनशिप के लिए बनेगी। एजेंसी पूरे काम में सहयोग करेगी।

सर्वे के बाद भूमि उपयोग की योजना साफ हो जाएगी। सड़क जलस्रोत और मौजूदा ढांचे को देखते हुए नया खाका खींचा जाएगा। यह काम नियमावली और अधिनियम के दायरे में रहेगा।

छह टाउनशिप के लिए यह प्रक्रिया एक साथ आगे बढ़ेगी। विभाग की निविदा प्रक्रिया पूरी होने के बाद एजेंसी मैदान में उतरेगी। ड्रोन सर्वे से इलाके की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी।

Bihar Greenfield satellite Township: इस योजना का बिहार के शहरी विकास से क्या संबंध है?

बिहार में 12 सैटेलाइट टाउनशिप बनाने की योजना है। इनमें से छह के लिए अभी टाउन प्लानिंग स्कीम का काम शुरू हो रहा है। नगर विकास विभाग सलाहकार एजेंसी के जरिए मास्टर प्लान तैयार करवाएगा।

लैंड पुलिंग सर्वे और रिकॉर्ड मिलान से जमीन मालिकों की स्थिति साफ करने की कोशिश है। सड़क जल स्रोत और मौजूदा उपयोग को मैप करने से योजना व्यावहारिक बनेगी। भविष्य की आबादी के हिसाब से सुविधाएं जोड़ने का प्रावधान रखा गया है।

तकनीकी कारणों से निविदा दोबारा निकाली गई है। मई 2026 वाली प्रक्रिया के बाद अब नया दौर शुरू हुआ है। एजेंसी सामाजिक आर्थिक प्रभाव भी देखेगी जिससे योजना के असर का अंदाजा लग सके।

दरभंगा सहरसा मुजफ्फरपुर पूर्णिया मुंगेर और सोनपुर के इन क्षेत्रों में नई टाउनशिप की रूपरेखा इसी प्रक्रिया से निकलेगी। सर्वे और प्लानिंग के बाद भूमि उपयोग का खाका अंतिम रूप लेगा। बिहार के शहरी विस्तार की यह कड़ी इन्हीं छह जगहों से आगे बढ़ रही है।

Read More Here

About The Author

Adarsh Pandey Author at Democratic Bharat Live

लेखक

Adarsh Pandey

I am a professional content writer and news journalist with over 1 years of experience in the digital media industry. I specialize in delivering news with accuracy, integrity, and an unbiased approach. My expertise lies in covering Trending News, Sports, Business, and Entertainment beats, where I bring engaging and well-researched stories to the readers.

अपनी राय लिखें

WhatsApp Facebook X