पंजाब के पटियाला जिले में राजपुरा के समीप कर्मभूमि एक्सप्रेस के चार डिब्बों में आग लगने की एक बड़ी घटना सामने आई है। यह ट्रेन अमृतसर से न्यू जलपाईगुड़ी की ओर जा रही थी, जब सराय बंजारा गांव के पास इसमें आग की लपटें देखी गईं। घटना के बाद ट्रेन की सुरक्षा प्रणाली सक्रिय हो गई, जिससे ट्रेन सुरक्षित रूप से रुक गई और यात्रियों को बाहर निकलने का समय मिल गया। हालांकि शुरुआती रिपोर्टों में कुछ लोगों के घायल होने की बात कही गई थी, लेकिन रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों ने किसी भी जनहानि से इनकार किया है।

घटना का विस्तृत विवरण और स्थान
पंजाब के पटियाला जिले के अंतर्गत आने वाले राजपुरा क्षेत्र में बुधवार को एक बड़ा रेल हादसा टल गया। अमृतसर से चलकर न्यू जलपाईगुड़ी जाने वाली ट्रेन संख्या 12508 कर्मभूमि एक्सप्रेस जब राजपुरा से लगभग 15 किलोमीटर की दूरी पर थी, तब इसके डिब्बों से धुआं और आग की लपटें निकलने लगीं। यह घटना विशेष रूप से सराय बंजारा गांव के पास हुई, जो सराय बंजारा रेलवे स्टेशन के काफी करीब स्थित है। आग लगने की सूचना मिलते ही पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और ट्रेन के चार डिब्बे इसकी चपेट में आ गए।
बताया जा रहा है कि आग की शुरुआत इंजन से पांचवें डिब्बे में हुई और धीरे-धीरे इसने अन्य तीन डिब्बों को भी अपनी चपेट में ले लिया। आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि धुएं का गुबार काफी दूर से देखा जा सकता था। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय प्रशासन और रेलवे के आपातकालीन दल मौके पर पहुंच गए। यह स्थान बसंतपुरा रेलवे स्टेशन के भी नजदीक बताया जा रहा है। रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी स्थिति का जायजा लेने के लिए घटनास्थल पर मौजूद हैं और राहत कार्यों की निगरानी कर रहे हैं।
रेलवे प्रशासन की प्रतिक्रिया और सुरक्षा उपाय
इस गंभीर घटना के संबंध में नॉर्दर्न रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (CPRO) हिमांशु शेखर उपाध्याय ने आधिकारिक जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि जैसे ही ट्रेन में आग लगने या किसी तकनीकी खराबी का संकेत मिला, ट्रेन का ऑटोमैटिक सेफ्टी सिस्टम यानी सुरक्षा प्रणाली तुरंत सक्रिय हो गई। इस प्रणाली के सक्रिय होने के कारण ट्रेन सराय बंजारा स्टेशन के पास सुरक्षित रूप से रुकने में सफल रही। CPRO ने स्पष्ट किया कि सुरक्षा तंत्र ने समय पर काम किया, जिससे एक बड़ा हादसा होने से बच गया।
हिमांशु शेखर उपाध्याय ने उन खबरों का भी खंडन किया जिनमें यात्रियों के हताहत होने की बात कही जा रही थी। उन्होंने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की है कि इस घटना में अभी तक किसी के घायल होने या जान जाने की कोई सूचना प्राप्त नहीं हुई है। रेलवे की तकनीकी टीमें और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर यह सुनिश्चित करने में लगे हैं कि स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में रहे। आग पर काबू पाने के लिए दमकल विभाग की गाड़ियों को भी लगाया गया और काफी मशक्कत के बाद लपटों को शांत किया गया।
यात्रियों के बीच मची अफरा-तफरी का माहौल
जब ट्रेन के डिब्बों से काला धुआं निकलना शुरू हुआ, तो यात्रियों के बीच भारी दहशत फैल गई। ट्रेन के भीतर मौजूद लोगों को जैसे ही खतरे का अहसास हुआ, वे अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, स्थिति इतनी तनावपूर्ण थी कि कई यात्री अपनी जान बचाने के चक्कर में अपना कीमती सामान और बैग ट्रेन के भीतर ही छोड़कर नीचे कूद गए। यात्रियों में मची इस अफरा-तफरी के कारण मौके पर काफी शोर-शराबा और डर का माहौल देखा गया।
सराय बंजारा गांव के पास जब ट्रेन रुकी, तो आसपास के ग्रामीण भी मदद के लिए दौड़ पड़े। यात्रियों ने बताया कि धुएं के कारण डिब्बों के भीतर सांस लेना मुश्किल हो रहा था, जिसके कारण उन्होंने तुरंत बाहर निकलने का फैसला किया। हालांकि रेलवे अधिकारियों ने किसी के घायल होने की पुष्टि नहीं की है, लेकिन यात्रियों के कूदने और भागने के दौरान मची भगदड़ ने स्थिति को और अधिक चुनौतीपूर्ण बना दिया था। फिलहाल सभी यात्रियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है और उनके लिए वैकल्पिक व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
तकनीकी विवरण और संभावित कारण
ट्रेन संख्या 12508 कर्मभूमि एक्सप्रेस एक महत्वपूर्ण लंबी दूरी की ट्रेन है जो पंजाब को पश्चिम बंगाल से जोड़ती है। इस घटना में प्रभावित हुए चार डिब्बे ट्रेन के अगले हिस्से में थे। सूत्रों के हवाले से यह जानकारी सामने आ रही है कि आग लगने का मुख्य कारण बिजली का शॉर्ट सर्किट हो सकता है। हालांकि, रेलवे बोर्ड या उत्तर रेलवे की ओर से अभी तक इस कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। तकनीकी विशेषज्ञों की एक टीम डिब्बों की जांच कर रही है ताकि आग लगने के सटीक कारणों का पता लगाया जा सके।
रेलवे के सूत्रों ने संकेत दिया है कि इंजन के ठीक पीछे वाले पांचवें कोच में पहले धुआं देखा गया था। इसके बाद आग अन्य कोचों में फैली। रेलवे की जांच टीम इस बात की भी पड़ताल करेगी कि क्या ट्रेन के भीतर किसी ज्वलनशील पदार्थ की मौजूदगी थी या यह पूरी तरह से एक तकनीकी खराबी थी। वर्तमान में रेलवे का पूरा ध्यान ट्रैक को साफ करने और रेल यातायात को सामान्य बनाने पर है, क्योंकि इस घटना के कारण उस मार्ग पर अन्य ट्रेनों के आवागमन पर भी प्रभाव पड़ा है।
वर्तमान स्थिति और आगे की कार्रवाई
घटनास्थल पर अभी भी राहत और बचाव कार्य जारी है। आग बुझने के बाद अब प्रभावित डिब्बों को ट्रेन से अलग करने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है ताकि शेष ट्रेन को आगे रवाना किया जा सके या यात्रियों के लिए दूसरी व्यवस्था की जा सके। वरिष्ठ रेल अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि यात्रियों की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। सराय बंजारा और राजपुरा के बीच रेलवे ट्रैक की सुरक्षा की भी जांच की जा रही है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
रेलवे प्रशासन ने इस घटना की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। जांच दल इस बात का विश्लेषण करेगा कि सेफ्टी सिस्टम ने कितनी तेजी से प्रतिक्रिया दी और क्या आग को रोकने के अन्य सुरक्षा उपकरण डिब्बों में सही स्थिति में थे। यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए रेलवे द्वारा विशेष प्रबंध किए जा रहे हैं। इस घटना ने एक बार फिर ट्रेनों में अग्नि सुरक्षा और आपातकालीन प्रणालियों की महत्ता को रेखांकित किया है। अधिकारियों का कहना है कि पूरी जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी।
स्रोत: India TV





