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BREAKING: अमेरिकी शेयर बाजार में सुनामी, एक ही झटके में स्वाहा हुए लाखों करोड़ रुपये

अमेरिकी शेयर बाजार में एआई कंपनियों के शेयरों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई है।

BREAKING: अमेरिकी शेयर बाजार में सुनामी, एक ही झटके में स्वाहा हुए लाखों करोड़ रुपये
फाइल फोटो (Wikimedia Commons / Work for hire of The New York Times)

सारांश

  • अमेरिकी शेयर बाजार में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई है।
  • अमेरिकी शेयर बाजार में गुरुवार का दिन बड़ी तकनीकी कंपनियों के लिए अत्यंत चुनौतीपूर्ण साबित हुआ।
  • बाजार में आई इस भारी गिरावट के पीछे मुख्य रूप से राजनीतिक बदलावों और नीतिगत सख्ती की आशंकाओं को जिम्मेदार माना जा रहा है।
  • एआई कंपनियों के साथ ही चिप बनाने वाली कंपनियों पर भी इस गिरावट का बुरा असर पड़ा है।

अमेरिकी शेयर बाजार में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई है। नैस्डैक 100 सूचकांक में शामिल प्रमुख कंपनियों के बाजार मूल्य में एक ही दिन के भीतर 2.5 ट्रिलियन डॉलर की भारी कमी आई है। निवेशकों के बीच बढ़ती चिंताओं के कारण बाजार में बिकवाली का दौर देखा गया है।

बाजार की स्थिति
फाइल फोटो (Wikimedia Commons / Work for hire of The New York Times)

तकनीकी कंपनियों के शेयरों में भारी बिकवाली और बाजार का रुख

अमेरिकी शेयर बाजार में गुरुवार का दिन बड़ी तकनीकी कंपनियों के लिए अत्यंत चुनौतीपूर्ण साबित हुआ। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस क्षेत्र की दिग्गज कंपनियों के शेयरों में जबरदस्त गिरावट देखी गई है। बाजार के आंकड़ों के अनुसार, नैस्डैक 100 की प्रमुख कंपनियों का कुल बाजार मूल्य एक ही दिन में 2.5 ट्रिलियन डॉलर कम हो गया है। भारतीय मुद्रा के संदर्भ में यह नुकसान लगभग 236 लाख करोड़ रुपये के बराबर है। टेक कंपनियों वाले नैस्डैक कंपोजिट इंडेक्स में 5.5 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है, जो अप्रैल 2025 में लिबरेशन डे के बाद से एक दिन की सबसे बड़ी गिरावट मानी जा रही है। एआई कंपनियों के शेयरों में गिरावट का सिलसिला लगातार दूसरे दिन भी जारी रहा, जिससे निवेशकों की घबराहट साफ देखी गई। नैस्डैक कंपोजिट अब अपने 6 अक्टूबर के रिकॉर्ड स्तर से 12 फीसदी नीचे आ चुका है, जिसे वित्तीय शब्दावली में करेक्शन की स्थिति कहा जाता है। अक्टूबर के मध्य से लेकर अब तक नैस्डैक में 500 से अधिक अंकों की गिरावट पांच बार दर्ज की जा चुकी है, जो बाजार की अस्थिरता को दर्शाती है।

डेटा सेंटर और नियामक नीतियों का गहरा असर

बाजार में आई इस भारी गिरावट के पीछे मुख्य रूप से राजनीतिक बदलावों और नीतिगत सख्ती की आशंकाओं को जिम्मेदार माना जा रहा है। अमेरिका में हालिया मिडटर्म चुनावों के बाद डेमोक्रेटिक पार्टी की बड़ी जीत ने निवेशकों के बीच यह डर पैदा कर दिया है कि एआई कंपनियों के कामकाज पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। विशेष रूप से डेटा सेंटरों के निर्माण के लिए नए और सख्त नियम लागू होने की संभावना ने निवेशकों को चिंतित कर दिया है। डेटा सेंटर वे महत्वपूर्ण स्थान हैं जहां एआई प्रणालियों को संचालित करने के लिए हजारों सर्वर और कंप्यूटर स्थापित किए जाते हैं। बाजार के जानकारों का मानना है कि यदि इन केंद्रों के निर्माण की गति धीमी होती है, तो एआई क्षेत्र की वृद्धि दर पर सीधा असर पड़ेगा। निवेशकों को डर है कि नियामक नीतियां एआई के विस्तार के लिए बाधा बन सकती हैं, जिससे भविष्य की आय पर बुरा असर पड़ सकता है।

चिप निर्माता कंपनियों और बाजार की व्यापक स्थिति

एआई कंपनियों के साथ ही चिप बनाने वाली कंपनियों पर भी इस गिरावट का बुरा असर पड़ा है। चिप निर्माताओं का सूचकांक लगभग 12 फीसदी गिरकर छह महीने से अधिक के निचले स्तर पर पहुंच गया है। इसके अतिरिक्त, कोरवीव जैसी एआई आधारित कंपनी के शेयरों में भी 10 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। बाजार की चिंताएं केवल बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं हैं। उच्च ब्याज दरों के कारण पहले से ही संघर्ष कर रही छोटी एआई कंपनियों के लिए यह स्थिति और भी कठिन हो सकती है, क्योंकि उनके लिए पूंजी जुटाना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। नियामक सख्ती की आशंका ने इन कंपनियों की वित्तीय स्थिति को और अधिक अनिश्चित बना दिया है, जिससे बिकवाली का दबाव बढ़ गया है।

राजनीतिक प्रतिक्रिया और भविष्य की अनिश्चितताएं

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बाजार की इस स्थिति पर प्रतिक्रिया देते हुए डेमोक्रेट्स को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर व्यक्त किया कि चुनाव परिणामों के प्रभाव से बाजार ने अपने इतिहास के सबसे खराब दिनों में से एक का सामना किया है। ट्रंप ने चेतावनी दी कि इस गिरावट का असर नागरिकों के 401(k) रिटायरमेंट खातों पर भी पड़ रहा है। उन्होंने अपनी पोस्ट में डेमोक्रेट्स को निशाना बनाते हुए अपनी नाराजगी व्यक्त की, हालांकि उन्होंने यह भी भरोसा जताया कि अमेरिका जल्द ही फिर से मजबूत आर्थिक स्थिति में लौटेगा। वर्तमान में बाजार की मुख्य चिंता यह है कि एआई क्षेत्र के लिए भविष्य में नियम कितने सख्त होंगे और डेटा सेंटर विस्तार की गति पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा। अभी यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं है कि नियामक बदलावों का स्वरूप क्या होगा, लेकिन इस आशंका ने एआई शेयरों में तेजी से बिकवाली को प्रेरित किया है, जिससे निवेशकों का भरोसा डगमगा गया है।

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स्रोत: Aaj Tak

लेखक

Netsha Singh

नेत्शा सिंह डेमोक्रेटिक भारत लाइव में हिंदी न्यूज़ कंटेंट राइटर हैं। वे सरकारी योजनाओं, आपका पैसा, देश की खबरों और धर्म-आस्था से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। डिजिटल न्यूज़ लेखन में उन्हें लगभग एक साल का अनुभव है; इससे पहले वे खबर नगरी और ऑनलाइन ताज़ा खबर के साथ काम कर चुकी हैं और यूट्यूब पर समसामयिक विषयों पर कंटेंट भी बनाती हैं।

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