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दिवाली लक्ष्मी पूजा सामग्री लिस्ट 2026: 8 नवंबर की पूजा से पहले यह पूरी सूची तैयार रखें

साल 2026 में दीपावली का महापर्व 8 नवंबर को मनाया जाएगा। लक्ष्मी पूजा की पूर्ण और निर्विघ्न विधि के लिए सामग्री की विस्तृत सूची और शुभ मुहूर्त की जानकारी यहाँ प्राप्त करें।

दिवाली लक्ष्मी पूजा 2026 की थाली और सामग्री की तैयारी
फाइल फोटो (Wikimedia Commons / Bollywood Hungama)

सारांश

  • दीपावली का त्यौहार भारतीय संस्कृति में सुख, समृद्धि और अंधकार पर प्रकाश की विजय का प्रतीक माना जाता है।
  • 8 नवंबर 2026 को अमावस्या तिथि सुबह 11:27 बजे से शुरू होकर अगले दिन 9 नवंबर को दोपहर 12:31 बजे तक रहेगी।
  • मान्यता है कि पंचामृत से देवताओं का अभिषेक करने से मन शुद्ध होता है।
  • पूजा स्थल पर एक साफ कलश में जल भरकर रखें और उसमें थोड़ा गंगाजल मिलाएं।

दीपावली का त्यौहार भारतीय संस्कृति में सुख, समृद्धि और अंधकार पर प्रकाश की विजय का प्रतीक माना जाता है। साल 2026 में दीपावली का मुख्य पर्व 8 नवंबर, रविवार को मनाया जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन विधि-विधान से माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा करने से घर में सुख-शांति और वैभव का वास होता है। पूजा की सफलता के लिए सबसे जरूरी है ‘सही सामग्री’ और ‘सही मुहूर्त’। अक्सर पूजा के समय कुछ न कुछ भूल जाने से ध्यान भटकता है, इसलिए अनुभवी पुरोहितों के अनुसार पूजा की थाली और सामग्री एक दिन पहले ही व्यवस्थित कर लेनी चाहिए।

दिवाली 2026: दीपोत्सव की महत्वपूर्ण तिथियां और मुहूर्त

इस साल दीपावली का कैलेंडर थोड़ा विशेष है क्योंकि नरक चतुर्दशी और लक्ष्मी पूजा एक ही दिन पड़ रहे हैं। यहाँ द्रिक पंचांग के अनुसार नई दिल्ली के लिए मुख्य तिथियां दी गई हैं। ध्यान दें कि अन्य शहरों के समय में कुछ मिनटों का अंतर हो सकता है, इसलिए स्थानीय पंचांग की सलाह जरूर लें।

तिथियां और पर्वतारीख (2026)मुख्य मुहूर्त (नई दिल्ली)
गोवत्स द्वादशी5 नवंबर, गुरुवारप्रदोष काल पूजा
धनतेरस (धन्वंतरि जयंती)6 नवंबर, शुक्रवारशाम 6:02 से 7:57 तक
काली चौदस (हनुमान पूजा)7 नवंबर, शनिवाररात 11:39 से 12:31 (8 नवंबर)
लक्ष्मी पूजा (दीपावली)8 नवंबर, रविवारशाम 5:54 से 7:50 तक
गोवर्धन पूजा10 नवंबर, मंगलवारसुबह 6:40 से 8:50 तक
भाई दूज (यम द्वितीया)11 नवंबर, बुधवारदोपहर 1:10 से 3:20 तक

8 नवंबर 2026 को अमावस्या तिथि सुबह 11:27 बजे से शुरू होकर अगले दिन 9 नवंबर को दोपहर 12:31 बजे तक रहेगी। लक्ष्मी पूजा के लिए सबसे शुभ समय प्रदोष काल और स्थिर वृषभ लग्न माना जाता है, जो शाम 5:54 से 7:50 तक रहेगा।

लक्ष्मी पूजा सामग्री की विस्तृत सूची: श्रेणीवार

पूजा की तैयारी को आसान बनाने के लिए हमने सामग्री को अलग-अलग श्रेणियों में बांटा है। आप इस सूची का प्रिंट ले सकते हैं या इसे सुरक्षित रख सकते हैं।

1. मूर्तियों और चौकी की तैयारी

  • भगवान गणेश और माता लक्ष्मी की नई मूर्तियां (मिट्टी या धातु की)।
  • माता सरस्वती की मूर्ति या चित्र।
  • पूजा के लिए लकड़ी की एक चौकी (पाटा)।
  • चौकी पर बिछाने के लिए लाल या पीला नया सूती कपड़ा।
  • भगवान के स्नान के लिए एक बड़ा तांबे या पीतल का पात्र।

2. कलश स्थापना के लिए सामग्री

कलश को सुख-समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। इसके लिए निम्नलिखित वस्तुएं अनिवार्य हैं:

  • तांबे या मिट्टी का कलश।
  • कलश भरने के लिए शुद्ध जल और गंगाजल।
  • कलश के मुख पर रखने के लिए आम के 5 या 7 पत्ते।
  • एक जटा वाला नारियल (लाल कपड़े में लपेटा हुआ)।
  • कलश में डालने के लिए सुपारी, सिक्का, अक्षत और हल्दी की गांठ।

3. अभिषेक और पंचामृत सामग्री

मान्यता है कि पंचामृत से देवताओं का अभिषेक करने से मन शुद्ध होता है।

  • गाय का कच्चा दूध, दही, शुद्ध घी, शहद और शक्कर (बूरा)।
  • इन पांचों को मिलाकर पंचामृत तैयार करें।
  • गंगाजल और ताजे फूल।

4. रोली, अक्षत और तिलक सामग्री

  • कुमकुम (रोली) और सिंदूर।
  • अक्षत (बिना टूटे हुए साबुत चावल)।
  • चंदन (पीला या अष्टगंध)।
  • हल्दी पाउडर और अबीर-गुलाल।
  • यज्ञोपवीत (जनेऊ) गणेश जी के लिए।

5. दीप, धूप और कपूर

  • कम से कम 21 या 31 मिट्टी के दीये।
  • एक बड़ा पीतल या मिट्टी का दीपक (अखंड जोत के लिए)।
  • रुई की बत्तियां (गोल और लंबी)।
  • तिल का तेल या शुद्ध देसी घी।
  • धूपबत्ती, अगरबत्ती और माचिस।
  • कपूर (आरती के लिए)।

6. नैवेद्य, फल और भोग

  • खील और बताशे (दिवाली का मुख्य प्रसाद)।
  • घर की बनी मिठाई या शुद्ध खोये की मिठाई।
  • पांच प्रकार के मौसमी फल (सिंघाड़ा, सेब, केला आदि)।
  • नारियल और मखाने।
  • इलायची, लौंग और पान के पत्ते।

विशेष सामग्री: बही-खाता और व्यापारिक पूजा

व्यवसायियों के लिए दिवाली की पूजा नई शुरुआत का प्रतीक होती है। यदि आप व्यापार करते हैं, तो ये चीजें भी रखें:

  • नए बही-खाते या डायरी।
  • कलम (पेन) और दवात।
  • लाल कलावा (मौली)।
  • कलावा बांधने के लिए व्यापारिक उपकरण (जैसे लैपटॉप या तिजोरी)।
  • कमलगट्टे की माला (लक्ष्मी मंत्र जाप के लिए)।
  • धनिया के बीज (जिन्हें पूजा के बाद तिजोरी में रखा जाता है)।

आखिरी समय की तैयारी: कुछ जरूरी बातें

पूजा शुरू करने से पहले कुछ छोटी लेकिन महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखें। 8 नवंबर को सुबह 5:41 से 6:38 के बीच अभ्यंग स्नान का मुहूर्त है, जिसे रूप चौदस की परंपरा के अनुसार शुभ माना जाता है। घर के मुख्य द्वार पर वंदनवार (आम या अशोक के पत्तों की माला) और रंगोली दोपहर तक तैयार कर लेनी चाहिए।

पूजा स्थल पर एक साफ कलश में जल भरकर रखें और उसमें थोड़ा गंगाजल मिलाएं। पूजा के दौरान बैठने के लिए कुशा का आसन या ऊनी कंबल का प्रयोग करें। ध्यान रहे कि पूजा करते समय आपका मुख पूर्व या उत्तर दिशा की ओर होना चाहिए। लक्ष्मी पूजा के समय घर के सभी सदस्यों को साथ बैठकर आरती करनी चाहिए, इससे सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

शहरों के अनुसार लक्ष्मी पूजा मुहूर्त (8 नवंबर 2026)

नई दिल्ली के अलावा अन्य प्रमुख शहरों में स्थानीय सूर्यास्त के अनुसार मुहूर्त में कुछ बदलाव होता है। यहाँ कुछ शहरों के संभावित समय दिए गए हैं:

  • नोएडा: शाम 5:54 से 7:49 तक
  • मुंबई: शाम 6:27 से 8:27 तक
  • जयपुर: शाम 6:03 से 7:59 तक
  • बेंगलुरु: शाम 6:17 से 8:20 तक
  • कोलकाता: शाम 5:20 से 7:18 तक
  • अहमदाबाद: शाम 6:22 से 8:20 तक

परंपरा के अनुसार, लक्ष्मी पूजा के बाद घर के कोनों में दीये जलाकर रखे जाते हैं। मान्यता है कि दीपावली की रात माता लक्ष्मी पृथ्वी पर भ्रमण करती हैं, इसलिए घर को प्रकाशित और स्वच्छ रखना अत्यंत फलदायी होता है। आप अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार सामग्री में वृद्धि कर सकते हैं, क्योंकि ईश्वर भक्ति और भाव के भूखे होते हैं।

यह भी पढ़ें: दिवाली 2026 लक्ष्मी पूजा मुहूर्त: वृषभ, सिंह, कुंभ लग्न और महानिशीथ काल का पूरा समय | दिवाली गणेश लक्ष्मी पूजा विधि 2026

स्रोत: द्रिक पंचांग (नई दिल्ली के लिए गणना), प्रचलित धार्मिक ग्रंथ और लोक परंपराएं। मुहूर्त स्थान के अनुसार बदलते हैं, अपने शहर के पंचांग से पुष्टि करें।

लेखक

Shobhit Pandey

शोभित पांडेय डेमोक्रेटिक भारत लाइव के शिकायत अधिकारी (Grievance Officer) हैं। सूचना प्रौद्योगिकी नियम, 2021 के तहत पाठकों की शिकायतें और सुधार संबंधी अनुरोध हमारे संपर्क पेज के माध्यम से भेजे जा सकते हैं।

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