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थायरॉइड के लक्षण: हाइपोथायरॉइडिज्म और हाइपरथायरॉइडिज्म में फर्क, जांच और इलाज की जानकारी

थायरॉइड ग्रंथि क्या करती है, हाइपोथायरॉइडिज्म और हाइपरथायरॉइडिज्म के लक्षण, TSH जांच, आयोडीन की भूमिका और इलाज से जुड़ी सावधानियां।

थायरॉइड के लक्षण और जांच की जानकारी देने वाला ग्राफिक
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सारांश

  • गले के सामने तितली के आकार की एक छोटी ग्रंथि होती है, जिसे थायरॉइड कहते हैं।
  • अमेरिका के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डायबिटीज एंड डाइजेस्टिव एंड किडनी डिजीज (NIDDK) के अनुसार थायरॉइड की दो प्रमुख समस्याएं हैं।
  • थायरॉइड की पहचान मुख्य रूप से खून की जांच से होती है। इसमें TSH यानी थायरॉइड स्टिमुलेटिंग हार्मोन के साथ T4 और कभी-कभी T3 हार्मोन मापे जाते हैं।
  • यह कारण पर निर्भर करता है। कई लोगों में दवा से हार्मोन का स्तर सामान्य रखकर सामान्य जीवन जिया जा सकता है।

गले के सामने तितली के आकार की एक छोटी ग्रंथि होती है, जिसे थायरॉइड कहते हैं। यह ऐसे हार्मोन बनाती है, जो शरीर की ऊर्जा, दिल की धड़कन, शरीर के तापमान और वजन जैसे कई कामों को नियंत्रित करते हैं। जब यह ग्रंथि जरूरत से कम या ज्यादा हार्मोन बनाने लगती है, तो शरीर में कई तरह के बदलाव दिखते हैं। जानिए थायरॉइड के लक्षण और इसकी जांच कैसे होती है।

थायरॉइड की दो आम समस्याएं

अमेरिका के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डायबिटीज एंड डाइजेस्टिव एंड किडनी डिजीज (NIDDK) के अनुसार थायरॉइड की दो प्रमुख समस्याएं हैं। हाइपोथायरॉइडिज्म में ग्रंथि कम हार्मोन बनाती है, जिससे शरीर की कई क्रियाएं धीमी हो जाती हैं। हाइपरथायरॉइडिज्म में ग्रंथि ज्यादा हार्मोन बनाती है, जिससे शरीर की क्रियाएं तेज हो जाती हैं। दोनों स्थितियां महिलाओं में ज्यादा देखी जाती हैं, लेकिन पुरुषों और बच्चों को भी हो सकती हैं।

मुख्य बातें: थायरॉइड के लक्षण और जांच की जानकारी देने वाला ग्राफिक
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हाइपोथायरॉइडिज्म के लक्षण

  • लगातार थकान और सुस्ती
  • बिना कारण वजन बढ़ना
  • दूसरों की तुलना में ज्यादा ठंड लगना
  • त्वचा का रूखापन और बाल झड़ना
  • कब्ज, उदासी और याददाश्त कमजोर लगना
  • महिलाओं में मासिक धर्म में बदलाव

हाइपरथायरॉइडिज्म के लक्षण

  • बिना कोशिश वजन घटना
  • दिल की धड़कन तेज या अनियमित होना
  • घबराहट, चिड़चिड़ापन और हाथ कांपना
  • ज्यादा गर्मी लगना और पसीना आना
  • नींद न आना और बार-बार मल त्याग

कुछ लोगों में गले में सूजन भी दिख सकती है, जिसे घेंघा या गॉइटर कहते हैं। ये लक्षण धीरे-धीरे बढ़ते हैं और दूसरी बीमारियों जैसे भी लग सकते हैं, इसलिए जांच जरूरी है।

यह भी पढ़ें: विटामिन डी की कमी: लक्षण, धूप और खान-पान से मिलने वाले स्रोत, जांच कब कराएं | हाई ब्लड प्रेशर: किसे ज्यादा खतरा, जांच कब कराएं और WHO के अनुसार नमक व व्यायाम से जुड़ी सलाह

जांच कैसे होती है

थायरॉइड की पहचान मुख्य रूप से खून की जांच से होती है। इसमें TSH यानी थायरॉइड स्टिमुलेटिंग हार्मोन के साथ T4 और कभी-कभी T3 हार्मोन मापे जाते हैं। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर एंटीबॉडी टेस्ट या अल्ट्रासाउंड भी करा सकते हैं। जांच रिपोर्ट का मतलब उम्र, गर्भावस्था और दूसरी स्थितियों पर भी निर्भर करता है, इसलिए रिपोर्ट खुद पढ़कर दवा शुरू न करें। गर्भवती महिलाओं के लिए डॉक्टर अक्सर थायरॉइड जांच की सलाह देते हैं, क्योंकि इसका असर बच्चे के विकास पर भी पड़ सकता है।

इलाज और जीवनशैली

हाइपोथायरॉइडिज्म में आमतौर पर डॉक्टर हार्मोन की गोली देते हैं, जिसे लंबे समय तक लेना पड़ सकता है। खुराक समय-समय पर जांच के आधार पर तय होती है, इसलिए अपनी मर्जी से दवा बंद या कम-ज्यादा न करें। हाइपरथायरॉइडिज्म के इलाज में दवाएं, रेडियोएक्टिव आयोडीन या कुछ मामलों में सर्जरी शामिल हो सकती है। आयोडीन थायरॉइड हार्मोन बनाने के लिए जरूरी है, इसलिए भारत में आयोडीन युक्त नमक को बढ़ावा दिया जाता है। संतुलित भोजन, नियमित व्यायाम और पर्याप्त नींद भी मदद करते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या थायरॉइड पूरी तरह ठीक हो सकता है?

यह कारण पर निर्भर करता है। कई लोगों में दवा से हार्मोन का स्तर सामान्य रखकर सामान्य जीवन जिया जा सकता है।

डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है और किसी डॉक्टर की सलाह का विकल्प नहीं है। कोई भी लक्षण होने या इलाज शुरू करने से पहले योग्य डॉक्टर से सलाह लें।

स्रोत: अमेरिका का NIDDK (नेशनल इंस्टीट्यूट्स ऑफ हेल्थ): Hypothyroidism, NIDDK: Hyperthyroidism। जानकारी अक्टूबर 2026 तक की।

लेखक

Sudhanshu Tiwari

सुधांशु तिवारी डेमोक्रेटिक भारत लाइव के संस्थापक, मालिक और संपादक हैं। डिजिटल मीडिया में 6 साल से अधिक के अनुभव के साथ वे मुख्य रूप से राजनीति और चुनाव की खबरें कवर करते हैं, साथ ही देश, कारोबार और खेल से जुड़ी अहम खबरों का संपादन करते हैं। वेबसाइट की संपादकीय नीति, तथ्य-जांच और प्रकाशित सामग्री की अंतिम जिम्मेदारी उन्हीं की है।

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