गेहूं का दलिया उत्तर भारत के घरों में आम है। ज्यादातर लोग इसे दूध और गुड़ के साथ मीठा बनाते हैं, लेकिन नमकीन दलिया खिचड़ी भी उतनी ही स्वादिष्ट और आसान होती है। दलिया, मूंग दाल और मौसमी सब्जियों से बनी यह खिचड़ी रात के हल्के खाने, बच्चों के टिफिन या घर के बुजुर्गों के लिए अच्छा विकल्प है। इस लेख में जानिए दलिया खिचड़ी बनाने की पूरी विधि और कुछ जरूरी टिप्स।
जरूरी सामग्री
तीन से चार लोगों के लिए यह सामग्री लें।
- गेहूं का दलिया: 1 कप, मध्यम मोटा
- पीली मूंग दाल: आधा कप
- प्याज: 1, बारीक कटा
- टमाटर: 1, कटा हुआ
- गाजर, मटर, बीन्स और शिमला मिर्च: मिलाकर लगभग 1 कप
- अदरक: 1 छोटा टुकड़ा, कद्दूकस किया
- हरी मिर्च: 1 या 2
- घी या तेल: 2 बड़े चम्मच
- जीरा: 1 छोटा चम्मच
- हींग: एक चुटकी
- हल्दी: आधा छोटा चम्मच
- लाल मिर्च पाउडर और गरम मसाला: स्वाद के अनुसार
- नमक: स्वाद के अनुसार
- पानी: लगभग 4 कप

तैयारी
मूंग दाल को धोकर 15 से 20 मिनट के लिए भिगो दें। दलिये को एक बार पानी से धोकर छलनी में रख दें, ताकि पानी निकल जाए। सब्जियों को छोटे टुकड़ों में काट लें, ताकि वे दलिये के साथ बराबर पक जाएं।
दलिया भूनना
कुकर में एक बड़ा चम्मच घी गर्म करें और दलिया डालकर धीमी आंच पर 3 से 4 मिनट भूनें, जब तक हल्की खुशबू न आने लगे। भूनने से दलिया पकने के बाद चिपचिपा नहीं होता और स्वाद भी बेहतर आता है। भुना दलिया एक प्लेट में निकाल लें।
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तड़का और सब्जियां
उसी कुकर में बचा घी डालें। जीरा और हींग डालें। जीरा चटकने पर प्याज डालकर हल्का सुनहरा होने तक भूनें। फिर अदरक और हरी मिर्च डालें। अब टमाटर डालकर नरम होने तक पकाएं। इसके बाद हल्दी, लाल मिर्च और नमक डालें। कटी हुई सब्जियां डालकर दो मिनट भूनें।
पकाना
अब भुना दलिया और भीगी मूंग दाल कुकर में डालें और सबको मिलाएं। 4 कप पानी डालें और एक बार अच्छी तरह चलाएं। ढक्कन लगाकर मध्यम आंच पर 3 से 4 सीटी आने तक पकाएं। भाप अपने आप निकलने दें। ढक्कन खोलकर एक बार चलाएं। अगर खिचड़ी ज्यादा गाढ़ी लगे, तो थोड़ा गर्म पानी मिलाकर एक उबाल दे दें।
ऊपर का तड़का
परोसने से पहले एक छोटे बर्तन में एक चम्मच घी गर्म करें। इसमें थोड़ा जीरा और एक चुटकी लाल मिर्च पाउडर डालकर तुरंत खिचड़ी पर डाल दें। ऊपर से हरा धनिया डालें। इसे दही, अचार, पापड़ या सलाद के साथ परोसें।
जरूरी टिप्स
- दलिये और पानी का अनुपात लगभग 1 और 4 रखें। पतली खिचड़ी चाहिए तो पानी बढ़ा दें।
- बहुत बारीक दलिया जल्दी गल जाता है, इसलिए मध्यम मोटा दलिया बेहतर रहता है।
- सब्जियां मौसम के हिसाब से बदल सकते हैं, सर्दियों में पालक या मेथी भी डाल सकते हैं।
- बचे हुए दलिये को अगले दिन गर्म करते समय थोड़ा पानी मिलाएं।
पोषण के लिहाज से
दलिया साबुत गेहूं से बनता है, इसलिए इसमें रेशा मौजूद रहता है। मूंग दाल से प्रोटीन और सब्जियों से विटामिन और खनिज मिलते हैं। ICMR और NIN के आहार दिशानिर्देश साबुत अनाज, दाल और सब्जियों को रोज के खाने में शामिल करने की सलाह देते हैं। फिर भी किसी बीमारी या खास डाइट पर हैं तो अपने डॉक्टर या आहार विशेषज्ञ से सलाह लें।
दलिया खिचड़ी के अलग अलग रूप
- मसाला दलिया: इसमें सब्जियां ज्यादा और दाल कम डाली जाती है, थोड़ा गरम मसाला और नींबू मिलाकर परोसते हैं।
- पालक दलिया: सर्दियों में बारीक कटी पालक डालने से रंग और स्वाद दोनों बदल जाते हैं।
- सादा दलिया खिचड़ी: केवल दलिया, मूंग दाल, हल्दी और नमक से बनी, जिसे बच्चों और बीमारी के बाद आराम के लिए दिया जाता है।
- दक्षिण भारतीय अंदाज: तड़के में राई, करी पत्ता और उड़द दाल डालकर इसे उपमा जैसा स्वाद दिया जा सकता है।
कब खाएं
दलिया खिचड़ी दोपहर या रात, किसी भी समय के खाने में ली जा सकती है। रात के खाने में इसे हल्का रखने के लिए घी कम डालें और सब्जियां ज्यादा रखें। ठंड के मौसम में ऊपर से थोड़ा कद्दूकस किया अदरक और काली मिर्च डालने से स्वाद अच्छा लगता है। साथ में छाछ या दही लेने से खाना और संतुलित बनता है। सफर से लौटने के बाद या भारी खाने के अगले दिन भी कई परिवार ऐसी हल्की खिचड़ी बनाना पसंद करते हैं।
दलिया कैसे चुनें और रखें
बाजार में बारीक, मध्यम और मोटा, तीन तरह का दलिया मिलता है। खिचड़ी के लिए मध्यम दलिया सबसे अच्छा रहता है। दलिया खरीदते समय देखें कि उसमें कीड़े, जाले या बदबू न हो। घर लाकर इसे हल्का भून लें और ठंडा करके एयरटाइट डिब्बे में रखें, इससे यह लंबे समय तक ठीक रहता है और पकाने में भी कम समय लगता है।
बच्चों के लिए
बच्चों के लिए बनाते समय मिर्च कम रखें और सब्जियां बारीक काटें या हल्का मैश कर दें। ऊपर से थोड़ा घी डालने से स्वाद बढ़ता है और बच्चे इसे आसानी से खा लेते हैं।
दलिया खिचड़ी में पानी कितना डालें
एक कप दलिये पर लगभग 4 कप पानी।
कुकर में कितनी सीटी लगाएं
मध्यम आंच पर 3 से 4 सीटी।
दलिया भूनना जरूरी क्यों है
भूनने से दलिया चिपचिपा नहीं होता और स्वाद बढ़ता है।
क्या इसमें दूसरी दाल डाल सकते हैं
हां, मसूर दाल भी डाल सकते हैं, पर मूंग जल्दी पचती है।
स्रोत: FSSAI: Eat Right India, ICMR-NIN: Dietary Guidelines for Indians





