मौसम बदलते ही घर-घर में छींक, खांसी और बुखार की शिकायत शुरू हो जाती है। अक्सर लोग हर ऐसी तकलीफ को “वायरल” कहकर टाल देते हैं, लेकिन सामान्य सर्दी-जुकाम और फ्लू यानी इन्फ्लुएंजा में फर्क होता है। फ्लू कुछ लोगों के लिए गंभीर हो सकता है। जानिए दोनों के लक्षण कैसे अलग हैं और देखभाल कैसे करें।
दोनों में बुनियादी फर्क
सर्दी-जुकाम और फ्लू, दोनों सांस की नली के वायरल संक्रमण हैं, लेकिन इन्हें अलग-अलग वायरस फैलाते हैं। सामान्य जुकाम आमतौर पर हल्का होता है और धीरे-धीरे शुरू होता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार मौसमी फ्लू में लक्षण अचानक शुरू होते हैं और ज्यादातर लोग बिना खास इलाज के लगभग एक हफ्ते में ठीक हो जाते हैं। फिर भी कुछ लोगों में फ्लू गंभीर बीमारी या जटिलताओं का कारण बन सकता है।

लक्षणों से कैसे पहचानें
सामान्य सर्दी-जुकाम में ये लक्षण ज्यादा दिखते हैं:
- बार-बार छींक आना और नाक बहना या बंद होना
- हल्की खराश या गले में दर्द
- हल्की खांसी, बुखार न के बराबर या बहुत हल्का
फ्लू में WHO ये लक्षण बताता है:
- अचानक तेज बुखार
- सूखी खांसी
- सिरदर्द और मांसपेशियों व जोड़ों में दर्द
- बहुत ज्यादा थकान और कमजोरी
- गले में खराश और नाक बहना
कोरोना जैसी दूसरी बीमारियों में भी मिलते-जुलते लक्षण हो सकते हैं, इसलिए केवल लक्षणों से पक्का पता नहीं चलता।
किन्हें ज्यादा खतरा
WHO के मुताबिक गर्भवती महिलाएं, पांच साल से छोटे बच्चे, बुजुर्ग, लंबी बीमारियों जैसे दिल, फेफड़े, डायबिटीज या किडनी रोग से पीड़ित लोग और कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले लोग फ्लू की जटिलताओं के ज्यादा जोखिम में होते हैं। स्वास्थ्य कर्मियों में संक्रमण का खतरा भी ज्यादा होता है।
यह भी पढ़ें: H1N1 Swine Flu: H1N1 स्वाइन फ्लू का बढ़ता खतरा, जानें किन मरीजों को ICU का ज्यादा जोखिम | दस्त में ORS और जिंक: डिहाइड्रेशन के संकेत, घोल बनाने का सही तरीका और डॉक्टर के पास कब जाएं
घर पर देखभाल कैसे करें
- पूरा आराम करें और भरपूर पानी, सूप जैसे तरल लें
- बुखार और दर्द के लिए दवा डॉक्टर या फार्मासिस्ट से पूछकर लें
- खांसते-छींकते समय मुंह ढकें और हाथ बार-बार धोएं
- बीमार हों तो दूसरों से दूरी रखें और भीड़ में जाने से बचें
ध्यान रखें कि सर्दी-जुकाम और फ्लू वायरस से होते हैं, इसलिए एंटीबायोटिक इन पर असर नहीं करतीं। बिना जरूरत एंटीबायोटिक लेने से दवा-प्रतिरोध बढ़ता है। फ्लू के कुछ मामलों में डॉक्टर एंटीवायरल दवा दे सकते हैं।
डॉक्टर के पास कब जाएं
सांस लेने में तकलीफ, सीने में दर्द, होंठ नीले पड़ना, बहुत ज्यादा सुस्ती, बच्चों में लगातार रोना या पानी न पीना, तेज बुखार का कई दिनों तक बने रहना या ठीक होने के बाद फिर से बुखार आना खतरे के संकेत हैं। ऐसे में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
फ्लू से बचाव और टीका
WHO फ्लू से बचाव का सबसे असरदार तरीका टीकाकरण बताता है। फ्लू के वायरस बदलते रहते हैं, इसलिए टीका हर साल लगवाने की सलाह दी जाती है, खासकर ज्यादा जोखिम वाले लोगों को। टीका लगवाने से पहले डॉक्टर से सलाह लें। हाथ धोना, मुंह ढककर खांसना और बीमार होने पर घर पर आराम करना भी संक्रमण फैलने से रोकता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या फ्लू हर साल हो सकता है?
हां, वायरस बदलते रहने के कारण दोबारा संक्रमण हो सकता है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है और किसी डॉक्टर की सलाह का विकल्प नहीं है। कोई भी लक्षण होने या इलाज शुरू करने से पहले योग्य डॉक्टर से सलाह लें।
स्रोत: विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO): Influenza (seasonal) फैक्ट शीट। जानकारी अक्टूबर 2026 तक की।





