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Hariyali Teej Special Recipes: जानिए इस पावन पर्व पर बनने वाले पारंपरिक व्यंजन, स्वाद और सेहत का अनोखा संगम

Hariyali Teej Special Recipes
Hariyali Teej Special Recipes

सारांश

  • Hariyali Teej Special Recipes: सावन के महीने में मनाया जाने वाला हरियाली तीज का त्योहार भारत के सांस्कृतिक और धार्मिक परिदृश्य में विशेष स्थान रखता है।
  • हरियाली तीज 2026 के खास मौके पर मालपुआ भी बहुतायत में बनाया जाता है।
  • जो महिलाएं निर्जला व्रत रखती हैं, उनके लिए राजगिरा यानी रामदाना और अंकुरित मूंग दाल का हलवा एक बेहतरीन सात्विक भोजन है।
  • मिठाइयों के अलावा कुछ नमकीन खाने के शौकीनों के लिए गुजराती व्यंजन हांडवो एक शानदार विकल्प साबित होता है।

Hariyali Teej Special Recipes: सावन के महीने में मनाया जाने वाला हरियाली तीज का त्योहार भारत के सांस्कृतिक और धार्मिक परिदृश्य में विशेष स्थान रखता है। इस वर्ष हरियाली तीज 2026 का पावन पर्व शनिवार, 15 अगस्त को पूरे देश में अपार उत्साह के साथ मनाया जाएगा। भगवान शिव और माता पार्वती के पवित्र पुनर्मिलन को समर्पित यह त्योहार राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश और हरियाणा में बेहद धूमधाम से मनाया जाता है। सावन की रिमझिम फुहारों के बीच महिलाएं निर्जला व्रत रखती हैं और हरे वस्त्र पहनकर झूला झूलती हैं। इस अवसर पर पूजा-पाठ के साथ-साथ पारंपरिक व्यंजनों का विशेष महत्व होता है, जो परिजनों और मेहमानों के उत्सव को दोगुना कर देते हैं।

हरियाली तीज का धार्मिक महत्व और आस्था

हरियाली तीज का संबंध प्रकृति की हरियाली और अखंड सौभाग्य की कामना से है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए कठोर तपस्या की थी।

उनकी भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने श्रावण शुक्ल तृतीया को उन्हें स्वीकार किया था। इसी कारण सुहागिन महिलाएं पति की लंबी उम्र के लिए और अविवाहित कन्याएं मनचाहा वर पाने के लिए यह व्रत रखती हैं।

घेवर: तीज का पारंपरिक और प्रमुख मिष्ठान (Hariyali Teej Special Recipes)

हरियाली तीज के अवसर पर घेवर की मांग सबसे अधिक होती है। विशेषकर राजस्थान और उत्तर भारत में घेवर के बिना तीज का त्योहार अधूरा माना जाता है।

मैदा और शुद्ध देसी घी के घोल से तैयार यह जालीदार मिठाई चीनी की चाशनी में डुबोकर बनाई जाती है। इसके ऊपर रबड़ी, केसर, चांदी का वर्क और सूखे मेवे सजाए जाते हैं।

आजकल घेवर के सेहतमंद विकल्प भी चलन में हैं, जिनमें गुड़ की चाशनी या बादाम के आटे का उपयोग किया जाता है। इसके अलावा मिनी घेवर कप्स जैसी आधुनिक किस्में भी काफी पसंद की जा रही हैं।

चाशनी में डूबा मालपुआ और उसका खास स्वाद

हरियाली तीज 2026 के खास मौके पर मालपुआ भी बहुतायत में बनाया जाता है। यह भारतीय पैनकेक दूध, मैदा और खोया के घोल से तैयार कर घी में तला जाता है।

तलने के बाद इसे इलायची और सौंफ की महक वाली चाशनी में डुबोया जाता है। गाढ़ी रबड़ी के साथ परोसे जाने पर इसका स्वाद और भी लाजवाब हो जाता है।

नवाचार के तौर पर लोग अब चाशनी में गुलाब या पुदीने का अर्क मिलाकर इसे नया ट्विस्ट दे रहे हैं। सूखे मेवों से सजे मालपुआ के टावर भी मेहमानों को खूब आकर्षित करते हैं।

Hariyali Teej Special Recipes: पुदीने के स्वाद वाले नारियल लड्डू

नारियल के लड्डू बनाने में आसान और खाने में बेहद स्वादिष्ट होते हैं। कद्दूकस किए नारियल और कंडेंस्ड मिल्क से बने ये लड्डू त्योहार की थाली को सुंदर बनाते हैं।

हरियाली तीज के हरे रंग के थीम से मेल खाते हुए इसमें पुदीने की पत्तियों का पेस्ट मिलाया जाता है। यह नवाचार लड्डू को एक ताज़ा और अनोखा स्वाद प्रदान करता है।

इन हरियाली स्पेशल लड्डुओं को पिस्ता और चांदी के वर्क से सजाया जाता है। यह भारी मिठाइयों के बीच मुंह का स्वाद ताज़ा करने का बेहतरीन माध्यम बनते हैं।

राजगिरा और मूंग दाल का पौष्टिक हलवा

जो महिलाएं निर्जला व्रत रखती हैं, उनके लिए राजगिरा यानी रामदाना और अंकुरित मूंग दाल का हलवा एक बेहतरीन सात्विक भोजन है। यह पोषक तत्वों से भरपूर होता है।

राजगिरा के आटे और मूंग दाल को घी में भूनकर गुड़ और इलायची के साथ पकाया जाता है। इसमें कटे हुए बादाम और काजू मिलाकर स्वाद और कुरकुरापन बढ़ाया जाता है।

व्रत खोलने के बाद यह हलवा पचने में आसान होता है और शरीर को तुरंत ऊर्जा प्रदान करता है। इसे मिट्टी के कुल्हड़ में गरमा-गरम परोसना बेहद पारंपरिक अनुभव देता है।

Hariyali Teej Special Recipes: अंकुरित हरी मूंग का सेहतमंद सलाद

मिठाइयों के भारीपन को संतुलित करने के लिए अंकुरित हरी मूंग का सलाद एक बेहतरीन विकल्प है। यह हल्का और सुपाच्य भोजन स्वास्थ्य के लिहाज से काफी फायदेमंद है।

अंकुरित मूंग में कद्दूकस किया खीरा, गाजर, हरी धनिया, भुना जीरा और नींबू का रस मिलाया जाता है। यह व्यंजन तीज के हरे रंग के संदेश के भी पूरी तरह अनुकूल है।

इसमें अनार के दाने या कद्दूकस किया कच्चा नारियल मिलाकर इसकी पौष्टिकता को और बढ़ाया जा सकता है। यह पेट को ठंडक देने के साथ-साथ पाचन तंत्र को भी दुरुस्त रखता है।

हरी सब्जियों से बना नमकीन हांडवो

मिठाइयों के अलावा कुछ नमकीन खाने के शौकीनों के लिए गुजराती व्यंजन हांडवो एक शानदार विकल्प साबित होता है। यह दाल और चावल के खमीर उठे घोल से बनता है।

तीज के अवसर पर इसमें लौकी, पालक और मेथी जैसी हरी सब्जियां प्रचुर मात्रा में मिलाई जाती हैं। राई, करी पत्ता और तिल का तड़का इसके स्वाद को कई गुना बढ़ा देता है।

इसे ओवन में बेक करके या तवे पर कुरकुरा होने तक पकाया जा सकता है। हरी चटनी या ताजे दही के साथ परोसा गया हांडवो तीज के ब्रंच के लिए एकदम सही दिशा तय करता है।

Hariyali Teej Special Recipes: पुदीने की छाछ और पारंपरिक पेय पदार्थ

मानसून के उमस भरे मौसम में व्रत के दौरान शरीर को हाइड्रेट रखना बेहद आवश्यक होता है। इसके लिए पुदीना छाछ एक पारंपरिक और उत्तम पेय पदार्थ माना जाता है।

पतले दही में पुदीने की पत्तियां, भुना जीरा और काला नमक मिलाकर यह ड्रिंक तैयार किया जाता है। इसके अलावा पुदीना-धनिया का खट्टा-मीठा पानी भी शरीर को ठंडक प्रदान करता है।

ये देसी पेय पदार्थ व्रत के बाद शरीर में पानी की कमी को पूरा करते हैं। इन्हें मिट्टी के मटकों या पीतल के गिलासों में ठंडा परोसने से त्योहार का देसी अंदाज बना रहता है।

हरियाली तीज 2026 का यह पावन पर्व न केवल धार्मिक आस्था और पारिवारिक स्नेह का प्रतीक है, बल्कि यह भारत की समृद्ध खान-पान संस्कृति को भी दर्शाता है। घेवर और मालपुआ की पारंपरिक मिठास से लेकर अंकुरित मूंग और हांडवो जैसे आधुनिक सेहतमंद विकल्प इस उत्सव को हर उम्र के व्यक्ति के लिए आनंददायक बनाते हैं। प्रकृति की हरियाली को समर्पित यह त्योहार अपनों के साथ मिलकर खुशियां बांटने और सावन के लजीज स्वादों का लुत्फ उठाने का सबसे हसीन बहाना है।

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लेखक

Sudhanshu Tiwari

सुधांशु तिवारी डेमोक्रेटिक भारत लाइव के संस्थापक, मालिक और संपादक हैं। डिजिटल मीडिया में 6 साल से अधिक के अनुभव के साथ वे मुख्य रूप से राजनीति और चुनाव की खबरें कवर करते हैं, साथ ही देश, कारोबार और खेल से जुड़ी अहम खबरों का संपादन करते हैं। वेबसाइट की संपादकीय नीति, तथ्य-जांच और प्रकाशित सामग्री की अंतिम जिम्मेदारी उन्हीं की है।

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