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Hariyali Teej Vrat Rules: पहली बार रख रही हैं हरियाली तीज का व्रत? जानें 5 बेहद जरूरी नियम

Hariyali Teej Vrat Rules: पहली बार रख रही हैं हरियाली तीज का व्रत? जानें 5 बेहद जरूरी नियम
Hariyali Teej Vrat Rules

सारांश

  • Hariyali Teej Vrat Rules: सावन माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाने वाला हरियाली तीज का पर्व सुहागिन महिलाओं के लिए अत्यंत पावन माना जाता है।
  • हरियाली तीज का व्रत मुख्य रूप से निर्जला रखा जाता है। इस दिन व्रती महिलाएं पूरा दिन बिना अन्न और जल ग्रहण किए बिताती हैं।
  • पूजा स्थल पर बालू या मिट्टी से भगवान शिव, माता पार्वती और भगवान श्री गणेश की प्रतिमाएं बनाकर स्थापित की जाती हैं।
  • हरियाली तीज व्रत केवल शारीरिक उपवास तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मन और आत्मा की शुद्धि का भी पर्व है।

Hariyali Teej Vrat Rules: सावन माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाने वाला हरियाली तीज का पर्व सुहागिन महिलाओं के लिए अत्यंत पावन माना जाता है। इस वर्ष हरियाली तीज 15 अगस्त 2026, शनिवार को मनाई जाएगी। इस दिन सुहागिन स्त्रियां अपने पति की दीर्घायु, अच्छे स्वास्थ्य और सुखद वैवाहिक जीवन की कामना के लिए निर्जला व्रत रखती हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी पावन तिथि पर भगवान शिव और माता पार्वती का पुनर्मिलन हुआ था। यदि आप इस वर्ष पहली बार यह पावन व्रत उठाने जा रही हैं, तो व्रत के शास्त्रों में बताए गए मुख्य नियमों को जानना बेहद जरूरी है, ताकि पूजा-अर्चना का संपूर्ण फल प्राप्त हो सके।

Hariyali Teej Vrat Rules: व्रत का संकल्प और फलाहार से जुड़ा मुख्य नियम

हरियाली तीज का व्रत मुख्य रूप से निर्जला रखा जाता है। इस दिन व्रती महिलाएं पूरा दिन बिना अन्न और जल ग्रहण किए बिताती हैं। व्रत वाले दिन सूर्योदय से पूर्व उठकर स्नान ध्यान करने के बाद हाथ में जल और अक्षत लेकर पूरी निष्ठा से संकल्प लेना चाहिए। यदि स्वास्थ्य कारणों या किसी अन्य विशेष स्थिति के कारण अन्न-जल का पूरी तरह त्याग करना संभव न हो, तो फलाहार करके भी यह व्रत किया जा सकता है।

पूजा में हरे रंग का विशेष महत्व और वस्त्र चयन

हरियाली तीज के दिन सोलह श्रृंगार करने का विशेष विधान है। इस दिन हरे रंग के वस्त्र और हरी चूड़ियां पहनना बेहद शुभ माना जाता है, क्योंकि हरा रंग प्रकृति और सौभाग्य का प्रतीक है। ध्यान रखें कि पूजा और व्रत के दौरान काले, भूरे या सफेद रंग के कपड़ों का प्रयोग भूलकर भी न करें। इस पावन अवसर पर नए व स्वच्छ वस्त्र पहनकर ही भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना करनी चाहिए।

Hariyali Teej Vrat Rules: माता पार्वती को सुहाग सामग्री और शिव पूजन विधि

पूजा स्थल पर बालू या मिट्टी से भगवान शिव, माता पार्वती और भगवान श्री गणेश की प्रतिमाएं बनाकर स्थापित की जाती हैं। पूजन के दौरान माता पार्वती को सुहाग की सामग्री जैसे सिंदूर, बिंदी, चूड़ी, महावर और कुमकुम अर्पित करना अनिवार्य माना गया है। इसके साथ ही भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए बेलपत्र, धतूरा और आक के फूल चढ़ाएं। विधि-विधान से की गई यह पूजा अखंड सौभाग्य का वरदान प्रदान करती है।

पूजा के दौरान शुद्धता और पवित्रता का विशेष ध्यान

हरियाली तीज के दिन पूजा-पाठ में शुद्धता और सात्विकता का ध्यान रखना सबसे महत्वपूर्ण नियम है। व्रत के दौरान घर और मंदिर में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। इस पावन दिन पर चमड़े की वस्तुओं का प्रयोग न करें और मांस-मदिरा जैसी तामसिक चीजों से पूरी तरह दूर रहें। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अशुद्ध वस्तुओं के स्पर्श या नियमों के उल्लंघन से व्रत खंडित होने की आशंका बनी रहती है।

Hariyali Teej Vrat Rules: संयम, सदाचार और ब्रह्मचर्य का अनिवार्य पालन

हरियाली तीज व्रत केवल शारीरिक उपवास तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मन और आत्मा की शुद्धि का भी पर्व है। इस दिन व्रती को तन और मन दोनों से ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए। मन में किसी के प्रति नकारात्मक विचार, क्रोध या कटु वचन लाने से बचना चाहिए। पूरे दिन भगवान शिव और माता पार्वती के मंत्रों का जाप करते हुए भक्ति भाव बनाए रखने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

हरियाली तीज का व्रत सुहागिनों के जीवन में प्रेम, विश्वास और सुख-समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करता है। 15 अगस्त 2026 को पड़ने वाले इस पर्व पर बताए गए सभी शास्त्रीय नियमों का निष्ठापूर्वक पालन करके आप अपने पूजन को सफल बना सकती हैं। पहली बार व्रत रखने वाली महिलाओं के लिए संकल्प, शुद्धता और श्रद्धा भाव ही सबसे बड़े आधार हैं। भगवान भोलेनाथ और जगत जननी माता पार्वती की अनुकंपा से आपके दांपत्य जीवन में सदैव खुशहाली और अखंड सौभाग्य बना रहेगा।

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लेखक

Sudhanshu Tiwari

सुधांशु तिवारी डेमोक्रेटिक भारत लाइव के संस्थापक, मालिक और संपादक हैं। डिजिटल मीडिया में 6 साल से अधिक के अनुभव के साथ वे मुख्य रूप से राजनीति और चुनाव की खबरें कवर करते हैं, साथ ही देश, कारोबार और खेल से जुड़ी अहम खबरों का संपादन करते हैं। वेबसाइट की संपादकीय नीति, तथ्य-जांच और प्रकाशित सामग्री की अंतिम जिम्मेदारी उन्हीं की है।

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