Swar Power Crisis Protest: स्वार के ग्रामीण इलाकों में लगातार बिजली कटौती से परेशान ग्राम प्रधान शुक्रवार को विधायक शफीक अहमद अंसारी से मिले। उन्होंने गांवों में दिन-रात मिलाकर महज छह से सात घंटे बिजली मिलने की शिकायत की और नियमित आपूर्ति की मांग की।

प्रधानों के अनुसार बार-बार बिजली जाने से गर्मी बढ़ रही है। पीने के पानी की सप्लाई प्रभावित हो रही है। बच्चों की पढ़ाई भी ठप पड़ रही है। रात में रोस्टर के नाम पर कटौती की शिकायत भी की गई। शिकायत के बाद भी हल नहीं निकल रहा, ऐसा उनका कहना था।

विधायक ने बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता से फोन पर बात की। ग्रामीण क्षेत्रों में कटौती घटाने और सही सप्लाई देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गांवों के साथ भेदभाव बर्दाश्त नहीं होगा और शहर की तरह गांवों को भी पर्याप्त बिजली मिलनी चाहिए। मुद्दा विधानसभा में उठाने तथा शासन स्तर पर अधिकारियों से बात करने का आश्वासन भी दिया।

Swar Power Crisis Protest: प्रधानों ने बिजली समस्या के बारे में क्या बताया?

दल ने बताया कि कई दिनों से गांवों में कुल छह-सात घंटे ही बिजली आ रही है। बार-बार जाने से लोग गर्मी से बेहाल हैं। पानी की टंकियां और हैंडपंप मोटरें बिजली बिना चल नहीं पातीं इसलिए पेयजल भी प्रभावित है।

रात के रोस्टर पर भी बार-बार कट लगाने की शिकायत रही। प्रधानों का कहना था कि विभाग से शिकायत करने पर राहत नहीं मिली। ग्रामीण इलाकों में गुस्सा बढ़ रहा है। उन्होंने विधायक से अधिकारियों से बात कर जल्द समाधान कराने को कहा।

यह मांग स्थानीय प्रशासनिक स्तर की है। कितने गांव सटीक कितने घंटे बिजली पा रहे हैं, विभाग का आधिकारिक आंकड़ा स्रोत में नहीं है। प्रधानों का बयान छह-सात घंटे का है।

मुलाकात में कौन-कौन शामिल थे?

दल में समोदिया प्रधान आरिफ, धनपुर शाहदरा प्रधान मंसब अली, सोनकपुर प्रधान राम भरोसे, लखीमपुर प्रधान प्रत्याशी यासीन अंसारी, इमरतपुर के जुल्फीकार अली, मिलक असद खां के नूर अहमद, मधुपुरा के प्रेमपाल, रुस्तमनगर के अर्जुन, छपरा के सतीश, लाडपुर के तौसीफ खां समेत अन्य प्रधान और ग्रामीण थे।

कई गांवों के प्रतिनिधि एक साथ पहुंचे इससे समस्या एक गांव तक सीमित नहीं दिखती। स्वार क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों की साझा शिकायत के रूप में मुलाकात पेश हुई।

विधायक शफीक अहमद अंसारी ने क्या कदम उठाए?

अंसारी ने अधिशासी अभियंता से तत्काल फोन पर बात की। निर्देश दिए कि ग्रामीण इलाकों में कटौती कम हो और आपूर्ति सुधरे। गांव बनाम शहर भेदभाव न सहने की बात कही। विधानसभा में मुद्दा उठाने और शासन स्तर पर बात करने का वादा किया।

फोन निर्देश तत्काल राहत का प्रयास है। विधानसभा में उठाना विधायी दबाव का अगला कदम होगा। कितनी जल्दी आपूर्ति बढ़ेगी, यह विभाग के पालन पर निर्भर है। स्रोत में अभियंता का जवाब या नया रोस्टर नहीं दिया गया।

Swar Power Crisis Protest: इस शिकायत का गांवों पर क्या असर जुड़ा है?

गर्मी में कम बिजली का मतलब पंखे-कूलर बंद और पानी की किल्लत। पढ़ाई के घंटे अंधेरे में कटते हैं। रात की अनियमित कटौती नींद और सुरक्षा दोनों छूती है। प्रधानों ने इन्हीं बिंदुओं को विधायक तक पहुंचाया।

शहर जैसी आपूर्ति की मांग तुलनात्मक है। ग्रामीण फीडर पर लोड और रखरखाव की चुनौती विभाग के पास रहती है, पर इस रिपोर्ट में तकनीकी कारण नहीं बताए गए। केवल शिकायत, फोन निर्देश और विधानसभा वाला आश्वासन दर्ज है।

स्वार रामपुर के गांवों में बिजली कटौती की यह मुलाकात स्थानीय प्रतिनिधियों की आवाज है। छह-सात घंटे वाली सप्लाई, पानी और पढ़ाई पर असर, रात के रोस्टर की शिकायत मुख्य बिंदु हैं। विधायक ने अभियंता को निर्देश दे दिए हैं और सदन में मामला उठाने वाले हैं। आगे सुधार दिखे या नहीं, इसकी जांच अगली आपूर्ति से होगी।

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