PM Modi FTA Statement: केंद्र सरकार द्वारा आयोजित 20वें राष्ट्रीय रोजगार मेले के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के युवाओं को संबोधित करते हुए रोजगार, कौशल विकास और वैश्विक व्यापार को लेकर एक व्यापक खाका प्रस्तुत किया। प्रधानमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से देशभर के 45 विभिन्न केंद्रों पर चयनित 51 हजार से अधिक नव-नियुक्त युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे। अपने संबोधन में उन्होंने विशेष रूप से मुक्त व्यापार समझौतों यानी फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स (FTA) की महत्ता को रेखांकित करते हुए कहा कि इन अंतरराष्ट्रीय संधियों से भारतीय उद्यमियों के लिए वैश्विक दरवाजे खुल रहे हैं, जिससे देश की युवा पीढ़ी के लिए बहुआयामी करियर और रोजगार के अभूतपूर्व अवसर सृजित होंगे।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज का भारत अपनी युवा शक्ति, असीम नवाचार और तकनीकी कौशल के दम पर विश्व पटल पर एक नई पहचान बना चुका है। समूची दुनिया भारतीय युवाओं की प्रतिभा पर अटूट भरोसा जता रही है। वर्तमान समय में भारत का दृष्टिकोण केवल घरेलू स्तर पर सरकारी नौकरियां देने तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के युवाओं को भविष्य की ज्ञान आधारित और तकनीक-संचालित वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए तैयार करना है।
PM Modi FTA Statement: 51 हजार से अधिक युवाओं को केंद्र सरकार में मिली नियुक्ति
देशभर के 45 प्रमुख शहरों में एक साथ आयोजित 20वें रोजगार मेले के तहत केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों और विभागों में 51 हजार से अधिक युवाओं को आधिकारिक नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। इन नियुक्तियों में भारतीय रेल, रक्षा मंत्रालय, गृह मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF), स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, डाक विभाग, राजस्व विभाग और वित्तीय सेवाएं विभाग जैसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक संवर्ग शामिल हैं।
प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस राष्ट्रव्यापी रोजगार मेले की शुरुआत से लेकर अब तक कुल 12.75 लाख से अधिक युवाओं को केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में पारदर्शी और समयबद्ध प्रक्रिया से नियुक्ति पत्र वितरित किए जा चुके हैं। इससे पूर्व मई 2026 में संपन्न हुए 19वें रोजगार मेले में भी 51 हजार से ज्यादा नियुक्तियां की गई थीं। यह अभियान युवाओं को प्रशासनिक दक्षता के साथ राष्ट्र निर्माण में भागीदार बनाने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है।
मुक्त व्यापार समझौते (FTA): भारतीय प्रतिभा और निर्यात के लिए नया वैश्विक क्षितिज
व्यापार संधियों को रोजगार सृजन के एक सशक्त माध्यम के रूप में प्रस्तुत करते हुए प्रधानमंत्री ने उल्लेख किया कि भारत ने पिछले कुछ वर्षों में दुनिया के लगभग 40 देशों के साथ ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते संपन्न किए हैं। व्यापार समझौते केवल दो देशों के बीच वस्तुओं के आयात और निर्यात तक सीमित नहीं रहते, बल्कि वे सेवाओं, तकनीकी आदान-प्रदान, निवेश सुरक्षा और पेशेवरों की वैश्विक आवाजाही को भी सुगम बनाते हैं।
जब भारतीय कंपनियों को विदेशी बाजारों में शून्य अथवा कम शुल्क पर सीधी पहुंच मिलती है, तो विनिर्माण, सूचना प्रौद्योगिकी, लॉजिस्टिक्स, वित्तीय सेवाओं और आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन में उत्पादन का दायरा बढ़ता है। उत्पादन में यह विस्तार सीधे तौर पर कुशल और अर्ध-कुशल युवाओं के लिए नए रोजगार सृजित करता है। भारतीय प्रतिभा अब केवल घरेलू कंपनियों तक सीमित नहीं है, बल्कि वैश्विक साझेदारियों के माध्यम से युवा पेशेवरों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी क्षमता सिद्ध करने के अवसर प्राप्त हो रहे हैं।
टियर-2 और टियर-3 शहरों से उपजी स्टार्टअप क्रांति: उद्यमिता की नई लहर
भारत के स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने गर्व व्यक्त किया कि भारत वर्तमान में दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है। सबसे उल्लेखनीय बदलाव यह है कि नवाचार और उद्यमिता की यह लहर अब केवल दिल्ली, मुंबई या बेंगलुरु जैसे महानगरों तक सीमित नहीं रही है। देश में मान्यता प्राप्त कुल स्टार्टअप्स में से लगभग 50 प्रतिशत स्टार्टअप छोटे कस्बों, यानी टियर-2 और टियर-3 शहरों से उभरकर आ रहे हैं।
गांवों और छोटे शहरों के युवा स्थानीय समस्याओं के तकनीकी समाधान तलाश कर सफल व्यापारिक मॉडल तैयार कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि छोटे शहरों का यह युवा वर्ग केवल अपने लिए आजीविका का प्रबंध नहीं कर रहा, बल्कि ‘जॉब सीकर’ के स्थान पर ‘जॉब क्रिएटर’ बनकर अपने क्षेत्र के अन्य युवाओं को भी सम्मानजनक रोजगार उपलब्ध करा रहा है।
कौशल संवर्धन और आधुनिक तकनीक: राष्ट्रीय शिक्षा नीति और पीएम-सेतु योजना
बदलते औद्योगिक परिदृश्य में केवल पारंपरिक डिग्री के आधार पर रोजगार पाना संभव नहीं है। आधुनिक मशीनरी, ऑटोमेशन, रोबोटिक्स और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के इस दौर में कार्यबल का निरंतर कुशल होना अनिवार्य है। इस दिशा में सरकार ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP), स्किल इंडिया मिशन और प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के माध्यम से शिक्षा को सीधे उद्योगों की आवश्यकताओं से जोड़ा है।
तकनीकी प्रशिक्षण को अंतरराष्ट्रीय मानकों पर लाने के लिए प्रधानमंत्री ने ‘पीएम-सेतु’ (PM-SETU) योजना का विशेष उल्लेख किया। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के अंतर्गत 60 हजार करोड़ रुपये के विशाल सार्वजनिक-निजी निवेश से देश के 1,000 प्रमुख सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) का आधुनिकीकरण किया जा रहा है। उद्योग जगत की सीधी भागीदारी से तैयार किए गए नए पाठ्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को सीधे संयंत्रों की आधुनिक मशीनों पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
निजी क्षेत्र में 2 करोड़ नौकरियों का लक्ष्य: 1 लाख करोड़ रुपये की रोजगार योजना
सरकारी नियुक्तियों के समानांतर निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसरों को गति देने के लिए सरकार द्वारा लागू की गई ‘प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना’ पर प्रधानमंत्री ने विस्तार से प्रकाश डाला। लगभग 1 लाख करोड़ रुपये के वित्तीय परिव्यय वाली इस ऐतिहासिक योजना का प्राथमिक लक्ष्य करीब 2 करोड़ युवाओं को पहली बार संगठित औपचारिक कार्यबल का हिस्सा बनाना है।
इस योजना के तहत संगठित क्षेत्र में अपनी पहली नौकरी पाने वाले युवाओं को सरकार की ओर से 15 हजार रुपये तक का प्रत्यक्ष वित्तीय प्रोत्साहन (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) प्रदान किया जा रहा है। इसके साथ ही, नई भर्तियां करने वाले नियोक्ताओं और कंपनियों को भी कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) अंशदान में वित्तीय सहायता देकर प्रोत्साहित किया जा रहा है, ताकि निजी क्षेत्र अधिक से अधिक नए युवाओं को रोजगार देने के लिए आगे आए।
आर्थिक विकास, ब्रिक्स सहयोग और एमएसएमई का वैश्विक एकीकरण
प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि रोजगार का सृजन अर्थव्यवस्था की समग्र विकास दर से सीधे तौर पर जुड़ा हुआ है। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में भारत द्वारा दर्ज की गई 7.8 प्रतिशत की मजबूत आर्थिक संवृद्धि और पूंजीगत निवेश में 12 प्रतिशत की वृद्धि यह दर्शाती है कि देश के आर्थिक बुनियादी ढांचे में जबर्दस्त मजबूती है।
हाल ही में संपन्न हुए ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के संदर्भ में प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत बहुपक्षीय मंचों का उपयोग केवल राजनीतिक संवाद तक सीमित नहीं रखता। ‘ब्रिक्स कनेक्ट’ और ‘ब्रिक्स एमएसएमई कोऑपरेशन पोर्टल’ जैसी पहलों के माध्यम से भारत के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों, महिला उद्यमियों और युवा नवप्रवर्तकों को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला से जोड़ा जा रहा है। एमएसएमई क्षेत्र देश में कृषि के बाद सबसे अधिक रोजगार देता है, और इसके अंतरराष्ट्रीयकरण से स्थानीय रोजगार को बड़ा संबल मिलेगा।
मिशन कर्मयोगी: नए लोकसेवकों को नागरिक-केंद्रित सेवा का संदेश
रोजगार मेले में नियुक्ति पाने वाले 51 हजार से अधिक युवाओं को बधाई देते हुए प्रधानमंत्री ने उन्हें शासन में ‘सेवा भाव’ के महत्व का स्मरण कराया। उन्होंने कहा कि सरकारी सेवा केवल एक आजीविका या पद नहीं है, बल्कि यह देश के सामान्य नागरिक के जीवन को सुगम बनाने का एक पावन दायित्व है। उन्होंने कर्मचारियों से संवेदनशील, पारदर्शी और त्वरित कार्यप्रणाली अपनाने का आह्वान किया।
सरकारी तंत्र को आधुनिक और निरंतर सीखने वाला बनाने के लिए शुरू किए गए ‘मिशन कर्मयोगी’ की प्रगति साझा करते हुए उन्होंने बताया कि इसके डिजिटल प्लेटफॉर्म ‘iGOT’ पर 1.7 करोड़ से अधिक लोकसेवक जुड़ चुके हैं। नए कर्मचारियों के लिए तैयार किया गया ‘कर्मयोगी प्रारंभ’ मॉड्यूल उन्हें प्रशासनिक जटिलताओं को समझने और नागरिक सेवाओं को सहजता से प्रदान करने की व्यावहारिक कुशलता सिखाता है।
PM Modi FTA Statement: निष्कर्ष
20वें रोजगार मेले के मंच से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह संबोधन भारत के रोजगार परिदृश्य को एक बहुआयामी दृष्टिकोण प्रदान करता है। सरकारी स्तर पर 51 हजार से अधिक युवाओं को मिली नियुक्तियां जहां प्रशासनिक तंत्र को युवा ऊर्जा से सशक्त करेंगी, वहीं एफटीए व्यापार संधियों के विस्तार, 1 लाख करोड़ रुपये की निजी रोजगार प्रोत्साहन योजना, छोटे शहरों की स्टार्टअप क्रांति और आईटीआई के आधुनिकीकरण जैसे समन्वित प्रयास यह प्रमाणित करते हैं कि देश एक सुदृढ़ और आत्मनिर्भर आर्थिक भविष्य की ओर तेजी से अग्रसर है।
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