दिवाली पर मिठाई के साथ नमकीन की भी खूब मांग रहती है। मठरी और शकरपारे के साथ पोहा चिवड़ा एक ऐसा नमकीन है, जो जल्दी बनता है, इसमें तेल कम लगता है और यह कई दिनों तक कुरकुरा रहता है। महाराष्ट्र और गुजरात में यह दिवाली की थाली का जरूरी हिस्सा है। जानिए पोहा चिवड़ा रेसिपी।
सामग्री
- पतला पोहा: 4 कप
- मूंगफली: आधा कप
- भुनी चना दाल: एक चौथाई कप
- काजू: कुछ टुकड़े, चाहें तो
- सूखे नारियल के पतले टुकड़े: एक चौथाई कप
- करी पत्ता: 15 से 20
- हरी मिर्च: 2 से 3, बारीक कटी
- राई: आधा छोटा चम्मच
- हल्दी: आधा छोटा चम्मच
- हींग: एक चुटकी
- तेल: 3 से 4 बड़े चम्मच
- नमक और पिसी चीनी: स्वाद के अनुसार
- किशमिश: थोड़ी, चाहें तो

पोहा भूनें
पतले पोहे को छलनी से छानकर धूल और टूटे टुकड़े निकाल दें। एक बड़ी कड़ाही को धीमी आंच पर गर्म करें। पोहा डालकर 10 से 15 मिनट तक लगातार चलाते हुए सूखा भूनें। पोहा कुरकुरा हो जाए और हाथ से दबाने पर टूटने लगे, तो इसे निकालकर एक बड़े बर्तन में रख लें। आंच तेज न करें, वरना पोहा भूरा हो जाएगा।
तड़का तैयार करें
उसी कड़ाही में तेल गर्म करें। पहले मूंगफली डालकर धीमी आंच पर कुरकुरी होने तक भूनें। फिर काजू, चना दाल और नारियल के टुकड़े डालकर हल्का सुनहरा करें। इसके बाद राई डालें, चटकने पर हरी मिर्च, करी पत्ता और हींग डालें। करी पत्ता कुरकुरा होने तक भूनें। आखिर में हल्दी डालें और तुरंत आंच धीमी कर दें।
यह भी पढ़ें: घर पर खस्ता मठरी कैसे बनाएं: अजवाइन वाली पारंपरिक मठरी की आसान रेसिपी और स्टोर करने का तरीका | घर पर खस्ता शकरपारे कैसे बनाएं: मीठे और नमकीन दोनों तरह की आसान रेसिपी
पोहा मिलाएं
तड़के में भुना हुआ पोहा डालें और हल्के हाथ से अच्छी तरह मिलाएं, ताकि हल्दी का रंग पूरे पोहे पर आ जाए। आंच बंद कर दें। अब नमक और पिसी चीनी डालकर मिलाएं। किशमिश डालनी हो, तो इसी समय डालें।
स्टोर कैसे करें
चिवड़े को पूरी तरह ठंडा होने दें। गर्म चिवड़ा डिब्बे में भरने से भाप के कारण वह नरम हो सकता है। ठंडा होने पर एयरटाइट डिब्बे में भरें। इस तरह यह दो से तीन हफ्ते तक कुरकुरा रहता है।
कुछ विकल्प
- तीखा पसंद हो, तो थोड़ी लाल मिर्च पाउडर डालें
- बच्चों के लिए हरी मिर्च कम रखें
- मूंगफली की जगह भुने मखाने डाल सकते हैं
- मोटे पोहे से भी चिवड़ा बनता है, लेकिन उसे तलना पड़ता है, जिसमें तेल ज्यादा लगता है
सेहत के लिहाज से
घर पर बने नमकीन में तेल, नमक और चीनी की मात्रा अपने हिसाब से तय की जा सकती है। फिर भी नमकीन संतुलित मात्रा में ही खाएं। मूंगफली से एलर्जी वाले लोगों के लिए अलग से बिना मूंगफली का चिवड़ा बनाएं।
आम गलतियां
- पोहे को तेज आंच पर भूनना
- चीनी और नमक तड़के में ही डाल देना, जिससे वे चिपक जाते हैं
- गर्म चिवड़ा डिब्बे में भरना
पोहा चिवड़ा नरम हो जाए तो क्या करें?
अगर चिवड़ा नमी से नरम हो जाए, तो उसे धीमी आंच पर कड़ाही में कुछ मिनट भूनें। ठंडा करके फिर डिब्बे में भरें।
स्रोत: भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI): ईट राइट इंडिया। जानकारी अक्टूबर 2026 तक की।






टिप्पणियां (1)