Jharkhand Student Protest: झारखंड में जेपीएससी-जेएसएससी अभ्यर्थियों का आंदोलन अब भी जारी है। सरकार और छात्रों के बीच तीन दिनों तक चली लंबी वार्ता के बावजूद कोई ठोस सहमति नहीं बन सकी। राज्य सरकार ने 14वीं जेपीएससी परीक्षा के साथ बैकलॉग-23 और बैकलॉग-25 परीक्षाएं रद्द करने पर हामी भर दी है। लेकिन सीजीएल परीक्षा को पूरी तरह रद्द करने की मांग पर सरकार ने असमर्थता जताई। नतीजतन छात्र आज झारखंड विधानसभा भवन का घेराव करने जा रहे हैं। यह प्रदर्शन 16 दिनों से ज्यादा समय से चल रहा है और अब हालात और तनावपूर्ण हो गए हैं। मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इन बातों की जानकारी दी।
Jharkhand Student Protest: सरकार और छात्रों के बीच तीन दिन चली वार्ता बेनतीजा
झारखंड सरकार और जेपीएससी-जेएसएससी अभ्यर्थियों के बीच पिछले तीन दिनों से मैराथन चर्चा चल रही थी। दोनों पक्ष कई दौर की बैठकों में शामिल हुए। मुख्य मुद्दे परीक्षाओं में गड़बड़ी की जांच, संदिग्ध परीक्षाओं को रद्द करना और भविष्य में ऐसी गड़बड़ियों को रोकने के लिए सिस्टम में सुधार थे। मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने बताया कि सरकार ने कई मांगों पर सहमति जताई। फिर भी छात्र पूरी तरह संतुष्ट नहीं हुए। इससे आंदोलन की स्थिति जस की तस बनी हुई है।
14वीं जेपीएससी परीक्षा में अनियमितताओं पर कार्रवाई
14वीं जेपीएससी परीक्षा में अनियमितताओं के संकेत मिलने के बाद राज्य सरकार ने तुरंत कदम उठाए। विभिन्न जगहों पर छापेमारी की गई और डिजिटल तथा दस्तावेजी सबूत जब्त किए गए। संदिग्ध लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। बाद में उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। जेपीएससी के चेयरमैन और सभी सदस्यों ने इस्तीफा दे दिया है। सरकार ने इस पूरे मामले की जांच सीआईडी से कराने का फैसला लिया है।
Jharkhand Student Protest: बैकलॉग परीक्षाएं रद्द करने पर सरकार की सहमति
मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने साफ कहा कि सरकार 14वीं जेपीएससी परीक्षा के साथ बैकलॉग-23 और बैकलॉग-25 परीक्षाओं को भी रद्द करने के लिए तैयार है। टीडीपीएल से जुड़े आरोपों को गंभीरता से लिया गया है। उसके द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं की विस्तृत जांच कराने का फैसला किया गया है। अगर जांच में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी सामने आती है तो आगे के फैसले उसी आधार पर लिए जाएंगे। यह कदम छात्रों की एक बड़ी मांग को पूरा करने की दिशा में माना जा रहा है।
सीजीएल परीक्षा रद्द करने पर अड़चन
शुरुआत में छात्रों की मुख्य मांग जेपीएससी परीक्षा को लेकर थी। बाद में उन्होंने सीजीएल परीक्षा की पूरी प्रक्रिया रद्द करने की बात भी जोड़ दी। सरकार का कहना है कि सीजीएल की जांच और भर्ती प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट की निगरानी में चली है। इसलिए राज्य सरकार इसे अपने स्तर से रद्द नहीं कर सकती। हालांकि सरकार ने सीजीएल मामले की जांच की निगरानी के लिए हाई कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में समिति बनाने का प्रस्ताव दिया है। छात्र इस प्रस्ताव से सहमत नहीं दिखे।
Jharkhand Student Protest: 90 दिनों में जांच पूरी करने का आश्वासन
मंत्री ने बताया कि जांच के दो पहलू हैं। आपराधिक साजिश की जांच सीआईडी करेगी। वित्तीय प्रभाव वाले मुद्दों के लिए प्रवर्तन निदेशालय को शामिल करने का अनुरोध भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि पहले और दूसरी जेपीएससी परीक्षाओं की सीबीआई जांच दो दशक बाद भी पूरा नतीजा नहीं दे सकी। इसलिए सरकार ने छात्रों को आश्वासन दिया कि सीआईडी 90 दिनों के अंदर जांच पूरी करेगी। फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए मामला आगे बढ़ाया जाएगा। इसके बावजूद छात्र पक्ष संतुष्ट नहीं हुआ।
16 दिनों से जारी आंदोलन और आज का घेराव
जेपीएससी-जेएसएससी अभ्यर्थियों का यह विरोध प्रदर्शन 16 दिनों से अधिक समय से चल रहा है। सरकार के साथ कई बैठकों के बावजूद छात्र अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। प्रदर्शनकारियों और छात्र नेताओं ने चेतावनी दी है कि अगर मांगें पूरी नहीं होतीं तो 10 अगस्त को झारखंड विधानसभा भवन का भारी घेराव किया जाएगा। इस चेतावनी के बाद राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। दोनों पक्षों के बीच तनाव बरकरार है।
Jharkhand Student Protest: भविष्य में सुधार और सिस्टम बदलने की बात
वार्ता के दौरान सरकार ने भविष्य में ऐसी समस्याओं को रोकने के लिए सिस्टम और एसओपी में सुधार करने की बात भी कही। परीक्षा प्रक्रिया को और पारदर्शी बनाने पर जोर दिया गया। छात्रों का कहना है कि सिर्फ आश्वासन काफी नहीं है। उन्हें ठोस कार्रवाई चाहिए। सरकार का रुख है कि कानूनी सीमाओं के अंदर ही फैसले लिए जा सकते हैं। दोनों पक्षों की यह दूरी आंदोलन को और लंबा खींच सकती है।
झारखंड में जेपीएससी-जेएसएससी अभ्यर्थियों का आंदोलन अब नए मोड़ पर पहुंच गया है। सरकार ने 14वीं जेपीएससी और बैकलॉग परीक्षाएं रद्द करने समेत कई महत्वपूर्ण मांगें मान ली हैं। सीआईडी जांच और 90 दिनों का समयबद्ध आश्वासन भी दिया गया है। लेकिन सीजीएल परीक्षा को लेकर दोनों पक्षों में खाई बनी हुई है। छात्र आज विधानसभा घेराव करने जा रहे हैं। इस पूरे प्रकरण से राज्य की भर्ती व्यवस्था पर सवाल उठे हैं। आगे की स्थिति इस बात पर निर्भर करेगी कि दोनों पक्ष कितना लचीला रुख अपनाते हैं। अभ्यर्थियों का भविष्य और परीक्षा व्यवस्था की साख दोनों दांव पर हैं।
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