परिचय

श्रावण मास की पंचमी तिथि को नाग देवताओं की पूजा की जाती है, जिससे कालसर्प दोष व सर्प भय से मुक्ति मिलती है।

शुभ मुहूर्त एवं समय

श्रावण शुक्ल पंचमी के दिन प्रातःकाल पूजा करना शुभ माना जाता है।

आवश्यक पूजा सामग्री

  • नाग देवता की प्रतिमा/चित्र
  • कच्चा दूध
  • हल्दी व चंदन
  • फूल

पूजा विधि (चरण दर चरण)

  1. नाग देवता के चित्र/प्रतिमा को स्नान कराएं।
  2. कच्चा दूध व हल्दी अर्पित करें।
  3. धूप-दीप दिखाकर मंत्र जाप करें।
  4. जीवित सर्प को हानि न पहुंचाएं, प्रतीकात्मक पूजा करें।

मंत्र

मुख्य मंत्र: ॐ नागदेवाय नमः

लाभ एवं महत्व

कालसर्प दोष में शांति मिलती है, सर्प भय व अनिष्ट से सुरक्षा होती है।

सावधानियां

जीवित सर्पों को दूध पिलाना वैज्ञानिक रूप से हानिकारक है, इसके स्थान पर प्रतीकात्मक पूजा करें।

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